
इंग्लिश मीडियम प्राथमिक विद्यालय में धूमधाम से मना मातृ दिवस
बच्चों की प्रथम गुरु होती है माँ - शुभा प्रेम
दुद्धी, सोनभद्र– स्थानीय ब्लॉक संसाधन क्षेत्र के प्राथमिक विद्यालय कलकल्लीबहरा प्रथम में मातृ दिवस बड़े ही उत्साह व धूमधाम से मनाया गया। मुख्य अतिथि शुभा प्रेम बनवासी सेवा आश्रम ने कहा कि मां के बिना परिवार हो या समाज आदि को चलाना असंभव है। मां के बिना समाज पूरा कभी नहीं हो सकता। बच्चे जो बड़े होकर समाज में विभिन्न क्षेत्रों में अपना नाम रोशन कर रहे हैं, इसका श्रेय मां को जाता है। मां ही बच्चों की पहली गुरु होती है।उन्हें बच्चों को एक ऐसा मार्गदर्शन देना चाहिए जिस दिशा में बच्चे की रुचि हो, उसे उसी दिशा में भेजकर उसकी मंशा को पूर्ण करने में मदद करना ही माँ का असली धर्म है। बच्चों के भीतर रुचि पैदा करना होगा। मां अपने विभिन्न रूपों में समाज में अपने दायित्व को पूरी तरह से संभाल रही है, चाहे बच्चों के लिए मां की भूमिका हो वो विभिन्न क्षेत्रों में भूमिका निभा रही हैं।

विशिष्ट अतिथि खण्ड शिक्षा अधिकारी आलोक कुमार ने कहा कि लड़का हो या लड़की सभी एक समान हैं। महिला मां के रूप में अपने परिवार का पोषण का दायित्व निभाती है। इस कार्यक्रम में अभिभावकों का उपस्थिति से स्पष्ट है कि स्कूल में बच्चों का उपस्थिति 100 फीसद है। इसके पूर्व कार्य का शुभारंभ माँ सरस्वती की मूर्ति स्थापित कर विधिवत पूजन पाठ कर किया गया। स्कूल के बच्चों ने अपनी माँ को सामने खड़ा कर आरती उतारकर आशीर्वाद ग्रहण किया। कार्यक्रम का संचालन स्कूल की प्रिंसिपल वर्षा रानी जायसवाल ने किया। इस अवसर पर डॉ रीता रॉय, शैलेश मोहन, सुमन उपाध्याय, सरिता देवी, सुषमा जायसवाल, देवनाथ, ग्राम प्रधान सुरेश चंद्र, सरिता वार्ष्णेय, सरिता, अविनाश गुप्ता, लक्ष्मी पूरी सिंह, एसएमसी अध्यक्ष विनोद कुमार, बालकृष्ण जायसवाल, निखिल कुमार सहित लोग उपस्थित रहे।



