
लखनऊ । उत्तर प्रदेश विधानमंडल के बजट सत्र के तीसरे दिन बुधवार को विधानसभा में उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य और नेता प्रतिपक्ष एवं सपा मुखिया अखिलेश यादव के बीच तीखी बहस हुई। बात इतनी बढ़ गई कि अखिलेश केशव के पिता तक पहुंच गए। माहौल गरमाता देख मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मोर्चा संभाला और सभी को मर्यादा में रहने की नसीहत दी।
विधान सभा में आज राज्यपाल के अभिभाषण पर चर्चा हो रही थी। इस दौरान नेता प्रतिपक्ष अखिलेश यादव ने करीब एक घंटे तक प्रदेश की योगी सरकार पर जमकर हमला बोला। इसके बाद उप मुख्यमंत्री मौर्य ने अपने संबोधन के दौरान सपा मुखिया पर पलटवार किया। केशव मौर्य जब बोल रहे थे, उस दौरान अखिलेश ने कई बार टोका-टोकी की तो उप मुख्यमंत्री ने कहा कि नेता प्रतिपक्ष को सत्ता में न होने का दर्द सता रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि भविष्य में सपा को सत्ता में आने की संभावना भी नहीं है।
केशव मौर्य ने कहा कि नेता प्रतिपक्ष बार-बार सड़क और इकलौते एक्सप्रेस-वे बनवाने की बात करते हैं तो क्या इन्होंने सैफई की जमीन बेचकर सड़क बनवाई थी। केशव के ऐसा बोलते ही सपा मुखिया बौखला गए और उन्होंने कहा कि क्या तुम अपने पिताजी से पैसा लाकर सड़क बनवा रहे हो और राशन बांट रहे हो।
इसके बाद सदन में जोरदार हंगामा होने लगा। भाजपा और सपा के सदस्य अपनी सीटों पर खड़े होकर एक दूसरे के विरोध में नारेबाजी करने लगे। मामला बढ़ता देख मुख्यमंत्री योगी ने मोर्चा संभाला और सदन के सभी सदस्यों को मर्यादा में रहने की नसीहत दी। योगी ने कहा कि सदन के अंदर तू-तू, मैं-मैं और असभ्य भाषा का प्रयोग नहीं होना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि सदन की मर्यादा की अपेक्षा केवल सत्ता पक्ष से ही नहीं करनी चाहिए, विपक्ष को भी उसका अनुपालन करना आवश्यक है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सदन में जब उप मुख्यमंत्री बोल रहे हों तो बीच में टोका-टोकी उचित नहीं है।
केशव मौर्य ने इसके बाद अपने संबोधन के दौरान सपा मुखिया पर जमकर पलटवार किया। उन्होंने तंज किया कि नेता प्रतिपक्ष को न तो कोरोना का टीका पसंद है और न ही माथे का टीका। उन्होंने कहा कि कोरोना काल में केंद्र की मोदी सरकार और उप्र प्रदेश की योगी सरकार ने जो अभूतपूर्व सेवा कार्य किया उसकी प्रशंसा पूरी दुनिया कर रही है, लेकिन नेता प्रतिपक्ष को ये अच्छे कार्य दिखते ही नहीं। उन्होंने अखिलेश को अपनी नजर ठीक कराने के लिए आंख के परीक्षण की सलाह भी दी।
सदन में नोक-झोंक को लेकर सपा मुखिया अखिलेश यादव की निंदा
विधानसभा में चल रहे सत्र के दौरान उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्या के बयान पर अभद्र भाषा का प्रयोग करने को लेकर सपा मुखिया अखिलेश यादव की प्रतिक्रिया पर भाजपा ने घोर निंदा की है।भाजपा क्षेत्रीय उपाध्यक्ष अवधेश चंद्र गुप्ता ने कहा है कि सपा मुखिया ने आज अमर्यादित शब्दों का प्रयोग करके सदन की गरिमा को शर्मसार किया और गुंडई की भाषा बोल कर अपने सपा की कार्यकलापों का भी प्रमाण दे दिया। वहीं, भाजपा महानगर अध्यक्ष गणेश केसरवानी ने कहा कि उत्तर प्रदेश में जब सपा का शासन था गुंडाराज चरम पर था।
अब योगी सरकार गुंडों पर नकेल कसने का काम कर रही है और सपा के गुंडों की गुंडई समाप्त कर रही है तो ऐसे में समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव को बर्दाश्त नहीं हो रहा है। वह स्वयं छटपटाहट में सदन की गरिमा का भी ध्यान न रखते हुए गुंडई की भाषा बोल रहे हैं।भाजपा मीडिया प्रभारी राजेश केसरवानी ने कड़ी प्रतिक्रिया करते हुए कहा कि 2017 एवं 2022 की विधानसभा में मिले हार की बौखलाहट के कारण सपा मुखिया अब गुंडई पर उतर आए हैं और उनका चाल चरित्र और चेहरा सदन के माध्यम से सबके सामने आ रहा है।



