
श्रमिक बस्तियों के स्वामित्व को लेकर सरकार गंभीर : जितिन प्रसाद
कानपुर । कानपुर में श्रमिक बस्तियों का मामला कई वर्षों से लटका हुआ है और इसको लेकर बराबर भाजपा नेता सरकार से हस्तक्षेप करने की मांग कर रहे हैं। इसी क्रम में शनिवार को भाजपा नेता डा. शैलेन्द्र दीक्षित ने शहर आए प्रभारी मंत्री व लोक निर्माण मंत्री जितिन प्रसाद के समझ मामले को रखा। इस पर मंत्री ने कहा कि सरकार श्रमिक बस्तियों के स्वामित्व को लेकर गंभीर है जल्द ही हल निकाला जाएगा।
उत्तर प्रदेश में श्रमिक बस्तियों के स्वामित्व का मामला अभी तक अधर में लटका हुआ है। सरकार की तरफ इसका ध्यान आकर्षित कराने के लिए सर्किट हाउस में संगठन की बैठक के दौरान उ.प्र.श्रमिक बस्ती महासंघ के अध्यक्ष और भाजपा नेता डॉ शैलेंद्र दीक्षित ने कानपुर के प्रभारी मंत्री जितिन प्रसाद के समक्ष यह मामला उठाया। डा.दीक्षित ने मंत्री को अवगत कराया कि कानपुर में लगभग 18000 मकान श्रमिक कालोनियों के अंतर्गत आते हैं। इनके स्वामित्व का मामला लंबे समय से शासन के पास विचाराधीन है। इसके बावजूद शहर के श्रम विभाग के अधिकारी व पुलिस वहां के निवासियों का शोषण करने के लिए उन्हें तमाम तरीके की नोटिस भेजते रहते हैं। डा. दीक्षित ने अपनी मांग में कहा दिल्ली और उड़ीसा की तर्ज पर उत्तर प्रदेश में भी श्रमिक बस्तियों का स्वामित्व वहां के निवासियों को दिया जाए, जिससे श्रमिक बस्तियों में रहने वाले लोगों को न्याय मिल सके।
दलित के घर जमीन पर बैठकर कैबिनेट मंत्री जितिन प्रसाद ने खाई खिचड़ी
शहर पहुंचे लोक निर्माण मंत्री व प्रभारी मंत्री जितिन प्रसाद दो अन्य मंत्रियों के साथ दलित के घर जमीन पर बैठकर खिचड़ी भोज किया। उन्होंने इस दौरान कहा कि भाजपा सरकार में जन कल्याणकारी योजनाओं का लाभ गरीबों तक पारदर्शिता के साथ पहुंच रहा है। उत्तर प्रदेश सरकार में लोक निर्माण मंत्री जितिन प्रसाद, स्वतंत्र प्रभार मंत्री कपिल देव अग्रवाल और स्वास्थ्य राज्य मंत्री मयंकेश्वर शरण सिंह शनिवार को गुजैनी गांव की मलिन बस्ती पहुंचे। जहां उन्होंने स्थानीय लोगों से मुलाकात कर सरकारी योजनाओं और समस्यायों के संबंध में जानकारी ली।
जनता की सीवर, पेयजल समेत कई समस्याओं पर जितिन प्रसाद ने अधिकारियों को फटकार लगाते हुए जल्द निस्तारण के आदेश दिए।इसके बाद तीनों मंत्रियों ने प्रधानमंत्री आवास योजना के लाभार्थी रामदेवी के घर जमीन में बैठकर खिचड़ी, दही,अचार और गुड़ खाया। इसके बाद उन्होंने खिचड़ी की तारीफ करते हुए एक और बार खिचड़ी लेकर खाई। मीडिया से बात करते हुए जितिन प्रसाद ने कहा कि सभी अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए है कि सरकार की जन लाभकारी योजनाओं का लाभ हर व्यक्ति तक पहुंचाया जाए।
कैबिनेट मंत्री जितिन प्रसाद से पुरानी पेंशन बहाली की उठाई गई मांग
विधानसभा चुनाव में पुरानी पेंशन बहाली का मुद्दा खूब छाया रहा और अब कर्मचारी नेता इसको बराबर आगे बढ़ा रहे हैं। इसी क्रम में शनिवार को शहर पहुंचे कैबिनेट मंत्री जितिन प्रसाद के सामने भी पुरानी पेंशन बहाली की कर्मचारी संगठन के नेताओं ने मांग रखी। लोक निर्माण मंत्री व कानपुर के प्रभारी मंत्री जितिन प्रसाद शनिवार को शहर पहुंचे। इस दौरान राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद कानपुर के अध्यक्ष भरत अवस्थी के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल उनसे मिला।
