आगरा, अंबेडकर नगर, सीतापुर, सिद्धार्थ नगर और आजमगढ़ में नवस्थापित सीएफसी का सीएम ने किया लोकार्पण
लोकल से ग्लोबल बने ओडीओपी उत्पाद, सीएफसी संचालकों ने जताया सीएम का आभार
लखनऊ : ओडीओपी कॉमन फैसिलिटेशन सेंटर के संचालकों ने लोकल उत्पादों को ग्लोबल पहचान दिलाने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का आभार जताया है। मुख्यमंत्री से बात करते हुए सीएफसी संचालकों ने कहा कि 24 जनवरी 2018 को मुख्यमंत्री की पहल से विरासत में मिले परंपरागत कला, कौशल को संरक्षित और संवर्धित करने के लिए शुरू ओडीओपी योजना ने स्थानीय शिल्पकारों और अन्य उत्पादों निर्माताओं को तरक्की की नई उड़ान दी है। आगरा, अंबेडकर नगर, सीतापुर, सिद्धार्थ नगर और आजमगढ़ में नवस्थापित सीएफसी के लोकार्पण कार्यक्रम में सीएम से वर्चुअली मुखातिब संचालकों ने अपने कार्ययोजना के बारे में भी जानकारी साझा की।
अंबेडकर नगर के कासिम ने कहा कि यहां स्थापित सीएफसी में लगी अत्याधुनिक मशीनों से न केवल हमारे उत्पाद की गुणवत्ता बढ़ेगी बल्कि उत्पादन भी बढ़ जाएगा। स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ना सोने पर सुहागा जैसा होगा। यह केंद्र टेक्सटाइल क्षेत्र से जुड़े करीब 1.25 लाख परिवारों के लिए संजीवनी साबित होगा। उम्मीद है कि इस सीएफसी के माध्यम से हम साल में करीब 12 लाख मीटर बेहतरीन गुणवत्ता के कपड़े बनाएंगे।
अपनी दरियों के लिए विख्यात सीतापुर के हयात ने कहा कि सीएफसी में लगी नयी मशीनों के जरिए हमारे उत्पाद गुणवत्ता में वैश्विक स्तर के हो जाएंगे। निर्यात की संभावना बढ़ जाएगी। इसका लाभ पुश्तैनी हुनर से जुड़े हजारों परिवारों को होगा। ओडीओपी योजना की महत्ता की चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि यह योजना तब आई जब लोग विरासत में मिले इस हुनर को छोड़ रहे थे, तब हमने सोचा भी नहीं था कि इस योजना से हम लोकल से ग्लोबल बन जाएंगे।
आजमगढ़ जो देश-दुनिया में 5 साल पहले तक कुछ और ही वजहों से जाना जाता था आज अपनी ब्लैक पॉटरी के लिए देश और दुनियां में जाना जाता है। यहां के सीएफसी के संचालक संजय कुमार ने कहा कि हम लोगों का तो अपने इस पुश्तैनी धंधे से मोह भंग हो चुका है। लोग अन्य कार्यों में शिफ्ट कर रहे थे, पर अब तो हम लोकल से ग्लोबल हो गए।
सिद्धार्थनगर के सीएफसी के संचालक अभषेक सिंह ने कहा कि कुछ साल पहले हालात ये थे कि खोजने पर भी पांच टन शुद्ध कालनमक चावल नहीं मिलता था। आज जरूरत पड़ने पर हम 100 टन भी एक दिन में उपलब्ध करा सकते हैं। यह सरकार के प्रोत्साहन से ही संभव हुआ। आज सिद्धार्थनगर के इस ओडीओपी उत्पाद का डंका देश ही नहीं दुनियां में बज रहा है।
संवाद के दौरान सीएम ने कहा कि सरकार हर जिले में ऐसी सीएफसी खोलेगी। आप लोग बाजार की मांग के अनुरूप गुणवत्तापूर्ण उत्पाद तैयार करें। सीएफसी से अधिक से अधिक लोगों को जोड़े। ट्रेनिंग और पैकिंग पर खासा ध्यान दें। कार्यक्रम में मौजूद अधिकारियों को निर्देश दिया कि वह हुनर से जुड़े लोगों को बैकों से जोड़ें। सरकार की योजनाओं के बारे में उनको बताएं। अगर सही तरीके से योजना पर अमल हुआ तो ओडीओपी आने वाले समय में प्रदेश की अर्थव्यवस्था का ग्रोथ इंजन साबित होगा।



