
उत्तम रोजगार के अवसरों वाले “सर्वोत्तम उत्तर प्रदेश” की दिखी प्रदर्शनी में झलक
यूपी के हुनरमंद कारीगरों के हुनर से सजी ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी-थ्री, काशी की गुलाबी मीनाकारी के मुरीद हुए मेहमान
- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी थ्री में विशेष प्रदर्शनी का किया शुभारंभ
- प्रदर्शनी में यूपी की संस्कृति, कला और आधुनिकता का दिखा संगम
- संस्कृति, विरासत व उत्तर प्रदेश के हुनरमंद कारीगरों के हुनर को समेटे नजर आई प्रदर्शनी
लखनऊ :प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के ‘वोकल फॉर लोकल’ मंत्र को आत्मसात करते हुए उत्तर प्रदेश सराकर ने ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी-थ्री में पूरे प्रदेश से ओडीओपी में चुने गए उत्पादों को प्रदर्शित किया गया। नए भारत के नए यूपी की झलक लिए ग्राउंड ब्रेकिंग थ्री में लगी विशेष प्रदर्शनी में परंपरा, संस्कृति और कला का आधुनिकता के साथ अद्भुत तालमेल विशिष्ट अतिथियों को देखने को मिला। प्रदर्शनी का शुभारंभ प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने किया।
गीत-संगीत, कला-संस्कृति, विरासत व उत्तर प्रदेश के हुनरमंद कारीगरों के हुनर से सजी ग्राउंउ ब्रेकिंग सेरेमनी विशिष्ट अतिथियों को अपनी ओर आकर्षित किया। यूपी की भव्यता-दिव्यता हो या यहां की विशिष्टताएं, यहां के शिल्पकारों कामगरों के हुनर हो या फिर यहां के ग्रामीण क्षेत्रों की शिल्पकारी… इन सभी को समेटेते दिखी ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी थ्री। यूपी की अलौकिक छटा, कला, शिल्पकारी से ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी में आने वाले विशिष्टि अतिथि रूबरू हुए।
प्रदेश के कारीगरों और शिल्पकारों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से लगाई गई प्रदर्शनी में यूपी की संस्कृति और विरासत को समेटे प्रदर्शनी में एक तरफ जहां लखनऊ की चिकनकारी दमक रही थी, वहीं सिद्धार्थनगर के काले नमक चावल की खुशबू लोगों का ध्यान अपनी ओर खींच रही थी। अनेकता में एकता की झलक लिए में 100 से अधिक स्टॉलों को लगाया गया है जिसमें 60 स्टॉल ओडीओपी के लगाए गए हैं।
इसके अलावा ओडीओपी में पूरे प्रदेश खासतौर पर वाराणसी की सिल्क, सहारनपुर की लकड़ी का काम, भदोही की कारपेट को प्रदर्शित किया गया है। एयरोस्पेस और डिफेंस क्षेत्र में काम करने वाली कंपनियां भी अपने उत्पाद प्रदर्शनी करने के लिए लाई हैं। इसके अलावा भी प्रदेश में ही विकसित तकनीक का उपयोग कर बनाए गए उत्पाद भी प्रदर्शनी में रखे गए हैं। इनमें सैनेटरी नैपकिन से लेकर हार्डवेयर उत्पाद तक शामिल हैं।
काशी की गुलाबी मीनाकारी के मुरीद हुए मेहमान
जहां के कण कण में पारस है उस धरती का नाम बनारस है…. काशी की सुंदरता, विशेषता, कला को समेटे जब गुलाबी मीनाकारी के स्टॉल पर मेहमान पहुंचे तो वो काशी की कला गुलाबी मीनाकारी के मुरीद हो गए। रमेश कुमार विश्वकर्मा अपने स्टॉल पर 2000 से एक लाख से अधिक कीमत के उत्पाद लेकर आए हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को भेंट करने के लिए चांदी पर गुलाबी और हरे रंग से बेहद खूबसूरत कमल बैच को डिजाइन किया है।
अयोध्या के कृष्णा कुमार ने गन्ने के वेस्ट से गो ग्रीन को बढ़ावा देने के लिए विशेष डिस्पोजबल प्लेट का स्टॉल लगाया है। इसके साथ प्रर्दशनी में कन्नैज का इत्र, मैनपुरी का तराकशी हैंडक्राफ्ट, फिरोजाबाद का ग्लास प्रोडेक्ट, चित्रकुट के वुडेन उत्पाद, बुलंदशहर के सिरेमिक प्रोडेक्ट, भदोही का कालीन, मेरठ के खेल से जुड़े उत्पाद, मुरादाबाद के मेटल क्राफ्ट, सिद्धार्थनगर का काला नमक चावल समेत दूसरे ओडीओपी उत्पादों ने लोगों का ध्यान अपनी ओर खींचा।
वेलकम किट से हुआ अतिथियों का स्वागत
राजधानी के साथ प्रदेश के दूसरे जिलों के नामचीन उत्पादों से बनी वेलकम किट से अतिथियों का सवागत किया गया। यह वेलकम किट बेहद खास है। मेहमानों को दी गई इस किट से इसकी विशेषता का अंदाजा भी मेहमानों को लगा। प्रदेश में आए इन विशेष मेहमानों को दिए गए उत्पादों में सैकड़ों साल पुराने इतिहास, उनके प्राचीन काल के महत्व और बेजोड़ कारीगरी से जुड़ी जानकारी के लिए किट पर एक विशेष कार्ड भी लगाए गए थे।
