यूपी में अब कट्टा उद्योग की जगह डिफेंस कॉरिडोर, वाहन चोरी की जगह वाहन निर्माण: अमित शाह
ग्रेटर नोएडा में यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो 2026 के उद्घाटन समारोह में केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने उत्तर प्रदेश में औद्योगिक और निवेश संबंधी बदलावों का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि प्रदेश में अब डिफेंस कॉरिडोर, वाहन निर्माण और मेडिकल डिवाइस पार्क जैसे क्षेत्र विकसित हो रहे हैं। शाह ने छह डिफेंस कॉरिडोर नोड, ओडीओपी, एक्सप्रेसवे और बढ़ते निवेश का जिक्र करते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश देश का विकास इंजन बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है और एक ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था का लक्ष्य लेकर चल रहा है।
ग्रेटर नोएडा । केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने उत्तर प्रदेश में पिछले वर्षों में हुए बदलावों का जिक्र करते हुए कहा कि कभी अपराध और अवैध गतिविधियों के लिए बदनाम उत्तर प्रदेश आज डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग, वाहन निर्माण और मेडिकल डिवाइस जैसे आधुनिक उद्योगों की दिशा में आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि आज उत्तर प्रदेश निवेश का प्रमुख केंद्र बनकर देश के विकास इंजन के रूप में अपनी भूमिका मजबूत करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।
अमित शाह शुक्रवार को ग्रेटर नोएडा स्थित इंडिया एक्सपो मार्ट में यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो (UPITS) के चौथे संस्करण के उद्घाटन समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ ट्रेड शो का शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने उत्तर प्रदेश में निवेश, उद्योग, रोजगार, डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग, ओडीओपी और बुनियादी ढांचे के विस्तार से जुड़े मुद्दों पर विस्तार से बात रखी।
शाह ने अपने संबोधन में प्रदेश के मौजूदा औद्योगिक वातावरण की तुलना पूर्ववर्ती दौर से करते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश में अब उद्योग और निवेश के लिए अनुकूल माहौल बना है। उनके अनुसार, इसी बदलाव के चलते प्रदेश ने एक ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनने का लक्ष्य रखा है।
‘कट्टा उद्योग की जगह डिफेंस कॉरिडोर, वाहन चोरी की जगह वाहन निर्माण’
अमित शाह ने कहा कि एक समय उत्तर प्रदेश में अपराध की इंडस्ट्री चलने की बात कही जाती थी। उन्होंने कहा कि शहरों में वाहन चोरी और अवैध हथियार निर्माण जैसी गतिविधियों का बोलबाला था। उनके शब्दों में, आज उसी उत्तर प्रदेश में ‘कट्टा उद्योग’ की जगह डिफेंस कॉरिडोर, वाहन चोरी की जगह वाहन मैन्युफैक्चरिंग और चेन स्नैचिंग की जगह मेडिकल डिवाइस पार्क दिखाई दे रहे हैं।
शाह ने इस बदलाव का श्रेय मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व वाली सरकार की कानून-व्यवस्था और औद्योगिक नीतियों को दिया। उन्होंने कहा कि कानून-व्यवस्था में सुधार के साथ उद्योगों के लिए नीतिगत वातावरण और बुनियादी ढांचे में बदलाव से निवेशकों का भरोसा बढ़ा है। अमित शाह ने कहा कि उत्तर प्रदेश के पास पहले भी जमीन, बड़ी आबादी और मेहनती कारीगर मौजूद थे। उनके मुताबिक कमी ऐसे औद्योगिक वातावरण की थी, जिसमें निवेशक सुरक्षित महसूस करें और उद्योगों को स्थापित करने तथा संचालित करने में सुविधा हो।
2013 के औद्योगिक निवेश सम्मेलन से लेकर आज तक का जिक्र
गृह मंत्री ने अपने संबोधन में वर्ष 2013 की स्थिति का उल्लेख करते हुए कहा कि उस समय लखनऊ में औद्योगिक निवेश सम्मेलन आयोजित करने की स्थिति नहीं थी। उनके अनुसार, कानून-व्यवस्था को लेकर अधिकारियों की चिंता के कारण निवेश से जुड़ा कार्यक्रम दिल्ली में आयोजित करना पड़ा था। शाह ने कहा कि आज वही उत्तर प्रदेश निवेश के प्रमुख केंद्र के रूप में आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि किसी भी राज्य में निवेश आकर्षित करने के लिए कानून-व्यवस्था, अनुकूल औद्योगिक नीति, सक्रिय सरकार और उद्योगों को सुविधा देने वाली व्यवस्था आवश्यक होती है। उनके मुताबिक उत्तर प्रदेश में इन क्षेत्रों में हुए बदलाव का असर निवेश और औद्योगिक गतिविधियों में दिखाई दे रहा है।
‘एक ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था’ के लक्ष्य की ओर यूपी
