
अब गोरखपुर में भी होगा आयुर्वेदिक दवाओं का निर्माण
गुरु गोरक्षनाथ आयुर्विज्ञान संस्थान का वैद्यनाथ आयुर्वेद के साथ हुआ एमओयू
गोरखपुर । आयुर्वेद की मानकीकृत पढ़ाई, शोध एवं अनुसंधान को बढ़ावा देने वाले महायोगी गोरखनाथ विश्वविद्यालय से संबद्ध गुरु गोरक्षनाथ आयुर्विज्ञान संस्थान (आयुर्वेद कॉलेज) ने आयुर्वेदिक दवाओं के निर्माण एवं औषधीय खेती की ओर कदम बढ़ा दिया है। विश्वविद्यालय ने प्रख्यात आयुर्वेदिक दवा निर्माण कंपनी वैद्यनाथ आयुर्वेद के साथ समझौता किया गया है। वैद्यनाथ आयुर्वेद के प्रबंध निदेशक अनुराग शर्मा और महायोगी गोरखनाथ विश्वविद्यालय के कुलपति मेजर जनरल डॉ. अतुल बाजपेयी ने बुधवार को एमओयू पर हस्ताक्षर किए।
विश्वविद्यालय के कुलसचिव डॉ. प्रदीप कुमार राव ने कहा कि यह एमओयू न केवल पूर्वांचल बल्कि प्रदेश में आयुर्वेद एवं औषधीय खेती के क्षेत्र में मील का पत्थर साबित होगा। इससे रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे और अन्नदाता किसानों के जीवन में भी खुशहाली आएगी।उल्लेखनीय है कि आयुर्वेद एक प्राचीन चिकित्सा पद्धति है। यह जीवन का विज्ञान और मनुष्य के समग्रतावादी ज्ञान पर आधारित है। यह पद्धति खुद को केवल मानव शरीर के उपचार तक ही सीमित नहीं रखती है बल्कि शरीर, मन, आत्मा एवं मनुष्य के परिवेश पर भी निगाह रखती है। यह औषधीय गुण रखने वाली वनस्पतियों एवं जड़ी-बूटियों के माध्यम से बीमारियों का इलाज करती है। आयुर्वेद के प्रणेता चरक और सुश्रुत ने अपने ग्रंथों में क्रमश: 341 एवं 395 औषधीय वनस्पतियों एवं जड़ी-बूटियों का उल्लेख किया है।(हि.स.)



