
वर्तमान में एमएसएमई टैक्नोलॉजी की ताकत का इस्तेमाल करते हुए बाजारों तक व्यापक पहुंच बना रहे हैं-वर्मा
बुनकर एवं छोटे-छोटे कारीगर देश की अर्थव्यवस्था के बहुत बड़े एवं महत्वपूर्ण अंग है-नवनीत सहगल
वाराणसी। देश के स्वदेशी ई-कॉमर्स मार्केटप्लेस फ्लिपकार्ट ने रविवार को वाराणसी के कारीगरों, बुनकरों और नि:शक्त जनों को राष्ट्रीय बाज़ार तक पहुंच उपलब्ध कराने के लिए जिला प्रशासन वाराणसी, उत्तर प्रदेश सरकार के साथ एक समझौता ज्ञापन (MOU) पर हस्ताक्षर करने की घोषणा की। इस भागीदारी के माध्यम से राज्य की लोकप्रिय चीजें जैसे-बनारसी साड़ियां, हाथ से बनी कालीनें, ज़रदोजी शिल्प और हाथ से बनी दरियां फ्लिपकार्ट प्लेटफॉर्म पर 40 करोड़ ग्राहकों के लिए उपलब्ध होंगी।
फ्लिपकार्ट समर्थ कार्यक्रम प्रशिक्षण और समयबद्ध इंक्यूबेशन की मदद उपलब्ध कराएगा जिससे कारीगरों, बुनकरों, नि:शक्त जनों और शिल्पकारों को ई-कॉमर्स के माध्यम से अपने कारोबार का विस्तार करने में मदद मिलेगी। इस एमओयू पर हस्ताक्षर चौकाघाट स्थित पदम विभूषण गिरिजा देवी सांस्कृतिक संकुल में आयोजित एक समारोह में केंद्रीय सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम राज्यमंत्री भानु प्रताप सिंह वर्मा, उत्तर प्रदेश के स्टांप एवं न्यायालय पंजीयन शुल्क राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) रविंद्र जायसवाल सहित अपर मुख्य सचिव एमएसएमई नवनीत सहगल, कमिश्नर दीपक अग्रवाल सहित उमेश कुमार सिंह संयुक्त आयुक्त उद्योग विभाग, और रजनीश कुमार चीफ कॉर्पोरेट अफेयर्स ऑफिसर, फ्लिपकार्ट ग्रुप की उपस्थिति में किए गए। कार्यक्रम में वाराणसी के कारीगरों, बुनकरों, नि:शक्त लोगों और शिल्पकारों को समाज के प्रति उनके योगदान के लिए अतिथियों की ओर से सम्मानित भी किया गया।
इस प्रयास के बारे में केंद्रीय सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम राज्यमंत्री भानु प्रताप सिंह वर्मा ने कहा कि वर्तमान में एमएसएमई टैक्नोलॉजी की ताकत का इस्तेमाल करते हुए बाजारों तक व्यापक पहुंच बना रहे हैं। ई-कॉमर्स के जरिए देशभर में ग्राहक राज्य विशेष के विशिष्ट उत्पादों जैसे बनारसी साड़ियों, हाथ के बुने कालीनों, ज़रदोज़ी क्राफ्ट, मैटल क्राफ्ट और हाथ की बनी दरियों को खरीदने में समर्थ बनते हैं। एमएसएमई का विकास एवं डिजिटल परिदृश्य में बदलाव देश को $5 अर्थव्यवस्था बनने का सपना साकार करने में मदद कर रहे हैं। उत्तर प्रदेश के स्टांप एवं न्यायालय पंजीयन शुल्क राज्य मंत्री रविंद्र जायसवाल ने संबोधित करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र में बुनकरों एवं कारीगरों के उत्पादों को घर बैठे ऑनलाइन खरीद फरोख्त करने का इतना बड़ा कदम देश की अर्थव्यवस्था के लिए मील का पत्थर साबित होगा।
