अच्छी सोहबत इंसान को बुलंद मकाम अता फरमाती है-मुफ़्ती मुजाहिद रिज़्वी
दीक्षांत समारोह में 113 विद्यार्थियों को मिली आलिम, हाफिज व कारी की उपाधि
दुद्धी, सोनभद्र – ओलमा की सोहबत मिलती है तो वह इंसान भी अच्छा बन जाता है। ओलमा की बातों पर अमल और उसके बताए रास्ते पर चलने लगे तो लोगों की नजरों में वह काबिले एहतेराम हो जाता है। उक्त बातें शहर-ए-काजी प्रयागराज मौलाना मुफ्ती मुजाहिद हुसैन रिजवी ने स्थानीय दारुल उलूम कादरिया नूरिया अरबी महाविद्यालय में रविवार को आयोजित दीक्षांत समारोह में बतौर मुख्य वक्ता कही। उन्होंने कहा कि आपने देखा होगा दप्ति या गत्ते का टुकड़ा जब कुरान मजीद की जिल्द में लगा दिया जाता है तो कुरान मजीद की निस्बत से उसे भी चुमा जाता है। अच्छी सोहबत इंसान को बुलंद मकाम अता फरमाती है। उसमें भी मौलाना, उस्ताद, ओलमा की अहमियत दुनियाबी तौर पर सर्वोपरी है। इसलिए हमें चाहिए कि हम नेक लोगों से ही मेलजोल रखें ताकि उनके फैज से हम भी नेक बन जाएं।

दीक्षांत समारोह में कुल 113 अध्ययनरत छात्रों की दस्तारबंदी की गई। जिसमें 38 आलिम, 17 हाफिज व 58 कारी की डिग्री हासिल करने वाले मौलाना को उपाधि प्रदान की गई। कार्यक्रम में कादरिया तालीमी ग्रुप को आर्थिक सहयोग देने वाले सैकड़ों सदस्यों को मानद सदस्यता का प्रमाण पत्र वितरित किया गया। कार्यक्रम के अंत में सलातो सलाम के बाद अल जामीअतुल अशरफिया अरबी यूनिवर्सिटी मुबारकपुर आजमगढ़ के संरक्षक अजीज ए मिल्लत अल्लामा अब्दुल हफीज साहब की रूहानी दुआख्वानी हुई जिसमें मुल्क की तरक्की, दीक्षांत समारोह में उपाधि हासिल करने वाले छात्रों के उज्जवल भविष्य की दुआ, आपसी भाईचारा कायम रहने की दुआ और भारत देश को पड़ोसी मुल्कों की बदनजर से बचने की दुआ की गई।
कार्यक्रम दीक्षांत समारोह की अध्यक्षता कादरिया तालीमी ग्रुप के संस्थापक हजरत नसीर ए मिल्लत द्वारा की गई। कार्यक्रम के दौरान वाराणसी से पधारे शायर आजम इकबाल बनारसी द्वारा एक से बढ़कर एक नात पेश कर लोगों को सराबोर किया गया। कार्यक्रम का संचालन मदरसे के प्राचार्य मुफ्ती महमूद अहमद बरकाती ने किया। इस अवसर पर मदरसे के उप संस्थापक हाफिज मसऊद रजा, मौलाना मुजाहिद इलाहाबाद, मुफ्ती अनवर गढ़वा, मौलाना गुलाम नबी मुबारकपुर, मौलाना हिफाजत हुसैन सोनभद्र, हाजी फकीर अली, हाजी निजामुद्दीन, प्रबंधक हसनैन अहमद, अंग्रेजी प्रवक्ता कौनन अली, कारी उस्मान, जामा मस्जिद के पेश इमाम सईद अनवर, मौलाना नजीरूल कादरी, हाफिज तौहीद, मौलाना कमालुद्दीन सहित हजारों लोग उपस्थित थे।



