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बारिश से तबाही पर योगी सरकार का बड़ा एक्शन, मुआवजे से लेकर सड़क-बिजली बहाली तक तेज होंगे राहत कार्य

उत्तर प्रदेश में अतिवृष्टि से हुए नुकसान को लेकर योगी सरकार ने राहत और पुनर्बहाली कार्य तेज कर दिए हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बारिश से हुई जनहानि, मकान और पशुधन के नुकसान पर तत्काल मुआवजा देने तथा बर्बाद फसलों का आकलन कर किसानों को राहत दिलाने के निर्देश दिए। वहीं, 1 अक्टूबर से 10 नवंबर तक ग्रामीण सड़कों की विशेष मरम्मत होगी। जल सारथी ऐप पर फोटो-वीडियो से शिकायत दर्ज होगी। प्रभावित क्षेत्रों में जल निकासी, सैनिटाइजेशन, सड़क मरम्मत और बिजली बहाली पर भी जोर रहेगा।

लखनऊ/गोरखपुर । प्रदेश में विगत दिनों हुई अत्यधिक बारिश और अतिवृष्टि से प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं पुनर्वास कार्यों को लेकर योगी सरकार ने कार्रवाई तेज कर दी है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बारिश से हुई जनहानि, मकान और पशुधन की क्षति तथा बर्बाद हुई फसलों का तत्काल आकलन कर प्रभावित परिवारों और किसानों को नियमानुसार मुआवजा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। वहीं, नगर विकास एवं ऊर्जा विभाग ने भी अतिवृष्टि से प्रभावित क्षेत्रों में जनसुविधाओं को शीघ्र सामान्य करने के लिए जल निकासी, सफाई, सैनिटाइजेशन, सड़क मरम्मत और विद्युत आपूर्ति बहाली के कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश में अत्यधिक बारिश से हुए नुकसान की स्थिति की पुनः जानकारी प्राप्त की। उन्होंने गोरखपुर में शासन और प्रशासन के अधिकारियों को निर्देशित किया कि बारिश के कारण हुई जनहानि के मामलों में मृतकों के परिजनों को तत्काल नियमानुसार मुआवजा उपलब्ध कराया जाए। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि जिन स्थानों पर बारिश के कारण दुर्घटनाएं और जनहानि हुई हैं, वहां प्रशासन स्थानीय जनप्रतिनिधियों के संज्ञान और समन्वय से प्रभावित परिवारों की मदद सुनिश्चित करे।

जनहानि, मकान और पशुधन के नुकसान का तत्काल आकलन

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि बारिश से जिन परिवारों के मकान क्षतिग्रस्त अथवा ध्वस्त हुए हैं और जिनके पशुधन की हानि हुई है, उनका तत्काल सर्वे और आकलन कराया जाए। प्रभावित परिवारों को जनप्रतिनिधियों के माध्यम से समयबद्ध ढंग से सहायता एवं मुआवजा उपलब्ध कराने पर जोर दिया गया है।

उन्होंने कहा कि राहत कार्यों में किसी भी स्तर पर अनावश्यक देरी नहीं होनी चाहिए। प्रशासन प्रभावित परिवारों तक समय से पहुंचे और उन्हें नियमानुसार यथोचित सहायता उपलब्ध कराए। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को प्रभावित क्षेत्रों की लगातार निगरानी करने के निर्देश भी दिए।

बर्बाद फसलों का सर्वे कर किसानों को मिले मुआवजा

अत्यधिक बारिश से किसानों को हुए नुकसान को लेकर भी मुख्यमंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि जिन क्षेत्रों में फसलें बर्बाद हुई हैं, वहां प्रशासन, कृषि विभाग और संबंधित बीमा कंपनियां मिलकर फसलों का आकलन कराएं। सर्वे की प्रक्रिया को शीघ्र पूरा करते हुए पात्र किसानों को यथाशीघ्र मुआवजा दिलाया जाए।

मुख्यमंत्री ने प्रभावित किसानों और परिवारों को राहत उपलब्ध कराने में किसी भी प्रकार की हीलाहवाली न करने के निर्देश दिए हैं। प्रशासन को स्थानीय जनप्रतिनिधियों के समन्वय से प्रभावित लोगों की वास्तविक स्थिति का आकलन करते हुए समयबद्ध सहायता सुनिश्चित करने को कहा गया है।

