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गोरखपुर : आरोपित अहमद मुर्तजा ने डिलीट किया था मोबाइल से डेटा

गोरखपुर । गोरखनाथ मंदिर परिसर की सुरक्षा में तैनात सुरक्षाकर्मियों पर हमला करने वाले अहमद मुर्तजा अब्बासी को लेकर नये-नये खुलासे हो रहे हैं, जो चौकाने वाले हैं। मामले की जांच कर रही एटीएस और एसटीएफ की सयुंक्त टीम ने आरोपित से जो मोबाइल बरामद किया है, जिसका डेटा आरोपित ने पहले ही डिलीट कर दिया था। लिहाजा वह किन-किन लोगों के सम्पर्क में था और अब यह जानने के लिए सुरक्षा जांच एजेंसी उसका सीडीआर (काल डिटेल रिकॉर्ड) निकलवा रही है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर इस मामले की जांच यूपी एटीएस द्वारा किया जा रहा है। यूपी एसटीएफ भी इसमें सहयोग कर रही है। पूछताछ के लिए मिली सात दिन की रिमांड पर लेकर उसके मंसूबों के बारे में जानकारी की जा रही है। इस दौरान उसे अपनी बाइक से गोरखनाथ मंदिर तक पहुंचाने वाले उसके दो दोस्तों को भी पकड़ लिया गया है, जिनसे भी पूछताछ चल रही है। सूत्रों का कहना है कि जांच के दौरान मुर्तजा के लैपटॉप में जाकिर नायक समेत कई देश विरोधियों से जुड़े लोगों के वीडियो मिले हैं। उसके पास से मिले मजहबी किताब से गोरखपुर का नक्शा भी मिला है। जांच के दौरान मिले कई साक्ष्यों के आधार पर उससे पूछताछ चल रही है।

पत्नी ने छोड़ा साथ

अहमद मुर्तजा को निर्दोष बताने उसके पिता मुनीर अब्बासी ने दावा किया है कि उनके बेटे की दिमागी हालत ठीक नहीं है। काफी दिनों से उसका इलाज चल रहा था। इसी की वजह से उसने नौकरी भी छोड़ दी थी और उसकी पत्नी भी उसे छोड़कर अलग रहने लगी थी।

मुनीर ने बताया कि उनका बेटा पढ़ने-लिखने में काफी होशियार था। नवी मुम्बई में जब वह परिवार के साथ रहते थे तो बेटे ने डीएवी पब्लिक स्कूल में 12वीं तक की पढ़ाई की। इसके बाद उसने आईआईटी मुम्बई से केमिकल इंजीनियरिंग की। वर्ष 2015 में पास आउट होने के बाद करीब 24 साल की उम्र में वह मुंबई स्थित एक बड़ी पेट्रोकेमिकल में केमिकल इंजीनियर के पद पर काम करने लगा। लेकिन वह अक्सर दफ्तर नहीं जाता था। कमरे से निकलता नहीं था। 10 महीने बाद नौकरी छोड़ दी। इसके बाद वर्ष 2017 में उसने जामनगर में नौकरी शुरू की। अक्टूबर 2020 में उसने नौकरी छोड़ दी।

मोबाइल एप बनाता था मुर्तजा

पिता ने बताया कि गोरखपुर आने के बाद वह मोबाइल एप्लीकेशन बनाता था। पिता के अनुसार वह अक्सर परिजनों से खुदकुशी की बात करता था। उसके चलने के लिए साइकिल खरीदी गई। वह कहता था, मेरा दिल करता है कि अपनी साइकिल को किसी कार से एक्सीडेंट करा दें, जिससे मेरी जान चली जाए। पिता का कहना है कि वर्ष 2017 से ही उसका इलाज चल रहा है। पहले मनोचिकित्सक डाॅ.अरुण खन्ना का इलाज चल रहा था। उसे लगता था, उसके उपर जिन्न का साया है। पिता के मुताबिक मुर्तजा की हरकतों से डॉक्टर भी हैरान और परेशान थे। डॉक्टरों ने उसे साई मेडिकल कॉलेज अहमदाबाद के मनोचिकित्सक को रेफर किया था। अक्टूबर 2021 में वह लोग दिखाने गया था। इसके बाद वहीं पर इलाज चल रहा था।(हि.स.)

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