
बाबर से लेकर औरंगजेब तक नष्ट की गई भारतीय संस्कृति : परविंदर सिंह
1984 दंगे में गठित एसआईटी का फैसला आएगा जल्द
कानपुर । भारत की संस्कृति को बाबर से लेकर औरंगजेब तक जितने भी मुगल शासक रहे हैं उन्होंने नष्ट करने का काम किया है। इससे यह साबित होता है कि उस समय भी हमारे धार्मिक स्थलों को तोड़ा गया है और आज भी वही कार्य किया जा रहा है। यही कारण है कि आज भी हिन्दू संस्कृति के अवशेष मिल रहे है। यह बातें बुधवार को कानपुर पहुंचे उत्तर प्रदेश अल्पसंख्यक आयोग के सदस्य सरदार परविंदर सिंह ने ज्ञानवापी मामले में सर्किट हाउस में मीडिया से मुखातिब होते हुए कहीं।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देशानुसार प्रदेश के सभी जनपदों में भ्रमण किया जा रहा है। इस भ्रमण का उद्देश्य सिख समाज व अल्पसंख्यक के लोगों से मिलकर उनसे सीधे संवाद स्थापित कर उनके मुद्दों को सरकार तक पहुंचाना है। इसके साथ ही केंद्र व प्रदेश सरकार की योजनाओं का जमीनी धरातल पर क्रियान्वयन कराने के साथ ही लोगों को सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी प्रदान कर जागरूक करना है।उन्होंने बताया कि 37 वर्ष पश्चात मुख्यमंत्री द्वारा 1984 के दंगों को लेकर एसआईटी टीम गठित की गयी है और जल्द ही फैसला आएगा। कहा कि दंगे में सिख समुदाय के जो भी पीड़ित व्यक्ति हैं उनको मुआवजा दिलवाने की कार्रवाई भी शीघ्र की जाएगी तथा जो लोग शामिल हुए थे उनको चिन्हित कर दंडित कराने की नियमानुसार कार्यवाही अमल में लाई जाएगी।
इसके पूर्व उन्होंने सर्किट हाउस में विभिन्न संस्थाओं के गणमान्य व्यक्तियों से मुलाकात की। उन्होंने जिलाधिकारी से हुई वार्ता के क्रम में सरसैया घाट स्थित गुरुद्धारा में संचालित विद्यालय को पुनः खोले जाने, मदरसों की जांच कराये जाने एवं गंगा में डूबकर मृत बालक को सरकारी सहायता दिलाए जाने के लिए निर्देशित किया। इसके साथ ही सभी अल्पसंख्यक छात्रों को छात्रवृत्ति प्रदान कराये जाने की बात कही। इस अवसर पर उप निदेशक अल्पसंख्यक कल्याण डा0 प्रिंयका अवस्थी सहित विभिन्न गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहें।(हि.स.)