ब्रह्मोस सहित कई वेपन सिस्टम का किया गया प्रदर्शन
ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी में लगी प्रदर्शनी में रक्षा के क्षेत्र में आत्मनिर्भरता, तकनीकी उत्पादन की तरफ देश के बढ़ते कदम की झलक दिखी। प्रदर्शनी में सेना के तमाम हथियार और उपकरण को प्रदर्शित किया गया है। प्रदर्शनी में ब्रह्मोस मिसाइल आकर्षण का केंद्र रही, जिसका निर्माण लखनऊ में शुरू होने वाला है।
लखनऊ के कानपुर रोड पर ब्रह्मोस मिसाइल यूनिट और डीआरडीओ लैब का निर्माण किया जा रहा है। ब्रह्मोस यूनिट के लिए 80 हेक्टेयर से अधिक भूमि उपलब्ध कराई गई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मेक इन इंडिया के तहत लखनऊ में डिफेंस कॉरिडोर की शुरुआत की है। डीआरडीओ दोनों प्रोजेक्ट के लिए 10000 करोड़ रुपये से अधिक का निवेश कर रहा है। इससे न सिर्फ भारत की सैन्य क्षमता बढ़ेगी, बल्कि लघु, सूक्ष्म व बड़े उद्योगों को काम भी मिलेगा। साथ ही युवाओं को रोजगार भी मिलेगा।
इसके साथ ही प्रदर्शनी में आकाश, नाग, अस्त्र, एमपीएटीजीएम, कानकर्स एम-एटीजीएम, लाइट वेट टारपीडो सिस्टम के माडल भी प्रदर्शित किए गए। प्रदर्शनी में जल, थल और वायु सेना की शक्ति देखने को मिली। कार्यक्रम में आए मेहमानों ने रक्षा से जुड़े स्टालों में काफी रुचि दिखाई।
कानपुर के ‘फ्लेदर’ और वाराणसी की गुलाबी मीनाकरी के कायल हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी
ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी 3.0 में लगी प्रदर्शनी में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विभिन्न स्टॉल्स का जायजा लिया। इस दौरान कई स्टाल्स पर रुककर उन्होंने प्रोडक्ट की खूबियों के बारे में भी जानकारी हासिल की। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वाराणसी की गुलाबी मीनाकरी और कानपुर के इंक्यूबेशन सेंटर में इंक्यूबेटेड स्टार्टअप कंपनी ‘फ्लेदर’ नाम के स्टॉल पर जाकर बातचीत भी की। इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सीएम योगी आदित्यनाथ से फ्लेदर से बनी चप्पलों का इस्तेमाल वाराणसी के काशी विश्वनाथ मंदिर में इस्तेमाल किए जाने के लिए कहा।
‘फ्लेदर’ के लीड आयुष अग्निहोत्री ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्टॉल पर रुककर पूरी प्रक्रिया को जाना और इस स्टार्ट अप की तारीफ भी की। उन्होंने बताया इंटरनेशनल मार्केट में फूलों से बने फ्लेदर के प्रोडक्ट की डिमांड बहुत है। ऐसे में इन लोगों ने मंदिरों में चढ़ाए गए फूलों को इकट्ठा कर उनकी प्रोसेसिंग करके अगरबत्ती, धूपबत्ती बनानी शुरु की। यही नहीं इसके बाद इन लोगों ने फूलों से बना लेदर यानि फ्लेदर बनाया। इससे कचरा भी बहुत कम होता है और प्रदूषण भी नहीं होता। फ्लेदर से इनकी कंपनी बैग, पर्स, जैकेट, जूते और बेल्ट तैयार करती है।
आयुष ने बताया कि हम लोग पहले सिर्फ कानपुर के मंदिरों से फूल उठाते थे, लेकिन अब वाराणसी के काशी विश्वनाथ मंदिर ट्रस्ट से भी टाइअप हो गया है। अभी कानपुर, वाराणसी में दो यूनिट संचालित हो रही है। यही नहीं लगभग 25 लोगों की टीम इस प्रोजेक्ट के साथ काम कर रही है। इस दौरान केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने फ्लेदर से बुलेट प्रूफ जैकेट बने इसकी संभावनाएं खोजने की बात कही। कंपनी की स्थापना 2017 में अंकित अग्रवाल ने की थी।
वहीं वाराणसी के गुलाबी मीनाकरी के स्टॉल पर भी रुककर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शिल्पकार कुंज बिहारी सिंह से बातचीत की। इस दौरान शिल्पकार ने पीएम मोदी को चांदी पर गुलाबी मीनाकरी से बने कमल के फूल भी भेंट किया। शिल्पकार ने बताया कि प्रधानमंत्री मोदी ने टर्नओवर के साथ साथ इस कार्य में और लोगों को जोड़ने की भी बात कही। प्रधानमंत्री मोदी ने साइंस और आर्ट से बनी मैजिक बर्ड को भी उंगली से उठाकर देखा।