ग्रामीण सड़कों की मरम्मत के लिए एक अक्टूबर से विशेष अभियान

बारिश और ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल योजनाओं के लिए पाइपलाइन बिछाने के दौरान क्षतिग्रस्त हुई सड़कों की मरम्मत को लेकर भी योगी सरकार ने विशेष अभियान की तैयारी की है। एक अक्टूबर से 10 नवंबर 2026 तक ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क मरम्मत का विशेष अभियान चलाया जाएगा।

इस अभियान के दौरान पाइपलाइन बिछाने के लिए खोदी गई सड़कों को प्राथमिकता के आधार पर निर्धारित मानकों के अनुरूप दुरुस्त कराया जाएगा। सरकार ने सड़क मरम्मत के कार्यों की निगरानी के लिए ग्रामीणों की भागीदारी को भी इसमें जोड़ा है।

जल सारथी ऐप पर फोटो-वीडियो से दर्ज होगी शिकायत

ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क की स्थिति को लेकर शिकायत दर्ज कराने के लिए जल सारथी ऐप पर विशेष सुविधा उपलब्ध कराई गई है। अब ग्रामीण मौके की फोटो और वीडियो अपलोड कर सड़क से संबंधित शिकायत सीधे दर्ज करा सकेंगे।

प्राप्त शिकायतों के आधार पर संबंधित अधिकारी आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करेंगे। इस व्यवस्था के जरिए सड़क मरम्मत के कार्यों की जमीनी निगरानी के साथ-साथ शिकायतों के निस्तारण की प्रक्रिया को भी डिजिटल माध्यम से अधिक प्रभावी बनाने का प्रयास किया गया है।

10 नवंबर के बाद शिकायत मिली तो तय होगी जवाबदेही

जलशक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि अभियान के दौरान सड़क मरम्मत के कार्यों की नियमित निगरानी की जाए। उन्होंने कहा कि 10 नवंबर के बाद यदि सड़क मरम्मत से संबंधित शिकायत प्राप्त होती है तो संबंधित एजेंसी के साथ-साथ जिम्मेदार अभियंता की जवाबदेही भी तय की जाएगी।

उन्होंने पाइपलाइन बिछाने के बाद सड़कों की बहाली में निर्धारित मानकों का पालन सुनिश्चित करने को कहा। पेयजल योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी भी स्तर पर लापरवाही स्वीकार नहीं किए जाने की बात कही गई है।

लंबित पेयजल योजनाओं को जल्द पूरा करने के निर्देश

जलशक्ति मंत्री ने सोमवार को राज्य पेयजल एवं स्वच्छता मिशन कार्यालय में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से विभिन्न पेयजल योजनाओं की मंडलवार समीक्षा की। समीक्षा के दौरान उन गांवों में लंबित कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा करने के निर्देश दिए गए, जहां अभी तक पेयजल सुविधा नहीं पहुंची है।

उन्होंने योजनाओं की गुणवत्ता और समयबद्धता पर विशेष ध्यान देने को कहा। लापरवाही बरतने वाली एजेंसियों को भी सख्त चेतावनी दी गई। बैठक में अपर मुख्य सचिव अनुराग श्रीवास्तव, राज्य पेयजल एवं स्वच्छता मिशन के अधिशासी निदेशक जोगिंदर सिंह समेत अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

अतिवृष्टि प्रभावित शहरों में जल निकासी और सैनिटाइजेशन पर जोर

अतिवृष्टि के बाद नगरीय क्षेत्रों में जलभराव और उससे उत्पन्न होने वाली समस्याओं को देखते हुए नगर विकास विभाग ने भी राहत कार्यों को तेज करने के निर्देश दिए हैं। नगर विकास एवं ऊर्जा मंत्री एके शर्मा ने अधिकारियों से प्रभावित क्षेत्रों की स्थिति की जानकारी लेते हुए जलभराव वाले स्थानों पर प्राथमिकता के आधार पर जल निकासी कराने को कहा है।

उन्होंने निर्देश दिया कि पानी निकलने के बाद संबंधित क्षेत्रों में तत्काल सफाई और सैनिटाइजेशन कराया जाए। इसका उद्देश्य जलभराव के बाद संचारी रोगों की आशंका को कम करना और नागरिकों को सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराना है।

