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गांवों की बदलेगी तस्वीर, योगी सरकार ने सड़क और पेयजल योजनाओं के लिए खोला खजाना

उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने ग्रामीण विकास को गति देने के लिए बड़ा कदम उठाया है। राज्य कृषि उत्पादन मंडी परिषद ने 1,111 संपर्क मार्गों की मरम्मत और सुदृढ़ीकरण के लिए लगभग 477 करोड़ रुपये जारी किए हैं। वहीं, जल जीवन मिशन के तहत वित्तीय वर्ष 2026-27 में ग्रामीण पाइप पेयजल योजनाओं के संचालन और रखरखाव के लिए 1,242 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं। जानिए इन फैसलों से किसानों, ग्रामीण परिवारों और प्रदेश की बुनियादी सुविधाओं को कैसे लाभ मिलेगा।

लखनऊ : योगी सरकार में संपर्क मार्गों के सुदृढ़ीकरण एवं गड्ढा मुक्त कार्यों को गति प्रदान करने के लिए राज्य कृषि उत्पादन मंडी परिषद ने लगभग 477 करोड़ रुपये का बजट जारी किया है। इस धनराशि से प्रदेश के 18 मंडलों में 1,111 संपर्क मार्गों की मरम्मत एवं सुदृढ़ीकरण कार्य कराया जाएगा। इन मार्गों की कुल लंबाई लगभग 1,714 किलोमीटर है। इससे किसानों को अपनी उपज कृषि मंडियों तक पहुंचाने में सुविधा मिलेगी और ग्रामीण क्षेत्रों में आवागमन सुगम होगा।संपर्क मार्गों की मरम्मत एवं सुदृढ़ीकरण से कृषि उपज से लदे वाहनों की आवाजाही बेहतर होगी। खराब सड़कों के कारण परिवहन में होने वाली कठिनाइयां कम होंगी और किसानों को उपज की ढुलाई में राहत मिलेगी।

मंडलवार विवरण के अनुसार कानपुर मंडल में सर्वाधिक 158 संपर्क मार्गों की मरम्मत एवं सुदृढ़ीकरण के लिए 50.66 करोड़ रुपये का बजट जारी किया गया है। इन मार्गों की कुल लंबाई 235.39 किलोमीटर है। वहीं बरेली मंडल में 156 मार्गों के लिए सर्वाधिक 74.86 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं। यहां 225.15 किलोमीटर लंबाई के संपर्क मार्गों पर कार्य कराया जाएगा। लखनऊ मंडल में 129 मार्गों के लिए 72.60 करोड़ रुपये जारी किए गए हैं, जिनकी कुल लंबाई 215.40 किलोमीटर है।इसी प्रकार झांसी मंडल में 77 मार्गों के लिए 44.11 करोड़ रुपये, आगरा में 100 मार्गों के लिए 35.89 करोड़ रुपये तथा प्रयागराज में 83 मार्गों के लिए 34.73 करोड़ रुपये का बजट जारी किया गया है। अयोध्या, अलीगढ़, मिर्जापुर सहित अन्य मंडलों में भी स्वीकृत संपर्क मार्गों की मरम्मत एवं सुदृढ़ीकरण कराया जाएगा।

सड़क मरम्मत एवं सुदृढ़ीकरण कार्यों में तेजी लाने के लिए मंडी परिषद ने संबंधित जिलाधिकारियों से अपने स्तर पर नियमित समीक्षा की अपेक्षा की है। मंडी परिषद के उपनिदेशक (निर्माण), उपनिदेशक (प्रशासन) एवं मंडी सचिव जिलाधिकारियों के साथ समन्वय स्थापित कर उनके निर्देशन में कार्यों की प्रगति सुनिश्चित करेंगे। निर्माण कार्यों की गुणवत्ता और समयबद्ध पूर्णता की निगरानी उपनिदेशक (निर्माण) करेंगे। जिलाधिकारी द्वारा गठित जनपद स्तरीय समितियां भी इसमें सहयोग करेंगी। साथ ही संबंधित जिलाधिकारियों द्वारा समय-समय पर कार्यों की जांच कराई जाएगी।

