सुर, साधना और देशभक्ति का संगम: वरुणा शाखा की टीम ने जीता प्रांतीय समूहगान का खिताब
वाराणसी के सेठ एम.आर. जयपुरिया स्कूल बाबतपुर कैंपस में भारत विकास परिषद काशी प्रांत की ओर से राष्ट्रीय समूहगान प्रतियोगिता 2026 का प्रांतीय चरण आयोजित हुआ। प्रतियोगिता में 19 शाखाओं की टीमों ने प्रतिभाग किया। वरुणा शाखा की संत अतुलानंद रेजिडेंशियल एकेडमी होलापुर की टीम ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। अब यह टीम क्षेत्रीय समूहगान प्रतियोगिता में काशी प्रांत का प्रतिनिधित्व करेगी। कार्यक्रम में राष्ट्रीय, क्षेत्रीय एवं प्रांतीय पदाधिकारियों सहित विभिन्न शाखाओं के दायित्वधारी और सदस्य उपस्थित रहे।
वाराणसी। जब सुरों में देशभक्ति का भाव घुलता है, जब स्वर एक साथ उठते हैं और जब संगीत के माध्यम से राष्ट्रप्रेम की भावना अभिव्यक्त होती है, तब वह केवल प्रतियोगिता नहीं, बल्कि राष्ट्र के प्रति समर्पण का उत्सव बन जाता है। कुछ ऐसा ही प्रेरणादायक दृश्य सेठ एम.आर. जयपुरिया स्कूल, बाबतपुर कैंपस में आयोजित राष्ट्रीय समूहगान प्रतियोगिता 2026 के प्रांतीय चरण में देखने को मिला। भारत विकास परिषद, काशी प्रांत की ओर से आयोजित इस प्रतिष्ठित प्रतियोगिता में कई शाखाओं की टीमों ने प्रतिभाग किया। अपनी उत्कृष्ट प्रस्तुति, सुरों के सामंजस्य और प्रभावशाली समूहगान के दम पर वरुणा शाखा की टीम ने प्रथम स्थान प्राप्त कर गौरवपूर्ण उपलब्धि हासिल की।
वरुणा शाखा का प्रतिनिधित्व कर रही संत अतुलानंद रेजिडेंशियल एकेडमी, होलापुर की टीम की इस सफलता ने विद्यालय, शाखा और काशी प्रांत का मान बढ़ाया। यह उपलब्धि केवल एक प्रतियोगिता में जीत नहीं, बल्कि विद्यार्थियों की मेहनत, संगीत के प्रति समर्पण, अनुशासन, सामूहिक एकता और राष्ट्रभक्ति की भावना का परिणाम है। टीम के प्रत्येक सदस्य ने अपने स्वर को एक साझा उद्देश्य से जोड़कर यह संदेश दिया कि जब प्रतिभाएं एक लक्ष्य के लिए एकजुट होती हैं, तो सफलता स्वयं उनका मार्ग प्रशस्त करती है।
प्रांतीय प्रतियोगिता में प्रथम स्थान प्राप्त करने के साथ ही अब यह टीम आगामी क्षेत्रीय समूहगान प्रतियोगिता में काशी प्रांत का प्रतिनिधित्व करेगी। यह उपलब्धि टीम के लिए नई जिम्मेदारी और गौरव का अवसर है। अब सभी की निगाहें क्षेत्रीय मंच पर होंगी, जहां यह प्रतिभाशाली टीम अपनी स्वर-साधना और देशभक्ति से ओतप्रोत प्रस्तुति के माध्यम से काशी प्रांत का नाम रोशन करने का प्रयास करेगी। वरुणा शाखा की यह सफलता इस विश्वास को और मजबूत करती है कि प्रतिभा को उचित मंच, मार्गदर्शन और प्रोत्साहन मिले, तो वह नई ऊंचाइयों तक पहुंच सकती है। प्रथम स्थान की यह उपलब्धि अब क्षेत्रीय प्रतियोगिता के लिए नई उम्मीदों और उत्साह का आधार बन गई है। काशी प्रांत को अपनी इस प्रतिभाशाली टीम से बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद है।
भारत विकास परिषद की समूहगान प्रतियोगिता का उद्देश्य विद्यार्थियों में भारतीय संस्कृति, राष्ट्रीय चेतना, देशप्रेम और सामूहिकता की भावना को मजबूत करना है। ऐसे आयोजन नई पीढ़ी को अपनी सांस्कृतिक विरासत से जोड़ने के साथ-साथ उनमें आत्मविश्वास, अनुशासन और टीम भावना का विकास भी करते हैं। संगीत के माध्यम से राष्ट्रप्रेम की यह साधना विद्यार्थियों के व्यक्तित्व निर्माण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।कार्यक्रम में राष्ट्रीय, क्षेत्रीय और प्रांतीय स्तर के पदाधिकारियों के साथ विभिन्न शाखाओं के दायित्वधारियों एवं सदस्यों की उपस्थिति रही। सभी ने प्रतिभागी टीमों का उत्साहवर्धन किया और विद्यार्थियों की प्रतिभा की सराहना की।
इस अवसर पर वरुणा शाखा की ओर से रमेश लालवानी, डॉ. शिप्रा धर, सुदीप टण्डन, विवेक सूद, ओम प्रकाश यादव, दिनेश जायसवाल, नीतू सिंह, निधि सिंह और जयपाल सिंह की उपस्थिति रही।
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