अखिलेश पर योगी के मंत्रियों का चौतरफा वार, गाय से भ्रष्टाचार तक उठे पुराने सवाल
उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी और भाजपा के बीच राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। योगी सरकार के कई मंत्रियों ने अखिलेश यादव और सपा के पिछले शासनकाल पर गौ संरक्षण, कानून-व्यवस्था, भ्रष्टाचार, आरक्षण, अपराध और विकास से जुड़े मुद्दों को लेकर निशाना साधा। धर्मपाल सिंह ने गौ आश्रय केंद्रों और गोवंश संरक्षण की जानकारी दी, जबकि संजय निषाद, अनिल राजभर, दयाशंकर सिंह, हंसराज विश्वकर्मा और दानिश आजाद अंसारी ने अलग-अलग आरोप लगाए। सभी दावे संबंधित नेताओं के बयानों पर आधारित हैं।
लखनऊ : उत्तर प्रदेश सरकार में पशुधन मंत्री धर्मपाल सिंह ने समाजवादी पार्टी और अखिलेश यादव पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने सपा सरकार और योगी सरकार के कार्यकाल में गौ संरक्षण की व्यवस्था का अंतर बताते हुए कहा कि अखिलेश यादव के मुख्यमंत्री रहते गाय कसाई को देखकर कांपती थी, जबकि 2017 के बाद स्थिति बदल गई है और अब ‘कसाई गाय को देखकर कांपता है।’ धर्मपाल सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के कार्यकाल में अवैध स्लॉटर हाउस बंद किए गए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि अखिलेश यादव के कार्यकाल में किसान उनकी प्राथमिकता नहीं थे, जबकि योगी सरकार की प्राथमिकता गाय और किसान दोनों हैं।
‘अखिलेश को गोबर में बदबू, योगी के लिए चंदन जैसा पवित्र’
पशुधन मंत्री ने गाय को लेकर अखिलेश यादव पर भी तीखा तंज कसा। उन्होंने कहा कि ‘अखिलेश जी को तो गाय के गोबर में बदबू आती है,’ जबकि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के लिए गाय का गोबर चंदन की तरह पवित्र है। धर्मपाल सिंह ने गाय की धार्मिक महत्ता का उल्लेख करते हुए कहा कि भारतीय परंपरा में गाय को माता का दर्जा दिया गया है। उन्होंने कहा कि देसी गाय का दूध अमृत के समान माना गया है और इसी भावना के साथ योगी सरकार गौ संरक्षण को प्राथमिकता दे रही है।
‘यूपी में 7,500 गौ आश्रय केंद्र, 13 लाख गायें संरक्षित’
गौ आश्रय स्थलों को लेकर उठाए गए सवालों का जवाब देते हुए धर्मपाल सिंह ने कहा कि इस समय उत्तर प्रदेश में छोटे-बड़े मिलाकर करीब 7,500 गौ आश्रय केंद्र हैं, जहां करीब 13 लाख गोवंश संरक्षित किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि सपा सरकार के दौरान निराश्रित गोवंश के भरण-पोषण के लिए प्रतिदिन 30 रुपये दिए जाते थे, जिसे योगी सरकार ने बढ़ाकर 50 रुपये प्रतिदिन कर दिया है।
हर जिले में हरे चारे की व्यवस्था
मंत्री ने बताया कि गौ संरक्षण केंद्रों में चारे की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए हर जिले में एक हेक्टेयर भूमि पर हरा चारा उगाने की व्यवस्था की गई है। उन्होंने कहा कि गौचर भूमि को कब्जामुक्त कराकर वहां चारा बोने का काम किया गया है। उन्होंने बताया कि निराश्रित गोवंश के संरक्षण के लिए छह विभागों की संयुक्त कमेटी बनाई गई है। इसमें ग्राम विकास, पंचायती राज, राजस्व, पुलिस, पशुधन और नगर विकास विभाग शामिल हैं। जिलाधिकारी को कमेटी का अध्यक्ष और मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी को संयोजक बनाया गया है।
‘गौ तस्करों पर कार्रवाई, निराश्रित गोवंश को संरक्षण’
