
मथुरा । मथुरा में श्रीकृष्ण जन्मस्थान के 10 किमी परिधि में आने वाली शराब, बीयर और भांग की 29 दुकानों पर बुधवार को ताला जड़ दिया गया है। शराब की दुकानें बंद होने से आबकारी विभाग को करीब 40 करोड़ के राजस्व का नुकसान हुआ है। दुकानें बंद होने से शराब के शौकीन लोगों को अब अपना शौक पूरा करने के लिए दूसरे क्षेत्रों में जाना पड़ेगा।
गौरतलब हो कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मथुरा आगमन पर 10 सितंबर 2021 को तीर्थस्थल घोषित करते हुए श्रीकृष्ण जन्मस्थान के आसपास मांस और शराब की बिक्री पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगाने की घोषणा की थी। प्रदेश सरकार से नोटिफिकेशन जारी होने के बाद मांस की बिक्री पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा दिया गया था, लेकिन शराब की दुकानें बाकायदा चल रही थीं। दो दिन पहले प्रशासन को शराब की दुकानों को तत्काल प्रभाव से बंद करने का आदेश मिला। इसके बाद जिला आबकारी विभाग ने इन दुकानों पर पूरी तरह से शराब की बिक्री पर प्रतिबंध लगा दिया है। अब एक जून से यह शराब की दुकानें पूरी तरह से बंद करा दी गई हैं।
इस परिधि में 22 वार्ड की 38 दुकानें आ रही थीं, जिनको बंद किया जाना था। इस वित्तीय वर्ष में नौ दुकानों का नवीनीकरण नहीं हो सका । इसमें तीन देसी, एक अंग्रेजी, तीन बीयर, एक भांग और एक माडल शाप शामिल थीं। शेष 29 दुकानों को बुधवार से बंद करा दिया गया। इसमें सात देसी, सात विदेशी, आठ बीयर, छह भांग की दुकान है। एक माडल शाप भी बंद कराई गई है। दो बार भी बंद कराने के आदेश कर दिए गए। इन दुकानों के बंद होने से विभाग को चालीस करोड़ के राजस्व का नुकसान उठाना पड़ेगा। जिले में कुल 698 दुकान हैं। इसमें 184 देशी, 211 अंग्रेजी, 240 बीयर, नौ माडल शाप और 54 भांग की दुकान शामिल हैं।
जिला आबकारी अधिकारी कुमार प्रभात चंद ने बताया कि 29 दुकानों को बंद करा दिया गया है। इसके अलावा नौ दुकान पहले ही बंद थीं, इनका नवीनीकरण नहीं हो सका था।नगर आयुक्त अनुनय झा ने बताया कि शहर के 22 वार्डों में शराब, बीयर, भांग, बार और मॉडल शॉप को बंद करने की कार्रवाई आबकारी विभाग कर रहा है। 1 जून से इन दुकानों से बिक्री पूरी तरह से प्रतिबंधित रहेगी।(हि.स.)



