
कुशीनगर । नेपाल के पहाड़ों पर हो रही भारी वर्षा व बाल्मीकिनगर बैराज से कुशीनगर की नारायणी नदी में 2.70 लाख क्यूसेक पानी छोड़े जाने से मंगलवार को दियारा के गांवों में बाढ़ की स्थिति आ गई। आधा दर्जन गांवों के ग्रामीण घरों में बाढ़ का पानी घुसने के कारण परेशान हो गए। नदी पर बना लांचिंग पैड का बड़ा हिस्सा नदी में विलीन हो गया।
खड्डा तहसील क्षेत्र के मरिचहवा, शिवपुर, नारायणपुर, बसंतपुर, शाहपुर, हरिहरपुर में बाढ़ का पानी घुसने से ग्रामीण परेशान हैं। ग्रामीणों का सामान्य जन जीवन अस्त व्यस्त हो गया है। लोग विशेषकर बच्चे ऊंचे स्थान पर शरण लिए हुए हैं। महदेवा गांव के पास नदी आंशिक कटान कर रही है। हालांकि अभी तक महदेवा और सालिकपुर गांव में नदी का पानी नहीं पहुंचा है।
नदी की तेज धारा की वजह से छितौनी बांध के बीरभार ठोकर के बगल में निर्मित ठोकर के डाउन स्ट्रीम का लांचिंग पैड लगभग पांच मीटर नदी में विलीन हो गया है। नदी उस पार के गांवों में नायब तहसीलदार सहित राजस्व और स्वास्थ्य टीम जमी हुई है। जिलाधिकारी एस राजलिंगम ने मौके पर अधिकारियों को कैम्प कर स्थिति पर नजर रखने व सभी जरूरी तैयारियां पूर्ण रखने का निर्देश दिया है।
डीएम- एसपी ने किया तटबंधों का निरीक्षण
जिलाधिकारी एस राजलिंगम व पुलिस अधीक्षक धवल जायसवाल ने मंगलवार को नारायणी नदी के महादेवा तटबंध का निरीक्षण किया। डीएम ने बाढ़ खण्ड के अभियंताओं व प्रशासनिक अधिकारियों को बचाव व राहत कार्य सम्बन्धी सभी तैयारियां पूर्ण रखने के निर्देश दिए।जनपद में तहसील खड्डा में स्थित महदेवा तटबंध अत्यंत संवेदनशील है। हर साल नदी किनारे स्थित गांवों के लोगों को नदी के प्रकोप का सामना करना पड़ता है। डीएम एसपी ने बाढ़ की स्थिति में जनजीवन के बचाव व राहत और बाढ़ से निपटने के लिये तैयारियों का निरीक्षण किया।
अधिकारियों ने ग्रामीणों से भी वार्ता कर बाढ़ से संबंधित समस्याओं की जानकारी ली। निरीक्षण के क्रम में निर्देशित किया गया कि तटबंधों पर क्षेत्रीय अधिकारियों/कर्मचारियों द्वारा लगातार निगरानी की जानी चाहिए । जिलाधिकारी ने बताया कि बाढ़ की आपात स्थिति से निपटने के लिए सभी तैयारियां समय रहते पूर्ण कर लिये जाने के निर्देश दिए गए हैं। जिससे किसी भी विकट परिस्थिति से आसानी से निपटा जा सके और जनहानि रोकी जा सके। (हि. स.)।



