68 हजार ग्राम प्रहरियों को योगी का बड़ा तोहफा, 3500 मानदेय और परिवार को 5 लाख तक कैशलेस इलाज
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बरेली में ग्राम प्रहरी सम्मान समारोह के दौरान प्रदेश के करीब 68 हजार ग्राम प्रहरियों का मानदेय 2500 रुपये से बढ़ाकर 3500 रुपये प्रतिमाह करने की घोषणा की। ग्राम प्रहरियों और उनके परिवारों को सालाना पांच लाख रुपये तक कैशलेस इलाज की सुविधा देने की पहल भी की गई। मुख्यमंत्री ने रिक्त पदों पर नियुक्ति, साप्ताहिक बैठक और ग्रामीण सुरक्षा मजबूत करने के निर्देश दिए। समारोह में 11 उत्कृष्ट ग्राम प्रहरी सम्मानित किए गए।
बरेली : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश के लगभग 68 हजार ग्राम प्रहरियों के मानदेय में एकमुश्त 40 प्रतिशत की वृद्धि करते हुए इसे 2500 रुपये से बढ़ाकर 3500 रुपये प्रतिमाह करने की घोषणा की। इसके साथ ही ग्राम प्रहरियों और उनके परिवारों को प्रतिवर्ष पांच लाख रुपये तक कैशलेस उपचार की सुविधा उपलब्ध कराने की पहल की गई है। मानदेय में एक हजार रुपये प्रतिमाह की वृद्धि से प्रत्येक ग्राम प्रहरी को सालाना 12 हजार रुपये अतिरिक्त मिलेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि गांवों की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने में ग्राम प्रहरियों की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है। उनकी सजगता और समय पर दी गई सूचना किसी बड़ी घटना या अनहोनी को रोक सकती है।
मंगलवार को बरेली की रिजर्व पुलिस लाइन में आयोजित ग्राम प्रहरी सम्मान समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार पुलिसकर्मियों के साथ-साथ होमगार्ड, पीआरडी जवानों और ग्राम प्रहरियों की सुविधाओं तथा सम्मान को बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है। वर्ष 2017 में ग्राम प्रहरियों को महज 1500 रुपये प्रतिमाह मानदेय मिलता था। वर्ष 2019 में इसे बढ़ाकर 2500 रुपये किया गया और अब इसमें एक हजार रुपये की और वृद्धि की गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि जिम्मेदारियों के साथ इनकी सुविधाओं में भी वृद्धि होनी चाहिए, क्योंकि ग्रामीण क्षेत्रों में शांति और सुरक्षा बनाए रखने में इनका योगदान महत्वपूर्ण है।
गांवों की सुरक्षा में सीसीटीवी कैमरे जैसी भूमिका निभाएं ग्राम प्रहरी
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ग्राम प्रहरियों की भूमिका को गांवों की सुरक्षा व्यवस्था के लिए सीसीटीवी कैमरों के समान महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि जिस तरह शहरों में सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखी जाती है, उसी तरह ग्राम प्रहरी अपने गांव में सजग रहकर सूचनाएं एकत्र करें और पुलिस तक पहुंचाएं। संदिग्ध गतिविधियों, अपराध, जमीन पर अवैध कब्जे, भू-माफिया की गतिविधियों और शांति व्यवस्था बिगाड़ने की आशंका से संबंधित सूचनाएं समय पर पुलिस को देना उनकी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि ग्राम प्रहरियों को किसी से उलझने या स्वयं कार्रवाई करने की आवश्यकता नहीं है। उनका प्रमुख दायित्व गांव में रहकर गतिविधियों पर नजर रखना, विश्वसनीय जानकारी जुटाना और आवश्यकता पड़ने पर थानाध्यक्ष या क्षेत्र के दरोगा को फोन के माध्यम से सूचित करना है। किसी सूचना की पूरी तरह पुष्टि नहीं हुई हो, तब भी संदिग्ध परिस्थिति की जानकारी पुलिस को दी जा सकती है, ताकि उसकी जांच कर उचित कदम उठाए जा सकें।
मुख्यमंत्री ने गृह विभाग को निर्देश दिया कि जिन स्थानों पर ग्राम प्रहरियों के पद रिक्त हैं, वहां स्थानीय स्तर पर नियुक्तियां की जाएं। साथ ही थानाध्यक्ष अथवा संबंधित क्षेत्र के दरोगा को सप्ताह में कम से कम एक दिन ग्राम प्रहरियों के साथ बैठक करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि नियमित संवाद से गांवों की समस्याओं की जानकारी समय रहते मिलेगी और छोटी घटनाओं को बड़े विवाद में बदलने से रोका जा सकेगा।
