
रक्तदान कर मानव जीवन बचाना ही उद्देश्य – सन्तोष मद्धेशिया
भलुअनी देवरिया । कहने को तो दान कई प्रकार के हैं पर रक्तदान को ही जीवनदान व महादान कहा गया है । स्वच्छ भलुअनी स्वस्थ भलुअनी (यूथ ब्रिगेड) के संस्थापक संरक्षक सन्तोष मद्धेशिया ने जिला ब्लड बैंक में स्वैच्छिक रक्तदान किया । अपने हर जन्मदिन व हर तीन महीने पर नियमित रक्तदान करने वाले सन्तोष मद्धेशिया ने 11 वीं बार रक्तदान करते हुये यह सन्देश दिया कि किसी की जान बचाने हेतु रक्तदान जैसा पुण्य कर्म करना चाहिये और रक्त के अभाव में किसी की जान ना जाये यही मेरा मुख्य उद्देश्य है । सन्तोष मद्धेशिया स्वयं रक्तदान करते हुये इस महान और पुनीत कार्य के लिये हर किसी को प्रेरित करते हैं, उनके प्रयासों से क्षेत्र के सैकड़ों रक्तवीर युवाओं की स्वच्छ भलुअनी स्वस्थ भलुअनी “यूथ ब्रिगेड” टीम लोंगों की जान बचाने का कार्य कर रही है । बातचीत के दौरान उन्होनें बताया कि तीन वर्ष पूर्व कुछ मित्रों के साथ सोशल मीडिया पर एक ग्रुप बनाकर “रक्तदान जीवनदान” नामक मुहिम शुरू की गयी जिसके जरिये जुड़कर सैकड़ों युवा रक्तदान कर बहुत से लोंगों की जान बचाने जैसा मानवीय कार्य कर रहे हैं । बहुत से ऐसे रक्तवीर युवा है जो हर तीन महीने पर रक्तदान कर रहे हैं साथ ही कई ऐसे रक्तवीर भी हैं जो किसी की जान खतरे में जानकर रक्तदान करने के लिये ब्लड बैंक पहुँच जाते हैं । अधिकतर युवा सदस्य व्यवसायी हैं जो व्यवसाय के साथ साथ रक्तदान जैसे पुनीत कार्य के लिये भी समय निकालते हैं और हमेशा सामाजिक कार्यों में अपना योगदान देते हैं ।
उन्होंने “आइये नशा नही रक्तदान करें” स्लोगन के साथ अपील करते हुये कहा कि एक रक्तदान से चार लोंगों की जिंदगी बचायी जाती है, इसलिए हर 18 वर्ष से ऊपर के युवक व युवतियों को रक्तदान करना चाहिये । पुरूष तीन महीने व महिलाएं चार महीने पर रक्तदान कर सकते हैं, दुनिया मे मात्र रक्त ही ऐसी दुर्लभ चीज है जो किसी फैक्ट्री में नही बनती सिर्फ मानव शरीर मे बनती है । रक्तदान से होने वाले फायदों के बारे में बताते हुये उन्होंने कहा कि नियमित रक्तदान करने से इंसान का स्वास्थ्य बेहतर रहता है, बहुत सी गम्भीर बीमारियों का कोई खतरा नही रहता, रक्तदान के दौरान होने वाली ब्लड जांच से समय रहते बीमारियों के बारे में पता चल जाना प्रमुख है । साथ ही उन्होनें सभी से स्वैच्छिक रक्तदान करने की भी अपील की जिससे थैलेसीमिया, कैंसर, लावारिस, कैदी, गर्भवती महिला व दुर्घटना में घायल व्यक्तियों सहित अन्य लोंगों की जान बचायी जा सके । अपने प्रयासों से परिवार के कई सदस्यों को रक्तदानी बना चुके व रक्तदान के प्रति पूरी तरह समर्पित सन्तोष मद्धेशिया ने कहा कि अगर ईश्वर ने स्वस्थ रखा तो शतक रक्तवीर बनने के साथ ही रक्त की कमी से किसी की मौत ना हो इसके लिये यह मुहिम अनवरत जारी रहेगी ।



