
सरकारी भर्ती, OPS और PDA ,एक साथ कई मुद्दों पर विपक्ष को मंत्रियों ने घेरा
लखनऊ में उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्री भूपेंद्र सिंह चौधरी और ओम प्रकाश राजभर ने समाजवादी पार्टी व विपक्ष पर तीखे राजनीतिक हमले किए। चौधरी ने सपा पर मुस्लिम समाज को वोट बैंक की राजनीति तक सीमित रखने और पूर्ववर्ती सरकार में भर्तियों में अनियमितताओं के आरोप लगाए। उन्होंने योगी सरकार में पारदर्शी भर्ती व्यवस्था और 9.5 लाख से अधिक सरकारी नौकरियों का दावा किया। वहीं राजभर ने पुरानी पेंशन योजना, PDA और सामाजिक समीकरणों को लेकर विपक्ष पर सवाल उठाए।
लखनऊ : उत्तर प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री और भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र सिंह चौधरी ने समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने सपा पर मुस्लिम समाज को वोट बैंक की राजनीति तक सीमित रखने का आरोप लगाते हुए सवाल किया कि क्या विपक्ष नहीं चाहता कि मुस्लिम समाज पढ़-लिखकर देश और प्रदेश के विकास की मुख्यधारा में आगे बढ़े? चौधरी ने सरकारी भर्तियों को लेकर भी पूर्ववर्ती सपा सरकार पर निशाना साधा और दावा किया कि योगी सरकार ने ‘पर्ची और वसूली’ की व्यवस्था खत्म कर पारदर्शी भर्ती व्यवस्था स्थापित की है।
सपा की राजनीति पर उठाए सवाल
चौधरी भूपेंद्र सिंह ने कहा कि अखिलेश यादव की बयानबाजी से समाजवादी पार्टी की राजनीति और उसकी सोच सामने आती है। उन्होंने आरोप लगाया कि सपा की राजनीति मुस्लिम समाज को मुख्यधारा से अलग रखकर वोट बैंक के रूप में इस्तेमाल करने की रही है। चौधरी के मुताबिक मुस्लिम समाज शिक्षा हासिल कर विकास की मुख्यधारा में आगे बढ़ेगा और प्रदेश व देश की प्रगति में सक्रिय भागीदारी करेगा तो विपक्ष की वोट बैंक की राजनीति कमजोर होगी। उन्होंने कहा कि मुस्लिम समाज भी देश के अन्य नागरिकों की तरह विकास, शिक्षा और बेहतर भविष्य का हकदार है। ऐसे में उसे राजनीतिक वोट बैंक तक सीमित रखने के बजाय आगे बढ़ने के समान अवसर मिलने चाहिए।
‘वोट बैंक की राजनीति में मुस्लिम समाज के भविष्य की चिंता नहीं’
चौधरी भूपेंद्र सिंह ने आरोप लगाया कि विपक्ष ने लंबे समय तक मुस्लिम समाज को वोट बैंक के तौर पर देखा। उन्होंने कहा कि विपक्षी दलों ने इस समाज की शिक्षा, विकास और नई पीढ़ी के भविष्य पर उस तरह ध्यान नहीं दिया, जैसा दिया जाना चाहिए था। चौधरी ने कहा कि देश के नागरिक के रूप में मुस्लिम समाज के उत्थान, शिक्षा और आवश्यकताओं के लिए काम होना चाहिए। उनका आरोप था कि सपा और दूसरे विपक्षी दलों को आशंका है कि समाज के लोग शिक्षा और विकास के साथ मुख्यधारा में आगे बढ़ेंगे तो उनकी पारंपरिक वोट बैंक की राजनीति प्रभावित होगी।
‘अनैतिक गतिविधियों में शामिल लोगों पर कानून के मुताबिक कार्रवाई’
कानून-व्यवस्था और अनैतिक गतिविधियों से जुड़े सवाल पर चौधरी भूपेंद्र सिंह ने कहा कि देश संविधान और कानून के अनुसार चलता है। किसी भी व्यक्ति के अनैतिक या गैरकानूनी गतिविधि में शामिल पाए जाने पर उसके खिलाफ कानून के मुताबिक कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि कार्रवाई व्यक्ति की पहचान के आधार पर नहीं, बल्कि कानून और संवैधानिक व्यवस्था के तहत होनी चाहिए। सरकार कानून का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ विधिसम्मत कार्रवाई करेगी।
सरकारी नौकरियों पर सपा को घेरा, ‘सैफई की पर्ची’ का लगाया आरोप