अफवाहों, वन्यजीवों और भू-माफिया की गतिविधियों पर भी रखें नजर
मुख्यमंत्री ने ग्राम प्रहरियों से कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में केवल अपराध ही नहीं, बल्कि अफवाहों, वन्यजीवों से जुड़े खतरों और जमीन पर अवैध कब्जे जैसी समस्याओं के प्रति भी सतर्क रहने की जरूरत है। उन्होंने पीलीभीत, लखीमपुर खीरी और बहराइच जैसे जिलों का उल्लेख करते हुए कहा कि इन क्षेत्रों में वन्यजीवों से संबंधित घटनाओं का खतरा बना रहता है। समय पर सूचना मिलने से लोगों को सचेत करने और संभावित दुर्घटनाओं को रोकने में मदद मिल सकती है।
उन्होंने बताया कि बिजनौर में 40 से अधिक तेंदुओं का रेस्क्यू किया गया है। वन्यजीवों से संभावित खतरे के प्रति ग्रामीणों को जागरूक करने और प्रशासन को समय पर सूचना देने में ग्राम प्रहरी अहम भूमिका निभा सकते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में 57,600 से अधिक ग्राम पंचायतें और लगभग 1.05 लाख राजस्व गांव हैं। इतने बड़े ग्रामीण क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए स्थानीय स्तर पर मजबूत सूचना तंत्र आवश्यक है। ग्राम प्रहरियों की सजगता गांवों में शांति, सुरक्षा और विश्वास का वातावरण तैयार करने में सहायक होगी।
पुलिस महानिदेशक राजीव कृष्ण ने भी ग्राम प्रहरियों को गांव और थाने के बीच सूचना एवं संवाद की महत्वपूर्ण कड़ी बताया। उन्होंने कहा कि ग्राम प्रहरी अपराध, भूमि विवाद और शांति भंग होने की आशंका की सूचना तत्काल पुलिस तक पहुंचाएं। साइबर ठगी और सोशल मीडिया पर फैलने वाली अफवाहों के प्रति ग्रामीणों को जागरूक करना भी जरूरी है। डिजिटल वालंटियर्स और व्हाट्सऐप समूहों के माध्यम से सूचना तंत्र को और मजबूत बनाया जा सकता है।
2017 से पहले पर्व-त्योहारों पर रहता था उपद्रव का डर: मुख्यमंत्री
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने संबोधन में वर्ष 2017 से पहले की कानून-व्यवस्था का उल्लेख करते हुए विपक्ष पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि उस समय पर्व-त्योहारों के आते ही उपद्रव की आशंका बढ़ जाती थी और आम लोगों को शांति के साथ उत्सव मनाने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था। मुट्ठी भर अराजक तत्वों की गतिविधियों का खामियाजा प्रदेश के 25 करोड़ लोगों को भुगतना पड़ता था।
उन्होंने आरोप लगाया कि पहले सत्ता में बैठे लोग ही लूटपाट और अव्यवस्था को बढ़ावा देते थे तथा पुलिस भी कई बार कार्रवाई करने में असहाय महसूस करती थी। मुख्यमंत्री ने कहा, “जो लोग सत्ता में थे, वही लूट-खसोट करते थे। जो रहनुमा थे, वही चोर भी थे।” उन्होंने दावा किया कि वर्तमान सरकार में अपराधियों के मन में कानून का भय बढ़ा है और प्रदेश में कानून-व्यवस्था की स्थिति में सुधार हुआ है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार की प्राथमिकता आम नागरिकों को सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराना है। लूट, चेन स्नेचिंग अथवा बेटियों की सुरक्षा से खिलवाड़ करने वालों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि अपराध और अराजकता को बढ़ावा देने वालों को गंभीर परिणाम भुगतने पड़ेंगे।
अब उपद्रव नहीं, उत्सव मनाता है उत्तर प्रदेश
शारदीय नवरात्रि का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले पर्व-त्योहारों से पहले ही अशांति की आशंका लोगों को परेशान करती थी, जबकि अब प्रदेशभर में धार्मिक आयोजन हर्षोल्लास के साथ हो रहे हैं। उन्होंने नवरात्रि की तृतीया तिथि पर मां चंद्रघंटा को नमन करते हुए कहा कि मां भगवती का यह स्वरूप भयमुक्त वातावरण और बुराई पर विजय का प्रतीक है।
