
मुंबई : रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड की दूरसंचार एवं डिजिटल सेवाओं से जुड़ी इकाई जियो प्लेटफॉर्म्स लिमिटेड ने बुधवार को शेयर बाजार में शानदार शुरुआत की। कंपनी के शेयर नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) और बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) पर अपने निर्गम मूल्य से लगभग 21.36 प्रतिशत प्रीमियम पर सूचीबद्ध हुए। इस मजबूत शुरुआत के साथ जियो प्लेटफॉर्म्स का बाजार पूंजीकरण लगभग 12.5 लाख करोड़ रुपये पहुंच गया और यह देश की सबसे मूल्यवान सूचीबद्ध कंपनियों में दूसरे स्थान पर आ गई।
कंपनी के शेयर 1,119 रुपये के आईपीओ निर्गम मूल्य के मुकाबले 1,358 रुपये पर सूचीबद्ध हुए। इस तरह निवेशकों को सूचीबद्धता के समय प्रति शेयर 239 रुपये का अंतर मिला। जियो की बाजार में एंट्री को भारतीय पूंजी बाजार के लिए एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम माना जा रहा है। यह रिलायंस समूह की करीब दो दशक बाद पहली बड़ी सार्वजनिक शेयर पेशकश थी।
एनएसई में आयोजित हुआ पारंपरिक बेल-रिंग समारोह
जियो प्लेटफॉर्म्स की सूचीबद्धता के अवसर पर एनएसई में पारंपरिक बेल-रिंग समारोह आयोजित किया गया। इस अवसर पर एनएसई के प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी आशीष कुमार चौहान, रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक मुकेश अंबानी, जियो प्लेटफॉर्म्स के प्रबंध निदेशक आकाश अंबानी सहित अंबानी परिवार के कई सदस्य उपस्थित रहे।समारोह में कोकिलाबेन अंबानी, नीता अंबानी, ईशा अंबानी और अनंत अंबानी की मौजूदगी भी रही। जियो के शेयर बाजार में प्रवेश को कंपनी की डिजिटल सेवाओं की यात्रा में एक नए अध्याय के रूप में देखा जा रहा है।
आकाश अंबानी ने निवेशकों का जताया आभार
जियो प्लेटफॉर्म्स के प्रबंध निदेशक आकाश अंबानी ने आईपीओ को मिली प्रतिक्रिया पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए निवेशकों के प्रति आभार जताया। उन्होंने कहा कि घरेलू और अंतरराष्ट्रीय संस्थागत निवेशकों तथा आम निवेशकों ने जिस तरह कंपनी के सार्वजनिक निर्गम में भागीदारी की, वह उनकी उम्मीदों से कहीं अधिक रही।उन्होंने इस अवसर को कंपनी की यात्रा का अंतिम पड़ाव नहीं, बल्कि नई शुरुआत बताया। आकाश अंबानी के अनुसार, जियो का उद्देश्य आने वाले वर्षों में डिजिटल सेवाओं का विस्तार करना और अधिक से अधिक लोगों तक तकनीक का लाभ पहुंचाना है।
30,213 करोड़ रुपये का विशाल आईपीओ
जियो प्लेटफॉर्म्स का सार्वजनिक निर्गम लगभग 30,213 करोड़ रुपये का था। निर्गम के लिए प्रति शेयर 1,119 रुपये का मूल्य तय किया गया था। निवेशकों की ओर से इस पेशकश को जबरदस्त प्रतिक्रिया मिली और आईपीओ कुल मिलाकर 22.19 गुना अभिदान प्राप्त करने में सफल रहा। आंकड़ों के अनुसार, पात्र संस्थागत निवेशकों की श्रेणी में मांग सबसे अधिक रही। इस श्रेणी को लगभग 70.55 गुना अभिदान मिला। गैर-संस्थागत निवेशकों की श्रेणी में लगभग 14.09 गुना और खुदरा निवेशकों की श्रेणी में करीब 2.72 गुना अभिदान दर्ज किया गया। इससे कंपनी के कारोबार और भविष्य की संभावनाओं को लेकर निवेशकों की मजबूत दिलचस्पी का संकेत मिला।
देश की डिजिटल अर्थव्यवस्था में जियो की बड़ी भूमिका
जियो प्लेटफॉर्म्स ने दूरसंचार सेवाओं से शुरुआत करते हुए अपने कारोबार को मोबाइल इंटरनेट, ब्रॉडबैंड, डिजिटल मनोरंजन, क्लाउड और उद्यम प्रौद्योगिकी सेवाओं तक विस्तारित किया है। कंपनी की दूरसंचार इकाई रिलायंस जियो देश के सबसे बड़े मोबाइल सेवा प्रदाताओं में शामिल है। जून 2026 तक उपलब्ध कंपनी संबंधी आंकड़ों के अनुसार, जियो के मोबाइल ग्राहकों की संख्या 53.3 करोड़ से अधिक थी। भारत में डेटा उपयोग और डिजिटल कनेक्टिविटी के विस्तार में कंपनी की महत्वपूर्ण भूमिका रही है।जियो की सूचीबद्धता से निवेशकों को रिलायंस समूह के दूरसंचार एवं डिजिटल कारोबार में प्रत्यक्ष निवेश का अवसर मिला है। इससे कंपनी के कारोबार का स्वतंत्र बाजार मूल्यांकन भी संभव होगा।
रिलायंस समूह की रणनीति को मिलेगी नई दिशा
जियो प्लेटफॉर्म्स की शेयर बाजार में शुरुआत रिलायंस इंडस्ट्रीज की उस व्यापक रणनीति का हिस्सा है, जिसके तहत समूह पारंपरिक तेल एवं पेट्रोकेमिकल कारोबार के साथ खुदरा, दूरसंचार और डिजिटल प्रौद्योगिकी क्षेत्रों में अपनी उपस्थिति मजबूत कर रहा है।कंपनी में रिलायंस इंडस्ट्रीज की बहुलांश हिस्सेदारी बनी हुई है। सार्वजनिक सूचीबद्धता के बाद जियो के वित्तीय प्रदर्शन, निवेश योजनाओं और विकास की संभावनाओं पर बाजार की निगाहें रहेंगी।
निवेशकों के लिए आगे क्या मायने हैं?
शानदार लिस्टिंग से आईपीओ में शेयर प्राप्त करने वाले निवेशकों को शुरुआती बढ़त मिली, लेकिन विशेषज्ञों के अनुसार किसी भी कंपनी के शेयर का दीर्घकालीन प्रदर्शन उसके कारोबार की वृद्धि, लाभप्रदता, प्रतिस्पर्धा और मूल्यांकन पर निर्भर करता है।दूरसंचार क्षेत्र में प्रतिस्पर्धा, नेटवर्क और तकनीक पर पूंजीगत व्यय तथा नियामकीय बदलाव जियो के लिए महत्वपूर्ण कारक बने रहेंगे। इसलिए शुरुआती प्रीमियम को भविष्य में लगातार बढ़त की गारंटी नहीं माना जा सकता।
जियो प्लेटफॉर्म्स की लिस्टिंग ने भारतीय शेयर बाजार में बड़े सार्वजनिक निर्गमों के प्रति निवेशकों की रुचि को एक बार फिर रेखांकित किया है। कंपनी के लिए अब चुनौती इस भरोसे को मजबूत कारोबारी प्रदर्शन और दीर्घकालीन विकास में बदलने की होगी।
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