धर्मपाल सिंह ने कहा कि सभी विभाग मिलकर निराश्रित गोवंश के संरक्षण का काम कर रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि गौ तस्करों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है और उन्हें जेल भेजा जा रहा है। पशुधन मंत्री ने कहा कि योगी सरकार की प्राथमिकता गौ संरक्षण है और प्रदेश में निराश्रित गोवंश को संरक्षण देने के लिए लगातार काम किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार का मूल सिद्धांत ‘पशु सेवा अस्माकं धर्मः’ है और इसी भावना के साथ गौ संरक्षण की व्यवस्था को आगे बढ़ाया जा रहा है।
‘सपा शासन में थी दंगों की भरमार, लगता था कर्फ्यू, आज संस्कारों से मनाए जाते हैं त्योहार’- अखिलेश पर संजय निषाद का हमला
समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव लगातार अपनी प्रेस कांफ्रेंस में योगी सरकार में महिला सुरक्षा और कानून-व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े कर रहे हैं। इसपर उत्तर प्रदेश सरकार में मत्स्य विभाग मंत्री संजय निषाद ने जोरदार पलटवार किया है। उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव जिस तरह मीडिया के माध्यम से लगातार बयान दे रहे हैं, वह जनता का अपमान है। उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव के हर बयान और आरोप का लोग विश्लेषण करते हैं और उसकी तुलना योगी सरकार और सपा शासनकाल से की जाती है। लोग समझदार हैं, सब जानते हैं।
मंत्री संजय निषाद ने कहा कि अखिलेश यादव चाहते हैं कि मीडिया उनके सामने नतमस्तक रहे, लेकिन आज के दौर में ऐसा संभव नहीं है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि अब एआई (AI) से बने वीडियो के जरिए भी हमले किए जा रहे हैं। संजय निषाद ने कहा कि चुनाव में AI नहीं जनता वोट डालेगी। मंत्री संजय निषाद ने कहा कि जनता को गुमराह करने वाला नहीं, बल्कि जनता से सीधा जुड़ाव रखने वाला नेता चाहिए।
अंबेडकर और आरक्षण के मुद्दे पर अखिलेश से सवाल
संजय निषाद ने बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर से जुड़े मुद्दों पर भी अखिलेश यादव को घेरा। उन्होंने कहा कि सत्ता में रहने के दौरान बाबा साहेब की मूर्तियां खंडित हुईं और प्रमोशन में आरक्षण खत्म कर दिया गया। निषाद के मुताबिक, दलित समाज के लोग इन मुद्दों पर अखिलेश यादव से सवाल कर रहे हैं और उन्हें इसका जवाब देना पड़ेगा।
निषाद समाज के साथ अन्याय का लगाया आरोप
मंत्री ने आरोप लगाया कि अखिलेश यादव के राज में निषाद समाज के साथ अन्याय हुआ। संजय निषाद ने निषादों के आरक्षण के मुद्दे पर अखिलेश यादव को घेरा।
सपा शासन में दंगों और कर्फ्यू का लगाया आरोप
संजय निषाद ने समाजवादी पार्टी सरकार के कार्यकाल पर कानून-व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि उस दौर में दंगों की भरमार थी, आए दिन कर्फ्यू लगता था और पीएसी (PAC) तैनात करनी पड़ती थी। संजय निषाद ने कहा कि उस समय हर त्योहार तलवार के साथ मनाया जाता था, जबकि योगी सरकार में अब त्योहार संस्कार के साथ मनाए जाते हैं।
रोजगार और नेताओं की भाषा पर भी निशाना
संजय निषाद ने कहा कि योगी सरकार ने अलग-अलग क्षेत्रों में लोगों को नौकरी देने का काम किया है। उन्होंने कहा कि सरकार के कामों पर जनता ताली बजाती है, जबकि सपा ने गालीबाज पैदा किए और हर समाज से ऐसे नेताओं को पार्टी में जगह दी गई जो गाली देते हैं।
‘सपा भ्रष्टाचार की बात करे, यह अजूबा है’… अखिलेश पर अनिल राजभर का सीधा हमला
उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री अनिल राजभर ने समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव पर तीखा पलटवार किया है। उन्होंने कहा कि सरकार पर आरोप लगाने से पहले समाजवादी पार्टी को अपने कार्यकाल के कामकाज का हिसाब देना चाहिए। अनिल राजभर ने अखिलेश यादव पर तंज कसते हुए कहा कि हल्का आदमी ही अखिलेश यादव की तरह रोज-रोज बयानबाजी करता है। इसीलिए सपा प्रमुख की उपयोगिता खत्म हो गई है।
