
वाराणसी। धोखाधड़ी कर मृत पिता का फर्जी हस्ताक्षर कर कार को अपने नाम करवा लेने के मामले में आरोपित को जमानत मिल गई। जिला जज डा. अजय कृष्ण विश्वेश की अदालत ने भेलूपुर निवासी संदीप कुमार गुप्ता को 50-50 हजार रुपए की दो जमानतें एवं बंधपत्र देने पर रिहा करने का आदेश दिया। अदालत में बचाव पक्ष की अधिवक्ता अनुज यादव व विकास सिंह ने पक्ष रखा।
अभियोजन पक्ष के अनुसार भेलूपुर निवासी दुर्गेश गुप्ता ने कोर्ट के माध्यम से भेलूपुर थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। आरोप था की पिता की मृत्यु के बाद उसके व उसके भाई संदीप गुप्ता के बीच सभी चीजों का बराबर-बराबर बटवारा हो गया था। सिर्फ एक कार जो पिता के नाम पर थी, वह ऐसे ही पड़ा था। इस दौरान उसके भाई संदीप गुप्ता ने पिता को जीवित दिखाते हुए फर्जी कागजात तैयार कराकर उक्त कार को परिवहन विभाग से अपने नाम पर हस्तांतरित करवा लिया। जिसके बाद वह खुद गाड़ी का मालिक बन गया।
जमानती काम पुलिस लाइन में होने का विरोध
पिंडरा। पिंडरा तहसील के वकीलों ने गुरुवार को पुलिस शांति भंग के आशंका में किये चालान का जमानत पुलिस लाइन में लिए जाने नाराज वकीलों ने नारेबाजी की और राज्य मंत्री दयाशंकर मिश्र दयालु को पत्रक सौंपा।
तहसील बार एसोसिएशन पिंडरा के वकील सुबह बैठक कर 151 तथा 107/16 की कार्रवाई पिंडरा तहसील स्थित सीओ कार्यालय करने की मांग को लेकर नारेबाजी की और एसडीएम कार्यालय पहुंचे। एसडीएम कार्यालय पर अधिकारी नहीं मिले तो शाम को बाबतपुर एयरपोर्ट पहुंच राज्य मंत्री दयाशंकर मिश्र दयालु को मांग संबन्धित पत्रक सौंपा। वकीलों का कहना था कि ग्रामीण क्षेत्रों के थाने मजिस्ट्रेट की कार्रवाई के बाबत सुनवाई पुलिस लाइन में करते हैं ऐसे में उन्हें दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। ग्रामीणों की समस्या को देखते हुए उसे पिंडरा स्थित तहसील परिसर में कार्यालय स्थापित करने की मांग की। इस दौरान बार अध्यक्ष मनोज शुक्ला, पूर्व अध्यक्ष शिवपूजन सिंह, पंधारी यादव, अशोक पण्डेय, जयसिंह, श्याम सिंह, हरिश्चंद्र पटेल, अशोक कुमार, श्याम सिंह समेत अनेक वकील रहे।