परिषद अध्यक्ष ने बताया कि कानपुर नगर के प्रभारी मंत्री जितिन प्रसाद से मिलकर परिषद के प्रतिनिधि मंडल ने पांच सूत्रीय मांग-पत्र दिया, जिसमें पुरानी पेंशन बहाल करने की प्रमुख मांग रखी गई।इसके साथ ही कैशलेश इलाज सुविधा जिसमें असीमित इलाज की मांग, अस्पताल आवंटन व स्वास्थ्य कार्ड शीघ्र बनवाए जाने की मांग की। वेतन विसंगति दूर कराने की, मोटर साइकिल भत्ता दिलाने की बात रखी गई। प्रतिनिधि मंडल में ए एन द्विवेदी, हरीश श्रीवास्तव, कोमल सिंह, धर्मेन्द्र अवस्थी, अजय द्विवेदी, जितेन्द्र पाल आदि उपस्थित रहें।
प्रभारी मंत्री जितिन प्रसाद के सामने भाजपा नेताओं ने पूर्व पुलिस कमिश्नर का किया गुणगान
भाजपा 2 सरकार में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ लगातार अधिकारियों और कर्मचारियों पर नकेल कस रहे हैं। इसके बावजूद कानपुर के भाजपा नेता वर्तमान हालात पर हलाकान दिख रहे हैं। इसी के चलते शनिवार को जब लोक निर्माण मंत्री व कानपुर के प्रभारी मंत्री जितिन प्रसाद सर्किट हाउस में भाजपा नेताओं से वार्ता कर रहे थे तो भाजपा नेताओं का दर्द फूट पड़ा।
भाजपा नेताओं ने कहा कि सरकार हमारी है और पुलिस हमारी सुनने को तैयार नहीं है। पूर्व पुलिस कमिश्नर असीम अरुण के समय हमारी सुनी जाती थी, लेकिन अब सपा मानसिकता के लोगों की अधिक सुनी जा रही है। यही नहीं भाजपा नेताओं ने तमाम विभागों में हो रहे भ्रष्टाचार और कार्य के प्रति हो रही लापरवाही को भी प्रभारी मंत्री के सामने रखा। इस पर प्रभारी मंत्री ने सभी से लिखित लेकर जल्द समस्या का हल करने का आश्वासन दिया।
यह रही भाजपा नेताओं की शिकायतें
भाजपा के मंडल प्रभारी ने प्रभारी मंत्री से शिकायत की कि कोहना थाना अंतर्गत सपा नेता परेशान करते हैं और झूठे मुकदमे दर्ज करा दिए हैं। इस पर एमएलसी अरुण पाठक ने भी सहमति प्रदान करते हुए कहा कि यहां कुछ लोग दबंगई कर रहे हैं। वहीं भाजपा नेता शैलेंद्र दीक्षित ने गोविंद नगर की श्रमिक कालोनियों का मुद्दा उठाते हुए मालिकाना हक दिए जाने की मांग रखी। भाजपा नेता सुनील नारंग ने गोविंद नगर में 2400 ईडब्ल्यूएस मकानों का मुद्दा उठाया।
कहा, बंटवारे के वक्त आए सिख परिवारों को बसाने के लिए कालोनी दी गई थी। 22 वर्ग गज की कालोनी जर्जर हो चुकी हैं, ऐसे में जब कोई निर्माण करता है तो केडीए के कर्मी आकर वसूली करने लगते हैं। किराया भी बढ़कर 600 रुपये हो चुका है। प्रभारी मंत्री के सामने शहर की यातायात व्यवस्था का मुद्दा भी उठाया गया। कार्यकर्ताओं ने शिकायत की कि ट्रैफिक पुलिस कर्मी जबरदस्ती परेशान करते हैं और चालान करते हैं।
कार्यकर्ताओं के साथ समन्वय बनाएं अधिकारी
जनप्रतिनिधियों और कार्यकर्ताओं की शिकायत सुनकर प्रभारी मंत्री जितिन प्रसाद ने कहा कि मुख्यमंत्री के स्पष्ट निर्देश हैं कि कार्यकर्ता और जनता की सभी समस्याओं का समाधान हो। इस समन्वय के लिए ही हम यहां आए हैं, उन्होंने अफसरों से स्पष्ट कहा कि जनप्रतिनिधियों और कार्यकर्ताओं के साथ समन्वय बनाएं और कार्यकर्ताओं को दायरे और पार्टी की मर्यादा के तहत काम करने की नसीहत दी।
प्रभारी मंत्री ने सभी शिकायतों को लिखित में लिया और कहा कि इस तरह नहीं चल पाएगा। शिकायतों की जांच कराई जाएगी और दोषियों पर कार्रवाई होगी। यह भी कहा जो सपा के लोग झूठे मुकदमे लिखवा रहे हैं उनके खिलाफ गुण्डा एक्ट भी कार्रवाई से पीछे नहीं हटा जाएगा। इस दौरान राज्यमंत्री व्यावसायिक शिक्षा कपिल देव अग्रवाल और संसदीय कार्य व चिकित्सा शिक्षा राज्यमंत्री मयंकेश्वर शरण सिंह भी मौजूद रहे।



