
नोएडा जमीन घोटाले पर गिरीश यादव ने अखिलेश पर बोला हमला
कहा-जमीन आवंटन अनियमितता में अखिलेश की भूमिका जांच के घेरे में ,गायत्री प्रजापति,यादव सिंह जैसे लोग थे इसके ब्रांड अम्बेसडर
लखनऊ : प्रदेश सरकार के आवास एवं शहरी नियोजन राज्यमंत्री गिरीश चंद्र यादव ने सपा मुखिया अखिलेश यादव पर बड़ा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि सपा का ब्रांड ही भ्रष्टाचार था। इनके हर शासन में भ्रष्टाचार का एक नया कीर्तिमान बना। यादव सिंह और गायत्री प्रजापति जैसे चेहरें भ्रष्टाचार के ब्रांड अम्बेसडर हैं। कैग की आडिट रिपोर्ट में सामने आये नोएडा विकास प्राधिकरण का जमीन घोटाला सपा सरकार के भ्रष्टाचार की उसी कड़ी का हिस्सा है। इस घोटाले में नियम कानून को धत्ता बता कर करोड़ों की भूमि कौड़ियों के भाव आवंटित कर 58000 हजार करोड़ का घोटाला किया किया गया है। उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव को इसमें अपनी भूमिका का खुलासा करना चाहिए ।
एक बयान में राज्यमंत्री गिरीश ने कहा कि सपा सरकार का कार्यकाल अराजकता और भ्रष्टाचार का पर्याय था । कैग ने नोएडा कैग की आडिट रिपोर्ट ने जिस अनियमितता का खुलासा किया है उसमें नियमों की धज्जियां उड़ा कर मनमाने तरीके से हाऊसिंग कंपनियों को बेशकीमती जमीन को औने पौने भाव देकर बड़ा घोटाला किया गया । उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार के मामले सपा का चरित्र और चिंतन बिल्कुल समाजवादी था। इस मामले में सपा ने बुजुर्ग,युवा बेरोजगार और मरीज किसी को भी लूटने से नहीं बख्शा। सपा के मुखिया अखिलेश यादव और उनके लोगों को भले न याद हो,पर लोगों के दिलो-दिमाग पर भ्रष्टाचार ये काले कारनामे अमिट रूप से चस्पा हैं।
लोगों को बखूबी याद है कि अखिलेश के पांच साल के कार्यकाल किस तरह गायत्री प्रजापति उनकी सरपरस्ती में अरबपति बन गया।भ्रष्टाचार के अपने एक और अम्बेसडर चीफ इंजीनियर यादव सिंह को बचाने के लिए किस तरह सपा सरकार ने हाईकोर्ट से सुप्रीम कोर्ट तक एड़ी चोटी का जोर लगा दिया था। बेरोजगारों के भत्ते का करीब 20 करोड़ रुपये हजम कर गए और डकार तक नहीं ली। युवाओं को लैपटॉप देने का लॉलीपॉप दिया था उसमें भी करीब 12 करोड़ रुपए का घोटाला कर डाला। ऐसे लोग न जाने किस मुंह से बेशर्मों की तरह बेरोगरों और युवाओं की बात करते हैं। इनके घोटालों से मरीज भी नहीं बच सके। 2000 करोड़ रुपए का एम्बुलेंस घोटाला इसका सबूत है।गोमती नदी के सुंदरीकरण के नाम पर और जेपीआईएनसी के नाम पर क्रमशः 1500 और 550 करोड़ रुपए से अधिक के घोटाले आज भी हर किसी के जुबान पर हैं।