मुख्यमंत्री के अनुसार, प्रदेश के विभिन्न शक्तिपीठों और देवी मंदिरों में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं का पहुंचना सुरक्षित माहौल का संकेत है। उन्होंने विंध्यवासिनी धाम का उल्लेख करते हुए बताया कि पिछले दिनों वहां सवा दो लाख से ढाई लाख श्रद्धालुओं ने दर्शन किए। मंगलवार सुबह छह बजे तक डेढ़ लाख श्रद्धालुओं के दर्शन करने की जानकारी दी गई। देवीपाटन धाम में भी डेढ़ लाख से अधिक श्रद्धालुओं के पहुंचने का उल्लेख किया गया। सीतापुर के ललिता देवी मंदिर और सहारनपुर की शाकंभरी पीठ में भी श्रद्धालुओं की भीड़ रही।
उन्होंने कहा कि हजारों स्थानों पर दुर्गा प्रतिमाओं की स्थापना और पूजा पंडालों में हो रहे आयोजन इस बात का प्रमाण हैं कि लोग सुरक्षित वातावरण में अपने धार्मिक और सांस्कृतिक पर्व मना पा रहे हैं।
उत्तर प्रदेश के लोगों को अब पहचान छिपाने की जरूरत नहीं
मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2017 से पहले प्रदेश के लोगों को दूसरे राज्यों में अपनी पहचान को लेकर असहज स्थिति का सामना करना पड़ता था। कुछ लोगों की आपराधिक गतिविधियों के कारण पूरे उत्तर प्रदेश की छवि प्रभावित होती थी। उन्होंने कहा कि बाहर जाने पर लोगों को अपनी पहचान छिपानी पड़ती थी और कई बार धर्मशालाओं तथा होटलों में कमरा मिलने में भी कठिनाई होती थी।
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि वर्ष 2017 में सरकार बनने के बाद प्रदेश की छवि बदलना बड़ी चुनौती थी। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में डबल इंजन सरकार ने कानून-व्यवस्था में सुधार के माध्यम से इस दिशा में काम किया है। उन्होंने दावा किया कि अब दूसरे राज्यों में उत्तर प्रदेश के लोगों के प्रति नजरिया बदला है और लोग प्रदेश के नाम पर उनसे दूरी बनाने के बजाय करीब आना चाहते हैं।मुख्यमंत्री ने कहा कि बेहतर कानून-व्यवस्था से व्यापार और निवेश को प्रोत्साहन मिला है तथा रोजगार के अवसर बढ़े हैं। उन्होंने इसे विकसित उत्तर प्रदेश और विकसित भारत के संकल्प की दिशा में महत्वपूर्ण बताया।
ग्राम प्रहरियों और उनके परिवारों को पांच लाख रुपये तक कैशलेस इलाज
समारोह में मुख्यमंत्री ने ग्राम प्रहरियों के कल्याण से जुड़ी महत्वपूर्ण घोषणा करते हुए कहा कि करीब 68 हजार ग्राम प्रहरियों और उनके परिवारों को प्रतिवर्ष पांच लाख रुपये तक कैशलेस स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराने की दिशा में कदम उठाया जा रहा है। इस व्यवस्था का उद्देश्य बीमारी की स्थिति में ग्राम प्रहरी अथवा उनके परिवार के सदस्यों को निर्धारित स्वास्थ्य कवर के अंतर्गत उपचार की सुविधा उपलब्ध कराना है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सुरक्षा व्यवस्था की नींव को मजबूत बनाने के लिए उन लोगों का ध्यान रखना जरूरी है, जो गांवों में रहकर स्थानीय परिस्थितियों पर नजर रखते हैं। ग्राम प्रहरियों की सजगता से ग्रामीणों में सुरक्षा का भरोसा बढ़ेगा और गांवों में स्थिरता तथा विकास को प्रोत्साहन मिलेगा।उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि वर्ष 2019 में ग्राम प्रहरियों को सुरक्षा संबंधी जिम्मेदारियों के निर्वहन के लिए टॉर्च और डंडा उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई थी। अब मानदेय बढ़ाने, स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराने, रिक्त पदों पर नियुक्ति और नियमित बैठकों के माध्यम से उनकी भूमिका को और प्रभावी बनाने का प्रयास किया जा रहा है।
11 उत्कृष्ट ग्राम प्रहरी सम्मानित
समारोह के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उत्कृष्ट कार्य करने वाले 11 ग्राम प्रहरियों को मंच पर साफा पहनाकर और गिफ्ट हैम्पर देकर सम्मानित किया। सम्मानित होने वालों में बरेली के फरीदपुर से राजवीर सिंह, सिरौली से कुंवर पाल सिंह और बहेड़ी से राम राठौर शामिल रहे।