‘सपा भ्रष्टाचार की बात करे, यह अजूबा है’
अनिल राजभर ने कहा कि समाजवादी पार्टी का भ्रष्टाचार की बात करना ही अपने आप में अजूबा है। उन्होंने आरोप लगाया कि सपा नेता लगातार सरकार को लेकर जनता को गुमराह करने की कोशिश कर रहे हैं। मंत्री ने कहा कि जनता राजनीतिक दलों के दावों के साथ-साथ सपा के पुराने रिकॉर्ड को भी समझती है।
उन्होंने कहा कि अगर समाजवादी पार्टी मौजूदा सरकार पर भ्रष्टाचार के आरोप लगा रही है, तो उसे अपने शासनकाल से जुड़े सवालों का भी जवाब देना चाहिए। अनिल राजभर ने इसी सिलसिले में JPNIC, गोमती रिवर फ्रंट, आगरा एक्सप्रेसवे, सरकारी नौकरियों और खनन जैसे मामलों का जिक्र किया।
JPNIC से खनन तक के मुद्दे पर सपा को घेरा
मंत्री ने कहा कि सपा राज में JPNIC और गोमती रिवर फ्रंट समेत कई परियोजनाओं को लेकर सवाल उठे थे। उन्होंने खनन को लेकर भी सपा सरकार पर निशाना साधते हुए अनियमितताओं के आरोप लगाए। अनिल राजभर ने यह भी कहा कि पिछली सरकार के दौरान खनन से जुड़े मामलों में मंत्रियों को जेल जाना पड़ा। उन्होंने इन मामलों का जिक्र करते हुए समाजवादी पार्टी से जवाब मांगा। मंत्री ने कहा कि विपक्ष को मौजूदा सरकार से सवाल पूछने का अधिकार है, लेकिन उसे अपने कार्यकाल से जुड़े सवालों का भी जवाब देना चाहिए।
‘अखिलेश को सच्चाई सुनने की हिम्मत रखनी चाहिए’
मीडिया के सवालों को लेकर भी अनिल राजभर ने अखिलेश यादव और समाजवादी पार्टी पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि जब पत्रकार सपा सरकार के कार्यकाल या उत्तर प्रदेश के विकास से जुड़े सवाल पूछते हैं, तो पार्टी के नेता असहज हो जाते हैं। उन्होंने कहा कि पत्रकारों के सवाल लोकतांत्रिक व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं और राजनीतिक दलों को कठिन सवालों का भी जवाब देने की हिम्मत रखनी चाहिए। अनिल राजभर ने आरोप लगाया कि सपा नेता मीडिया के सवालों का जवाब देने के बजाय पत्रकारों को ही निशाना बनाने लगते हैं।
बाबा साहब की मूर्ति खंडित करने में सपाई आगे, अखिलेश राज में लगातार हुआ अंबेडकर का अपमान-दयाशंकर सिंह
समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव पर योगी सरकार के मंत्री दयाशंकर सिंह ने तीखा हमला बोला है। उन्होंने अखिलेश यादव को पूरी तरह बौखलाया हुआ बताते हुए कहा कि मीडिया के सवालों का जवाब देने के बजाय पत्रकारों की जाति पूछना उनकी बौखलाहट को दिखाता है। बाबा साहब भीमराव अंबेडकर की मूर्तियों को तोड़े जाने के मुद्दे पर भी दयाशंकर सिंह ने सपा के पुराने शासनकाल याद दिलाते हुए गंभीर आरोप लगाए।
अंबेडकर की मूर्तियों के मुद्दे पर सपा पर हमला
प्रेस कांफ्रेंस में अखिलेश यादव की ओर से बाबा साहब भीमराव अंबेडकर की मूर्तियां तोड़े जाने का मुद्दा उठाए जाने पर दयाशंकर सिंह ने समाजवादी पार्टी पर पलटवार किया। उन्होंने कहा कि सपा अपने शासनकाल में बाबा साहब का लगातार अपमान करती रही है। दयाशंकर सिंह के मुताबिक, लखनऊ के अंबेडकर मैदान में स्थापित मूर्ति को भी सपाइयों ने खंडित करने का काम किया था। उन्होंने आरोप लगाया कि सपा सरकार के दौरान बाबा साहब के सम्मान के साथ खिलवाड़ किया गया।
पत्रकारों की जाति पूछने पर अखिलेश पर निशाना
दयाशंकर सिंह ने पत्रकारों के सवालों के जवाब में उनकी जाति पूछने के मुद्दे पर भी अखिलेश यादव को घेरा। उन्होंने कहा कि जब मीडिया सपा शासनकाल में अपराध और बलात्कार के आरोपियों को संरक्षण दिए जाने को लेकर सवाल करती है, तो पत्रकारों के सवालों का जवाब देने के बजाय उनकी जाति पूछी जाने लगती है।
