लखनऊ : पूर्व राज्यपाल लालजी टंडन की पुण्यतिथि पर आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमन्त्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि श्रद्धेय टण्डन जी लखनऊ की एक पहचान थे। लखनऊ के विकास के लिये और लखनऊ के माध्यम से प्रदेश को एक पहचान दिलाने के लिये उन्होंने अपना पूरा जीवन समर्पित कर दिया।
टंडन जी की प्रतिमा पर पुष्पार्पण करते हुये मुख्यमंत्री ने कहा कि पूर्व राज्यपाल, उत्तरप्रदेश सरकार में कई मुख्यमन्त्रियों के साथ अनेक विभागों को कुशल नेतृत्व देने वाले टंडन जी लखनऊ के पूर्व सांसद श्रद्धेय अटल बिहारी बाजपेयी जी के अनन्य सहयोगी थे। इस अवसर मुख्यमंत्री योगी ने उत्तर प्रदेश शासन और पूरे प्रदेशवासियों की ओर से उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित की।
उन्होंने कहा कि कोई भी राजनीतिक दल ऐसा नहीं था जो टण्डन जी के बारे में कोई निगेटिव टिप्पणी करता रहा हो। अपनी सहज, सरल और संवेदनशील दृष्टि के कारण वे सबके थे। उन्होंने सबको अपने साथ जोड़ा और पार्टी के साथ पाँच दशक से भी अधिक समय तक पार्षद से लेकर राज्यपाल तक की अपनी कुशलतम यात्रा को पूरा करते हुए आज से दो वर्ष पहले आज ही के दिन अपनी भौतिक काया को विसर्जित करते हुये अपनी अंतिम यात्रा पर निकले।
टण्डन जी की स्मृतियों को साझा करते हुये उन्होंने कहा कि लखनऊ के समग्र विकास के लिये और लखनऊ की व्यवस्था, लखनऊ के अतीत के साथ जुड़ी हुई उनकी तमाम स्मृतियाँ हर उम्र के लोगों के साथ आज भी जुड़ी हुयी हैं और उन्होंने अपनी कुछ स्मृतियों को तो “अनकहा लखनऊ” कृति के माध्यम से भी समाज को देने का प्रयास किया। आज वे भौतिक रूप से हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन हम सभी के दिलों में वह सदैव रहेंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि टण्डन जी की पहली पुण्यतिथि पर लखनऊ में उनकी भव्य प्रतिमा स्थापित की गयी। मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि लखनऊ के समग्र विकास, श्रद्धेय अटल जी के सपनों को साकार करने और भारतीय जनता पार्टी की विचारधारा को नयी ऊँचाइयों तक ले जाने में उनका योगदान अविस्मरणीय रहेगा।