इसके अलावा पीलीभीत के सुनगढ़ी से राजेंद्र बाल्मीकि, शाहजहांपुर के पुवायां से कमलेश, मुरादाबाद के कांठ से कमलेश सिंह सैनी, बिजनौर की शहर कोतवाली से राजेश सैनी, संभल के हजरतनगर गढ़ी से अनिल बाल्मीकि, रामपुर के टांडा से ध्यान सिंह चौहान, रामपुर के शाहबाद से प्रकाश तथा अमरोहा के नौगावां सादात से तेजपाल प्रजापति को भी सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में ग्राम प्रहरियों के योगदान पर आधारित एक लघु फिल्म भी दिखाई गई।
सुरेश कुमार खन्ना बोले- मानदेय वृद्धि मुख्यमंत्री की संवेदनशीलता का प्रमाण
वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश का परिदृश्य बदला है और समाज के विभिन्न वर्गों का सरकार के प्रति विश्वास बढ़ा है। उन्होंने कहा कि ग्राम प्रहरियों के मानदेय में एक हजार रुपये की वृद्धि उनके समर्पण और ग्रामीण सुरक्षा में योगदान को देखते हुए सराहनीय कदम है।खन्ना ने कहा कि मुख्यमंत्री ने ग्राम प्रहरियों का सम्मान बढ़ाकर उनके प्रति संवेदनशीलता का परिचय दिया है। उन्होंने यह भी दावा किया कि सरकार की योजनाओं और प्रयासों के माध्यम से छह करोड़ से अधिक लोगों को गरीबी से बाहर निकालने में सफलता मिली है।
धर्मपाल सिंह ने सपा के पीडीए पर साधा निशाना
पशुधन मंत्री धर्मपाल सिंह ने अपने संबोधन में समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव और उनके पीडीए के नारे पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि सपा के नेता पीडीए की परिभाषा बदलते रहते हैं, जबकि भारतीय जनता पार्टी के साथ भी पीडीए है। उन्होंने भाजपा के संदर्भ में पीडीए का अर्थ पहली बार वर्ष 2017, दूसरी बार वर्ष 2022 और अगली बार वर्ष 2027 बताते हुए आगामी विधानसभा चुनाव में भी भाजपा की सरकार बनने का दावा किया।
धर्मपाल सिंह ने कहा कि प्रदेश में कानून-व्यवस्था की स्थिति में सुधार से गांवों का माहौल बदला है। उनके अनुसार, पुलिस की सख्ती से अपराधियों में भय और आम लोगों में सुरक्षा का विश्वास बढ़ा है। उन्होंने दावा किया कि ग्रामीण क्षेत्रों में चोरी और गुंडागर्दी का भय कम हुआ है तथा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में भाजपा आगामी विधानसभा चुनाव में फिर प्रचंड बहुमत से सरकार बनाएगी।
कार्यक्रम में कई जनप्रतिनिधि और अधिकारी रहे मौजूद
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के संबोधन से पहले पुलिस महानिदेशक राजीव कृष्ण ने उन्हें मां दुर्गा की प्रतिमा भेंट की। कार्यक्रम में वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री सुरेश कुमार खन्ना, पशुधन मंत्री धर्मपाल सिंह, बरेली के प्रभारी मंत्री जयेंद्र प्रताप सिंह राठौर, पर्यावरण एवं वन मंत्री डॉ. अरुण कुमार सक्सेना, मंत्री संजय सिंह गंगवार, सांसद छत्रपाल सिंह गंगवार, राज्यसभा सदस्य श्रुति गंगवार, बरेली के महापौर डॉ. उमेश गौतम, जिला पंचायत अध्यक्ष रश्मि पटेल, विधान परिषद सदस्य बहोरन लाल मौर्य और कुंवर महाराज सिंह सहित कई जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।
इसके अतिरिक्त विधायक संजीव अग्रवाल, डॉ. राघवेंद्र शर्मा, डॉ. डीसी वर्मा और डॉ. एमपी आर्य तथा अपर मुख्य सचिव गृह संजय प्रसाद समेत पुलिस और प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी भी समारोह में मौजूद रहे।
मुख्यमंत्री ने ग्राम प्रहरियों से अपील की कि वे अपने गांवों में सजग रहकर सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाएं, किसी भी संदिग्ध गतिविधि या संभावित खतरे की सूचना समय पर पुलिस और प्रशासन तक पहुंचाएं तथा ग्रामीणों के बीच जागरूकता बढ़ाने में सहयोग करें। उन्होंने कहा कि गांव सुरक्षित होंगे, तभी आत्मनिर्भर गांवों और विकसित उत्तर प्रदेश का लक्ष्य मजबूत होगा।