‘अपराधियों को संरक्षण’ के आरोप
मंत्री दयाशंकर सिंह ने आरोप लगाया कि समाजवादी पार्टी की सरकार के दौरान बलात्कारियों और अपराधियों को संरक्षण दिया जाता था। उन्होंने कहा कि इन मुद्दों पर मीडिया सवाल उठाती है तो अखिलेश यादव बौखलाहट में पत्रकारों की जाति पूछने लगते हैं। इस तरह का व्यवहार अखिलेश यादव की राजनीतिक बौखलाहट को सामने लाता है।
मंत्री हंसराज विश्वकर्मा ने भी बोला हमला
वहीं योगी सरकार में मंत्री हंसराज विश्वकर्मा ने भी अखिलेश यादव पर निशाना साधा है। सपा सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए उन्होंने 2012 से 2017 के बीच रहे सपा शासन को भ्रष्टाचार और खराब कानून व्यवस्था का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि सपा शासन में लोगों के बीच सुरक्षा का अभाव था और कानून व्यवस्था की स्थिति भी ठीक नहीं थी।
सपा शासन में भ्रष्टाचार का लगाया आरोप
हंसराज विश्वकर्मा ने कहा कि वर्ष 2012 से 2017 के बीच अखिलेश यादव उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री थे। उनके कार्यकाल में यूपी में भ्रष्टाचार का बोलबाला था और कानून व्यवस्था की स्थिति भी चिंताजनक थी। उन्होंने आरोप लगाया कि लोगों में खुद को सुरक्षित महसूस करने की स्थिति नहीं थी।
‘2027 में सपा को अपनी हार साफ दिख रही’… दानिश आजाद अंसारी का अखिलेश पर तीखा हमला
समाजवादी पार्टी पर हमला बोलते हुए योगी सरकार के मंत्री दानिश आजाद अंसारी ने कहा कि सपा बौखला गई है, क्योंकि उसे 2027 के विधानसभा चुनाव में अपनी हार साफ और स्पष्ट दिखाई दे रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रेस कॉन्फ्रेंस के जरिए सिर्फ झूठ और भ्रम फैलाना आज समाजवादी पार्टी का प्राथमिक एजेंडा बन गया है।
‘2012 से 2017 तक अपराधों के समय कहां थे सपा नेता?’
दानिश आजाद अंसारी ने सपा पर सवाल उठाते हुए कहा कि पार्टी पहले इस बात का जवाब दे कि 2012 से 2017 के बीच उत्तर प्रदेश में अपराधों का ग्राफ बढ़ रहा था और महिलाओं के खिलाफ अपराध हो रहे थे, तब उसके नेता कहां थे? उन्होंने कहा कि उस समय अपराधियों के हौसले इतने बुलंद थे कि उत्तर प्रदेश में दिनदहाड़े लूट-खसोट, चोरी और दूसरी आपराधिक घटनाएं हुआ करती थीं। दानिश आजाद ने सवाल किया कि तब समाजवादी पार्टी को उत्तर प्रदेश की भलाई की याद क्यों नहीं आई?
‘योगी के नेतृत्व में यूपी की इमेज बेहतर हो रही’
मंत्री ने कहा कि आज मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में सरकार उत्तर प्रदेश के विकास के लिए काम कर रही है और प्रदेश की छवि बेहतर हो रही है। उन्होंने कहा कि इसी वजह से समाजवादी पार्टी के नेता बौखलाए हुए हैं। दानिश आजाद अंसारी ने सपा की प्रेस कॉन्फ्रेंस को लेकर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि पार्टी के नेता रिपोर्टरों का अपमान करने का काम कर रहे हैं।
‘यूपी को बदनाम करने के लिए अपराध बढ़वा रही सपा’
दानिश आजाद अंसारी ने समाजवादी पार्टी पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि वह अपने कार्यकर्ताओं के माध्यम से आम और गरीब लोगों पर जानबूझकर अत्याचार करा रही है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि उत्तर प्रदेश को बदनाम करने के लिए जानबूझकर आपराधिक घटनाएं बढ़वाने की कोशिश की जा रही है। मंत्री ने कहा कि समाजवादी पार्टी का यह “चाल-चरित्र” अब नहीं चलेगा। उन्होंने दावा किया कि जनता समाजवादी पार्टी की असलियत जानती है और उसके किसी भी बहकावे में आने वाली नहीं है।
‘छोटी घटना’ पर भी लापरवाही नहीं चलेगी, सीएम योगी ने डीएम-एसपी को चेताया


