
अधिवक्ताओं ने न्यायिक कार्य से विरत रहकर किया विरोध प्रदर्शन
मामला : अपर मुख्य सचिव व प्रमुख सचिव द्वारा वकीलों पर आपत्तिजनक टिप्पणी का
दुद्धी सोनभद्र- बार काउंसिल ऑफ उत्तर प्रदेश के आह्वान पर शुक्रवार को दुद्धी एवं सिविल बार एसोसिएशन ने संयुक्त रूप से न्यायिक कार्य से विरत रहकर, विरोध प्रदर्शन किया और मुख्यमंत्री को नामित ज्ञापन उप जिलाधिकारी दुद्धी शैलेन्द्र कुमार मिश्र को सौंपा। एसडीएम को सौंपे गये मांग पत्र में कहा गया है कि 14 मई 2022 व 15 मई 2022 विशेष सचिव प्रफुल्ल कमल व अपर मुख्य सचिव द्वारा एक शासनादेश जारी करते हुए अधिवक्ताओं के संदर्भ में आपत्तिजनक टिप्पणी की गई थी। जिसमें अधिवक्ताओं को अराजक का दर्जा देते हुए,अनुशासनिक कार्रवाई के लिए जनपद न्यायाधीश एवं जिलाधिकारी को प्रेषित की गई थी। बार काउंसिल ऑफ उत्तर प्रदेश ने अधिवक्ताओं के सम्मान से जुड़े इस गंभीर प्रकरण में तत्काल संज्ञान लेते हुए इसके विरोध का निर्णय लिया।

बार काउंसिल के आह्वान पर 20 मई को प्रदेश स्तरीय हड़ताल के क्रम में दुद्धी में संयुक्त बार के बैनर तले अधिवक्ताओं ने विशेष सचिव व अपर मुख्य सचिव के खिलाफ नारेबाजी करते हुए प्रदर्शन किया। कचहरी परिसर से सैकड़ो की संख्या में निकले अधिवक्ताओं का हुजूम मुख्य सड़क से होते हुए तहसील परिसर पहुंचा और सभा की। वक्ताओं ने कहा कि कानून का राज स्थापित करने में अधिवक्ताओं की विशेष भूमिका है तथा अधिवक्ता ऑफिसर आफ दी कोर्ट है। उसके विरुद्ध अमर्यादित टिप्पणी किया जाना निंदनीय है। भविष्य में ऐसा न किया जाये। अधिवक्ता न्याय प्रणाली के अभिनय, अविभाज्य अंग है, जिसको संवैधानिक मान्यता प्राप्त है। जनता के अधिकार को न्यायालय तक पहुंचाना उसका मौलिक अधिकार व महत्वपूर्ण कड़ी है। अधिवक्ता समाज उपरोक्त गैर जिम्मेदार अधिकारियों के अविवेकपूर्ण पत्र से बेहद आहत हुआ है। यदि अधिवक्ताओं को विश्वास में लेकर अविलंब उपचारात्मक कदम न उठाए गए तो अधिवक्ताओं के सामने चरणबद्ध आंदोलन छेड़ने के अलावा कोई विकल्प नहीं रह जाएगा।
ज्ञापन लेने के बाद एसडीएम श्री मिश्र ने अधिवक्ताओं को आश्वस्त करते हुए कहा कि आपका मांगपत्र शासन-प्रशासन को तत्काल प्रेषित किया जायेगा।इस मौके पर दुद्धी बार अध्यक्ष जितेंद्र कुमार श्रीवास्तव, सिविल बार अध्यक्ष प्रभु सिंह, सचिव मनोज मिश्रा व उमेश चंद , रामपाल जौहरी, प्रेमचंद यादव, कुलभूषण पांडेय, राकेश कुमार श्रीवास्तव, रामदुलारे गुप्ता, सत्यनारायण यादव, आनंद कुमार गुप्ता संतोष कुमार,संजय कुमार कनौजिया सुदेश मौर्य, राकेश गुप्ता, आशीष गुप्ता, शन्नो बानो समेत भारी संख्या में अधिवक्ता उपस्थित रहे।



