
कानपुर । कानपुर हिंसा में शामिल रहे उपद्रवियों की सभी बिन्दुओं पर जांच हो रही है। उपद्रवियों ने कहां-कहां अवैध निर्माण किया है और अवैध निर्माण में उनका कहां पर पैसा लगा है। इसकी जानकारी जुटाई जा रही है और ध्वस्तीकरण का जो अभियान शुरु हुआ है, वह आगे भी जारी रहेगा। यह बातें शनिवार को संयुक्त पुलिस आयुक्त आनंद प्रकाश तिवारी ने कही।
बेकनगंज की नई सड़क में तीन जून को उस समय बवाल हो गया था जब कानपुर देहात में राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, राज्यपाल आनंदी बेन पटेल और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ एक कार्यक्रम में थे। इसके बाद प्रशासन और पुलिस ने हिंसा के आरोपियों पर सख्त कदम उठाते हुए गिरफ्तारियां तेज कर दी। अब तक मास्टर माइंड हयात जफर हाशमी सहित 54 आरोपियों को जेल भेजा जा चुका है।
गिरफ्तारियों के साथ ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सख्त निर्देश पर अब पुलिस उपद्रवियों और उनके करीबियों पर बुलडोजर की भी कार्रवाई शुरु कर दी।शनिवार को कानपुर विकास प्राधिकरण (केडीए) के अधिकारियों ने भारी फोर्स के साथ बेनाझाबार स्थित मोहम्मद इश्तियाक के कामर्शियल भवन पहुंचे। अधिकारियों के आदेश पर बुलडोजर से भवन को ध्वस्त कर दिया गया। बताया गया कि इश्तियाककानपुर हिंसा मामले के मुख्य आरोपी हयात जफर हाशमी का रिश्तेदार है और इस भवन में हयात का भी रुपया लगा है।
अधिकारियों का कहना
इस पर केडीए सचिव शत्रोहन वैश्य ने कहा कि यह केडीए की रुटीन कार्यवाही है। इसके पहले भी इश्तियाक को अवैध निर्माण को लेकर नोटिस भेजा गया था और भवन को सीज भी कर दिया गया था। इन सबके बाद भी उसने भवन का निर्माण कराया और आज ध्वस्तीकरण कर दिया गया। बताया कि इश्तियाक ने आवासीय भवन का नक्शा पास कराया था और कामर्शियल भवन बना लिया।
संयुक्त पुलिस आयुक्त आनंद प्रकाश तिवारी ने बताया कि कानपुर हिंसा की सभी बिन्दुओं पर जांच की जा रही है। उपद्रवियों ने कहां कहां पर अवैध निर्माण किया है और कहां पर अवैध निर्माण में उनका रुपया लगा है। जांच में पाया गया है कि हयात का रुपया इश्तियाक के अवैध भवन पर लगा है और ध्वस्तीकरण की कार्यवाही केडीए द्वारा की गई है। आगे भी उपद्रवियों के सभी अवैध भवनों पर ध्वस्तीकरण की कार्यवाही होती रहेगी।
जेल में उपद्रवियों की जांच करने पहुंचे प्रशासनिक अफसर
जिला कारागार में बंद कानपुर हिंसा के अभियुक्तों की जांच करने प्रशासनिक अफसर जेल पहुंचे। अधिकारियों ने अन्य कैदियों से वार्ता की और पूंछा कि हिंसा के उपद्रवी परेशान तो नहीं कर रहे हैं। इस पर कैदियों द्वारा बताया गया कि ऐसा कुछ नहीं है, सभी लोग जेल के नियमों का पालन कर रहे हैं।
दरअसल, सोशल मीडिया में ऐसी खबरें चल रही थी कि जेल में बंद कानपुर हिंसा के उपद्रवी जेल में भी उपद्रव कर रहे हैं। दूसरे समुदाय के लोगों को परेशान कर रहे हैं। इसको लेकर जिलाधिकारी विशाख जी अय्यर के निर्देश पर शनिवार को अपर जिलाधिकारी भू-अध्याप्ति सत्येन्द्र कुमार, उप जिलाधिकारी नगर अनुराज जैन और अपर पुलिस उपायुक्त अशोक कुमार ने जेल पहुंचकर निरीक्षण किया। अधिकारियों ने उन बैरकों पर पहुंचे जहां पर उपद्रवी बंद हैं। उनके आस पास बंद दूसरे समुदाय के बंदियों से गहन चर्चा की। पूछा गया कि हिंसा के उपद्रवी परेशान तो नहीं कर रहे हैं। किसी प्रकार का उपद्रव तो नहीं कर रहे हैं।
इस पर बताया गया कि ऐसा कुछ नहीं है सभी लोग जेल के नियमों का पालन कर रहे हैं। किसी को भी किसी प्रकार की परेशानी नहीं है। अधिकारियों ने दूसरे समुदाय के बंदियों से एक एक करके अलग से बातचीत की। लेकिन किसी ने भी उपद्रव की बात का समर्थन नहीं किया।अपर जिलाधिकारी ने बताया कि उपद्रवियों को सख्त हिदायत दी गई है कि किसी भी प्रकार ऐसा कोई कार्य न करें, जिससे दूसरे कैदियों को परेशानी हो। उन्होंने बताया कि उपद्रवियों के उपद्रव की खबर पूरी तरह से तथ्यहीन साबित हुई है।(हि.स.)।