त्योहारों से पहले शहरों की व्यवस्था दुरुस्त करने पर जोर

आगामी त्योहारों को देखते हुए नगरीय क्षेत्रों में साफ-सफाई और जनसुविधाओं को और बेहतर बनाने के निर्देश दिए गए हैं। प्रमुख सड़कों और मार्गों को गड्ढामुक्त कराने के साथ धार्मिक स्थलों के आसपास विशेष सफाई व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया है।

प्रमुख मार्गों पर आवश्यकतानुसार सुशोभन, प्रकाश व्यवस्था और अन्य नागरिक सुविधाओं को भी दुरुस्त करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि त्योहारों के दौरान आम लोगों को आवागमन और सार्वजनिक सुविधाओं में परेशानी न हो।

बिजली व्यवस्था बहाल करने के लिए अतिरिक्त मशीनरी और मैनपावर

अतिवृष्टि और प्राकृतिक आपदा से प्रभावित विद्युत अवसंरचना की स्थिति की भी समीक्षा की गई। मंत्री एके शर्मा ने शासन और सभी डिस्कॉम के उच्च अधिकारियों के साथ वर्चुअल बैठक की। इसमें मुख्य अभियंता, अधीक्षण अभियंता और अधिशासी अभियंता स्तर तक के अधिकारियों से प्रभावित क्षेत्रों की विद्युत व्यवस्था की जानकारी ली गई।

उन्होंने प्रभावित क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति जल्द सामान्य करने के लिए अतिरिक्त मशीनरी, उपकरण और मैनपावर लगाने के निर्देश दिए। अधिकारियों को फील्ड स्तर पर लगातार निगरानी रखने और स्थानीय परिस्थितियों का आकलन कर आवश्यक कार्रवाई करने को कहा गया।

क्षतिग्रस्त लाइनों और ट्रांसफार्मरों की मरम्मत में तेजी

मंत्री ने कहा कि प्रदेश के अधिकांश क्षेत्रों में विद्युत आपूर्ति सुचारु है, लेकिन जहां जलभराव या अन्य प्राकृतिक कारणों से आपूर्ति प्रभावित हुई है, वहां बहाली में किसी प्रकार की देरी नहीं होनी चाहिए।

उन्होंने क्षतिग्रस्त विद्युत लाइनों, ट्रांसफार्मरों और अन्य विद्युत अवसंरचना की मरम्मत का कार्य तेजी से पूरा करने के निर्देश दिए, ताकि प्रभावित उपभोक्ताओं को जल्द राहत मिल सके। फील्ड अधिकारियों को लगातार स्थिति पर नजर रखने और आवश्यकतानुसार संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित करने को कहा गया है।

राहत से पुनर्बहाली तक सरकार का फोकस

अतिवृष्टि से उत्पन्न परिस्थितियों के बीच सरकार के निर्देशों में तत्काल राहत के साथ-साथ क्षतिग्रस्त सार्वजनिक ढांचे की पुनर्बहाली पर भी जोर दिया गया है। एक ओर बारिश से हुई जनहानि, मकान और पशुधन के नुकसान का आकलन कर प्रभावित परिवारों को मुआवजा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं, वहीं दूसरी ओर फसल क्षति का सर्वे कर किसानों को राहत देने की प्रक्रिया तेज करने को कहा गया है।

ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल योजनाओं के कारण क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मत के लिए एक अक्टूबर से विशेष अभियान शुरू होगा, जबकि शहरी क्षेत्रों में जल निकासी, सफाई, सैनिटाइजेशन और सड़कों को गड्ढामुक्त करने पर जोर रहेगा। साथ ही अतिवृष्टि से प्रभावित विद्युत व्यवस्था को सामान्य करने के लिए अतिरिक्त संसाधन लगाने के निर्देश दिए गए हैं।

सरकार ने इन सभी कार्यों में समयबद्धता और जवाबदेही को प्रमुख आधार बनाया है। सड़क मरम्मत से लेकर राहत और बिजली बहाली तक संबंधित विभागों एवं एजेंसियों को जमीनी स्तर पर सक्रिय रहने तथा प्रभावित लोगों तक समय से सहायता पहुंचाने के निर्देश दिए गए हैं।

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