
वाराणसी । सावन माह के पहले गुरूवार को दशाश्वमेध ड़ेढ़सी के पुल स्थित देव गुरू बृहस्पति भगवान का भव्य हरियाली श्रृंगार किया गया। मन्दिर के पुजारी सन्तोष गिरी के देखरेख में देवगुरू का श्रृंगार भोग आरती के बाद मंदिर का पट आम श्रद्धालुओं के लिए खोल दिया गया।
कोरोना के चलते पूरे दो वर्ष बाद देवगुरू के श्रृंगार को देखने के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी। देवगुरू के विग्रह पर रजत छत्र और रजत के ही शेषनाग शोभायमान थे। इसके पहले महंत के देखरेख में विग्रह को पंचामृत स्नान कराया गया। नूतन वस्त्र धारण कराने के साथ ही मंदिर को रंग-बिरंगे फूलों और अशोक आदि की पत्तियों से सजाया गया। श्रद्धालुओं ने दौना, गेंदा, गुलाब, मदार आदि की मालाएं अर्पित की।मध्याह्न में 12 बजे संतोष गिरि ने भोग आरती की।
दोपहर में दो बजे शयन आरती और सायं 4 बजे भोग आरती हुई। रात्रि 11 बजे तक मंदिर में दर्शन-पूजन चलेगा और देर रात देवगुरु की विशेष आरती होगी।संतोष गिरी ने बताया कि सावन के शेष तीनों गुरूवार को देव गुरू का श्रृंगार परम्परागत रूप से किया जायेगा। चौथे गुरुवार को बाबा का वृहद श्रृंगार व पूजन अर्चन कर बर्फ से मन्दिर प्रांगण को सजा कर अनेंको कार्यक्रमों के साथ प्रसाद वितरण किया जाएगा।(हि.स.)



