सीडीएस जनरल रावत को श्रद्धांजलि देने के लिए लगा तांता
प्रमुख रक्षा अध्यक्ष (सीडीएस) जनरल बिपिन रावत के पार्थिव शरीर के अंतिम दर्शन के लिए राजधानी में उनके सरकारी निवास तीन कामराज मार्ग पर केन्द्रीय मंत्रियों, मुख्यमंत्रियों, राजनेताओं और विभिन्न देशों के राजनीतिक प्रतिनिधियों का तांता लगा हुआ है।जनरल रावत का शव लोगों के अंतिम दर्शन के लिए उनके सरकारी आवास पर रखा गया। देश के पहले सीडीएस जनरल रावत की अंतिम यात्रा आज दोपहर दो बजे कामराज मार्ग से शुरू होगी और उनके पार्थिव शव को दिल्ली छावनी क्षेत्र में बरार स्कवायर शव दाह गृह ले जाया जाएगा और वहां उन्हें पूर्ण सैनिक सम्मान के साथ अग्नि को समर्पित किया जाएगा।

सीडीएस जनरल रावत के अंतिम दर्शन के लिए उनके आवास पर आने वाले गणमान्य लोगों में गृह मंत्री अमित शाह, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल, केन्द्रीय मंत्री जितेन्द्र सिंह, केन्द्रीय मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत, जम्मू कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा, पूर्व रक्षा मंत्री शरद पवार, उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और कांग्रेस नेता राहुल गांधी, राज्यसभा में कांग्रेस नेता मल्लिार्जुन खडगे, वायु सेना प्रमुख गणमान्य लोग पहुंचे।थल सेना अध्यक्ष जनरल एम एम नरवणे, एयर चीफ मार्शल विवेक राम चौधरी, नौ सेना प्रमुख एडमिरल आर हरिकुमार ने सीडीएस के निवास पर जाकर उन्हें पुष्पांजलि अर्पित की।जनरल रावत का शव गुरुवार रात कुन्नूर से सेना के विशेष विमान से राजधानी के पालम हवाई अड्डे लाया गया।
जहां प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह एवं राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल एवं तीनों सेना के प्रमुख ने उनके तथा उनके साथ कुन्नूर हेलीकॉप्टर हादसे में बुधवार को मृत जनरल रावत की पत्नी मधुलिका रावत और सेना के अन्य 11 अधिकारियों के पार्थिव शरीर पर पुष्पांजलि अर्पित की थी।कुन्नूर हेलीकॉप्टर हादसे में सीडीएस जनरल बिपिन रावत के व्यक्तिगत सुरक्षा अधिकारी पीएसओ लांस नायक बी साई तेजा, स्क्वाड्रन लीडर कुलदीप सिंह, हवलदार सतपाल राई, जनरल रावत के रक्षा सलाहकार ब्रिगेडियर लखबिंदर सिंह लिड्डर, जनरल रावत के स्टाफ अफसर लेफ्टिनेंट कर्नल हरजिंदर सिंह, जनरल रावत के पीएसओ लांस नायक विवेक कुमार – 1 पैरा (स्पेशल फोर्सेस), नायक गुरुसेवक सिंह – 9 पैरा (स्पेशल फोर्सेस) विंग कमांडर पीएस चौहान, जेडब्ल्यूओ राणा प्रताप दास, जेडब्ल्यूओ प्रदीप की भी मौत हो गयी। जबकि इस हादसे में बचे ग्रुप कैप्टन वरुण सिंह को बेहतर उपचार के लिए बेंगलुर भेजा गया है।सभी शहीद सैनिकों का अंतिम संस्कार उनके परिजनों की सहमति से किया जाएगा।
जनरल रावत को 800 सैन्यकर्मियों की मौजूदगी में दी जाएगी 17 तोपों की सलामी
देश के पहले प्रमुख रक्षा अध्यक्ष जनरल बिपिन रावत का अंतिम संस्कार शुक्रवार को दोपहर बाद पूर्ण सैन्य सम्मान के साथ किया जाएगा और उन्हें 17 तोपों की सलामी दी जाएगी। अंतिम संस्कार के दौरान सशस्त्र सेनाओं के विभिन्न रैंकों के कुल 800 सैन्यकर्मी मौजूद रहेंगे।जनरल रावत और उनकी पत्नी मधुलिका रावत तथा 11 अन्य सैनिकों की बुधवार को तमिलनाडु में कुन्नूर के निकट हेलीकॉप्टर दुर्घटना में मृत्यु हो गई थी।गुरुवार को कन्नूर से यहां लाए जाने के बाद जनरल रावत के पार्थिव शरीर को उनके निवास स्थान तीन काम राजमार्ग पर लोगों के दर्शनार्थ रखा गया है। सेना और सरकार के वरिष्ठ अधिकारी तथा आम लोग जनरल रावत को श्रद्धांजलि दे रहे हैं।
सेना, नौसेना और वायु सेना के ब्रिगेडियर स्तर के 12 अधिकारी जनरल रावत के पार्थिव शरीर के पास निगरानी के लिए तैनात किए गए हैं।उनकी अंतिम यात्रा तीन कामराज मार्ग से दोपहर दो बजे दिल्ली छावनी स्थित बरार स्क्वायर शमशान के लिए रवाना होगी।अंतिम यात्रा के लिए सेना, नौसेना और वायु सेना के दो दो लेफ्टिनेंट जनरल स्तर के अधिकारी राष्ट्रीय ध्वजवाहक बनाए गए हैं।जनरल रावत की अंतिम यात्रा में सेना, नौसेना और वायु सेना के सभी रैंक के कुल 99 अधिकारी तथा तीनों सेनाओं के बैंड के 33 सदस्य आगे-आगे चलेंगे। तीनों सेनाओं के सभी रैंकों के 99 अधिकारी पीछे से एस्कॉर्ट करेंगे। अंतिम संस्कार के दौरान सशस्त्र सेनाओं के कुल 800 अधिकारी तथा जवान मौजूद रहेंगे। पहले से निश्चित प्रोटोकॉल के तहत जनरल रावत को 17 तोपों की सलामी दी जाएगी। जनरल रावत के परिजन उन्हें मुखाग्नि देंगे।