मंडी परिषद के निदेशक जितेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश सरकार सड़कों को गड्ढामुक्त रखने और उनके सुदृढ़ीकरण को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। इसी क्रम में मंडी परिषद द्वारा संपर्क मार्गों के सुदृढ़ीकरण एवं गड्ढा मुक्ति के कार्यों को गति प्रदान की जा रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि निर्माण कार्यों की गुणवत्ता से किसी भी स्तर पर समझौता नहीं किया जाएगा। सभी कार्य निर्धारित तकनीकी मानकों के अनुरूप और समयबद्ध ढंग से पूर्ण कराए जाएंगे। इससे किसानों और ग्रामीण आबादी को बेहतर सड़क सुविधाओं का दीर्घकालिक लाभ मिलेगा।

योगी सरकार का बड़ा फैसला, ग्रामीण पेयजल योजनाओं के लिए 1,242 करोड़ रुपये की दी स्वीकृति

उत्तर प्रदेश में ग्रामीण परिवारों को पेयजल की सुविधा लगातार मिलती रहे, इसके लिए योगी सरकार ने जल जीवन मिशन के तहत बड़ा कदम उठाया है। सरकार ने वित्तीय वर्ष 2026-27 में ग्रामीण क्षेत्रों की पाइप पेयजल योजनाओं के संचालन और रख-रखाव के लिए 1,242 करोड़ रुपये की धनराशि स्वीकृत की है। इस संबंध में राज्य पेयजल एवं स्वच्छता मिशन के अधिशासी निदेशक को शासनादेश जारी किया गया है।

योगी सरकार के इस फैसले से गांवों में पानी की आपूर्ति करने वाली योजनाओं को सुचारु बनाए रखने और उनकी नियमित देखरेख में मदद मिलेगी। इससे ग्रामीण परिवारों को पेयजल सुविधा का लाभ लगातार उपलब्ध कराने की व्यवस्था मजबूत हो सकेगी।

पेयजल योजनाओं के रखरखाव के लिए बड़ी धनराशि

ग्रामीण क्षेत्रों में संचालित पाइप पेयजल योजनाओं के संचालन और रखरखाव के लिए धनराशि स्वीकृत की गई है। वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 1,242 करोड़ रुपये की मंजूरी दी गई है। इसका उद्देश्य पेयजल योजनाओं को बेहतर ढंग से संचालित करना और गांवों में पानी की आपूर्ति बनाए रखने के लिए जरूरी व्यवस्थाओं को मजबूत करना है।

वित्तीय नियमों का पालन जरूरी

राज्य पेयजल एवं स्वच्छता मिशन के अधिशासी निदेशक को जारी शासनादेश में स्वीकृत धनराशि के इस्तेमाल के लिए निर्धारित शर्तों और वित्तीय नियमों का पालन करने पर जोर दिया गया है। राशि का उपयोग तय उद्देश्यों के लिए ही किया जाएगा। इससे सरकारी धन के निर्धारित मद में खर्च और योजनाओं के संचालन में जवाबदेही सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी।

ग्रामीण परिवारों को मिलेगा लाभ

ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल योजनाओं का नियमित संचालन बेहद जरूरी है। इनकी देखरेख और रख-रखाव बेहतर होने से पानी की आपूर्ति में आने वाली समस्याओं को दूर करने में मदद मिल सकती है। इससे ग्रामीण परिवारों को पेयजल सुविधा उपलब्ध कराने के प्रयासों को मजबूती मिलेगी। योगी सरकार का यह कदम जल जीवन मिशन के तहत ग्रामीण पेयजल व्यवस्था को बनाए रखने और आम लोगों तक बुनियादी सुविधाएं पहुंचाने में मददगार साबित होगा।

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