अपर मुख्य सचिव एमएसएमई नवनीत सहगल ने कहा कि बुनकर एवं छोटे-छोटे कारीगर देश की अर्थव्यवस्था के बहुत बड़े एवं महत्वपूर्ण अंग है। उन्होंने कहा कि देश एवं प्रदेश की अर्थव्यवस्था के लिए जहां बहुत बड़े-बड़े उद्योग की आवश्यकता है, वही बुनकरो एवं कारीगरों के बगैर यह आगे नहीं बढ़ पाएगा और इसी के लिए यह प्रयास किए जा रहे हैं। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ इसी को दृष्टिगत रखते हुए विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना योजना प्रदेश में लागू किया गया। जिसका मुख्य रूप से उद्देश्य कहा कि छोटे-छोटे उद्योग एवं इससे जुड़े कारीगरों को प्रोत्साहित किया जा सके। बैंकों से इन्हें आसानी से ऋण प्राप्त हो सके। साहूकारों के चक्कर में पड़ कर इन्हें बेवजह परेशान न होना पड़े। साथ ही इनके बनाए वस्तु एवं उत्पाद को बिक्री के लिए सही प्लेटफॉर्म मिले और आज फ्लिपकार्ट के साथ किया गया एमओयू एक महत्वपूर्ण एवं सार्थक प्रयास है। इससे घर बैठे ऑनलाइन खरीद फरोख्त लोग कर सकेंगे। अपर मुख्य सचिव नवनीत सहगल ने बताया कि फ्लिपकार्ट ने पिछले साल ऐसे ही कारीगरों के उत्पादों को 1600 करोड़ का बेचा हैं।
इस भागीदारी के बारे में रजनीश कुमार, चीफ कॉर्पोरेट अफेयर्स ऑफिसर, फ्लिपकार्ट ग्रुप ने कहा कि हम लाखों स्थानीय कारोबारों को ई-कॉमर्स अपनाने में मदद कर भारत के आर्थिक विकास के सफर का हिस्सा बनने को लेकर उत्साहित और प्रतिबद्ध हैं। हम उनके कारोबार का डिजिटलीकरण कर फ्लिपकार्ट ई-कॉमर्स मार्केटप्लेस के माध्यम से वृद्धि के अवसरों को टटोलने में उनकी मदद करने पर ध्यान जमा रहे हैं। हम उत्तर प्रदेश में अपनी सक्रियता बढ़ाकर इस एमओयू के माध्यम से लाखों नए अवसर और नई नौकरियां पैदा करते हुए खुशी महसूस कर रहे हैं। साथ ही हम देश की आज़ादी के अमृत महोत्सव से कुछ ही दिन पहले आयोजित होने वाले राष्ट्रीय हरकरघा दिवस के मौके पर वाराणसी में लघु कारोबारों, बुनकरों, कारीगरों आदि के लिए ई-कॉमर्स के क्षेत्र में विस्तार के अवसर उपलब्ध करा रहे हैं।
फ्लिपकार्ट समर्थ की शुरुआत 2019 में देशव्यापी अभियान के तौर पर की गई थी। जिसका लक्ष्य देश भर के एमएसएमई, कारीगरों और पिछड़े तबकों को ई-कॉमर्स के माध्यम से वृद्धि के अवसर उपलब्ध कराना है। इस कार्यक्रम का प्राथमिक उद्देश्य देश के पिछड़े समुदायों और कंपनियों को स्थायी एवं समावेशी प्लेटफॉर्म और उन्हें जीवनयापन के बेहतर अवसर उपलब्ध कराना है। फ्लिपकार्ट समर्थ, इन छोटे कारोबारों को फ्लिपकार्ट मार्केटप्लेस पर अपना कारोबार स्थापित करने में मदद करने के लिए सीमित समय के लिए इंक्यूबेशन, ऑनबोर्डिंग में सहायता, मुफ्त में कैटलॉग बनाने, मार्केटिंग से जुड़ी सहायता उपलब्ध कराने, अकाउंट की देखभाल करने, कारोबार से जुड़ी अहम जानकारी उपलब्ध कराने के साथ-साथ वेयरहाउसिंग से जुड़ी मदद देता है।