चौधरी भूपेंद्र सिंह ने सरकारी भर्तियों के मुद्दे पर भी अखिलेश यादव और पूर्ववर्ती सपा सरकार को निशाने पर लिया। उन्होंने आरोप लगाया कि सपा शासन में सरकारी भर्तियों में ‘सैफई की पर्ची’, भाई-भतीजावाद और अवैध वसूली का बोलबाला था। उनका दावा था कि उस समय भर्तियों में एक खास वर्ग और क्षेत्र को प्राथमिकता दिए जाने के आरोप लगते थे। चौधरी ने कहा कि योगी सरकार ने इस व्यवस्था को समाप्त कर भर्ती प्रक्रिया को पारदर्शी बनाया है। अब युवाओं को उनकी योग्यता के आधार पर अवसर मिल रहे हैं और सरकार आगे भी इसी व्यवस्था को जारी रखेगी।
‘साढ़े नौ लाख से अधिक सरकारी नौकरियां दीं, छह महीने में एक लाख और भर्ती’
सरकार की उपलब्धियों का जिक्र करते हुए चौधरी ने दावा किया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में पिछले साढ़े नौ वर्षों में साढ़े नौ लाख से अधिक युवाओं को बिना भेदभाव और भ्रष्टाचार के सरकारी नौकरियां दी गई हैं। उन्होंने कहा कि सरकार की योजना अगले छह महीने में एक लाख से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरियां देने की है। ये भर्तियां भी पारदर्शी प्रक्रिया के तहत की जाएंगी। उन्होंने दावा किया कि भर्ती व्यवस्था में आए इसी बदलाव से समाजवादी पार्टी और उसके नेता परेशान हैं।
‘जब सत्ता में थे तब क्यों नहीं याद आई OPS?’, ओम प्रकाश राजभर ने विपक्ष पर साधा निशाना
पुरानी पेंशन योजना (OPS) को लेकर विपक्ष की ओर से उठाए जा रहे सवालों पर सुभासपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष और यूपी सरकार में मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि जो लोग अब पुरानी पेंशन बहाली की बात कर रहे हैं, वे 5 साल तक सत्ता में रहे, तब उन्होंने इसे बहाल करने के लिए क्या किया। राजभर ने कहा कि जब जनता ने उन्हें सरकार चलाने का अवसर दिया था, तब उन्हें पुरानी पेंशन बहाली की दिशा में कदम उठाना चाहिए था लेकिन तब वो लुटने खसोटने में लगे थे।
‘सत्ता में रहते OPS की याद नहीं आई, अब जनता को गुमराह कर रहे’
राजभर ने आरोप लगाया कि विपक्ष अब पुरानी पेंशन के मुद्दे को लेकर लोगों को गुमराह कर रहा है। उन्होंने कहा कि सत्ता में रहते हुए सामाजिक और प्रशासनिक नियुक्तियों को लेकर अलग-अलग नीतियां अपनाई गईं, लेकिन उस समय पुरानी पेंशन बहाली की याद नहीं आई। मंत्री राजभर ने कहा कि विपक्ष के नेता झूठ बोलने और समाज को गुमराह कर वोट लेने में माहिर थे लेकिन जनता ने उन्हें सत्ता से बेदखल कर दिया।
PDA को लेकर राजभर का तंज, निषाद-राजभर समाज के सम्मान पर उठाए सवाल
सपा के PDA अभियान का जिक्र करते हुए राजभर ने शिवपाल यादव के एक कथित बयान और देवरिया की एक घटना का भी उल्लेख किया। राजभर ने आरोप लगाया कि देवरिया में आयोजित कार्यक्रम में निषाद और राजभर समाज से जुड़े सांसदों को मंच पर उचित स्थान नहीं दिया गया और उन्हें भीड़ के बीच नीचे बिठाया गया। राजभर ने सीधे कहा कि PDA की राजनीति दिशाहीन है।
सामाजिक समीकरणों की राजनीति पर भी साधा निशाना
ओम प्रकाश राजभर ने आरोप लगाया कि विपक्षी दल सामाजिक वर्गों के नाम पर राजनीति कर वोट हासिल करने की कोशिश करते हैं, जबकि उनके पास विकास और जनहित से जुड़े ठोस मुद्दे नहीं हैं। उन्होंने समाजवादी पार्टी पर परिवारवाद का आरोप लगाते हुए कहा कि पार्टी की राजनीति का केंद्र आम जनता के बजाय अपने परिवार तक सीमित है।
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