अमित शाह ने कहा कि उत्तर प्रदेश ने एक ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनने का लक्ष्य तय किया है। उन्होंने प्रदेश में निवेश, उत्पादन और कारोबार के बढ़ते अवसरों को इस लक्ष्य की दिशा में महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश के पास विशाल बाजार, मानव संसाधन, परंपरागत हुनर और औद्योगिक क्षमता है। अब इन क्षमताओं को आधुनिक बुनियादी ढांचे, नीतिगत समर्थन और निवेश के साथ जोड़ने की कोशिश हो रही है। शाह ने कहा कि उत्तर प्रदेश को देश के विकास का इंजन बनाने में निवेश और उद्योगों की महत्वपूर्ण भूमिका होगी।
डिफेंस कॉरिडोर में छह नोड, रक्षा उत्पादन में बढ़ता योगदान
अमित शाह ने उत्तर प्रदेश डिफेंस इंडस्ट्रियल कॉरिडोर का विशेष रूप से उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि झांसी, चित्रकूट, लखनऊ, आगरा, अलीगढ़ और कानपुर में छह नोड विकसित किए जा रहे हैं। इन नोड में रक्षा उपकरणों के निर्माण से संबंधित निवेश और औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा दिया जा रहा है।
उत्तर प्रदेश डिफेंस इंडस्ट्रियल कॉरिडोर की आधिकारिक जानकारी के अनुसार, यह परियोजना भारत के एयरोस्पेस और रक्षा क्षेत्र की विदेशी निर्भरता कम करने के उद्देश्य से विकसित की जा रही है। शाह ने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार ने डिफेंस कॉरिडोर के लिए नीतिगत वातावरण और जरूरी इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार करने पर काम किया है। उन्होंने अमेठी में एके-203 राइफल के निर्माण सहित प्रदेश में हो रहे रक्षा उत्पादन का उल्लेख किया।
देश का रक्षा उत्पादन 1.78 लाख करोड़ रुपये के पार
गृह मंत्री ने कहा कि भारत का रक्षा उत्पादन करीब 1.78 लाख करोड़ रुपये के स्तर को पार कर चुका है। यह आंकड़ा वित्त वर्ष 2025-26 के लिए केंद्र सरकार के रक्षा मंत्रालय के आंकड़ों से भी पुष्ट होता है। रक्षा मंत्रालय के अनुसार, वित्त वर्ष 2025-26 में भारत का रक्षा उत्पादन रिकॉर्ड 1.78 लाख करोड़ रुपये रहा, जो 2024-25 के 1.54 लाख करोड़ रुपये की तुलना में 15.6 प्रतिशत अधिक है।
रक्षा मंत्रालय के मुताबिक वित्त वर्ष 2013-14 में घरेलू रक्षा उत्पादन 43,746 करोड़ रुपये था, जो 2025-26 में बढ़कर लगभग चार गुना हो गया। इसी अवधि में रक्षा निर्यात भी रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचा। अमित शाह ने इस राष्ट्रीय स्तर के बदलाव में उत्तर प्रदेश के बढ़ते योगदान का उल्लेख करते हुए प्रदेश को रक्षा निर्माण के उभरते केंद्र के रूप में प्रस्तुत किया।
ब्रह्मोस और एके-203 का किया उल्लेख
अमित शाह ने उत्तर प्रदेश में रक्षा उत्पादन का उल्लेख करते हुए ब्रह्मोस और एके-203 राइफल का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में बन रहे रक्षा उत्पाद देश की नई औद्योगिक और रक्षा उत्पादन क्षमता को प्रदर्शित करते हैं। ब्रह्मोस को लेकर शाह ने अपने संबोधन में पाकिस्तान का संदर्भ दिया, जबकि अमेठी में निर्मित एके-203 राइफल का उल्लेख करते हुए उन्होंने इसे नक्सलवाद के खिलाफ सुरक्षा बलों की क्षमता से जोड़ा।
ओडीओपी ने बदली स्थानीय रोजगार और कारोबार की तस्वीर
गृह मंत्री ने वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट यानी ओडीओपी योजना को उत्तर प्रदेश के पारंपरिक उद्योगों और स्थानीय रोजगार के लिए महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश के अलग-अलग जिलों के पारंपरिक उत्पादों को बाजार उपलब्ध कराने से स्थानीय कारीगरों और उद्यमियों के लिए अवसर बढ़े हैं। उन्होंने भदोही के कालीन, फिरोजाबाद के कांच, सहारनपुर की काष्ठ कला, कन्नौज के इत्र और बनारस की रेशमी साड़ी का उल्लेख किया।
शाह ने कहा कि इन उत्पादों ने देश-दुनिया में अपनी पहचान बनाई है। उन्होंने वाराणसी की मलाईयो, तिरंगा बर्फी, आगरा के पेठा, मथुरा के पेड़ा और मेरठ की गजक जैसे स्थानीय खाद्य उत्पादों को भी व्यापक बाजार मिलने की संभावना का उल्लेख किया।
‘रोजगार के लिए बाहर जाने वाले युवाओं को यूपी में ही अवसर’
अमित शाह ने कहा कि कभी उत्तर प्रदेश के युवाओं को रोजगार की तलाश में दूसरे राज्यों की ओर पलायन करना पड़ता था। उनके अनुसार, अब प्रदेश में ही रोजगार और उद्यम के नए अवसर तैयार हो रहे हैं। उन्होंने पारंपरिक उद्योगों, एमएसएमई और ओडीओपी को स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ाने से जोड़ते हुए कहा कि जब स्थानीय उत्पादों को बाजार मिलता है तो उसका सीधा लाभ कारीगरों, छोटे कारोबारियों और युवाओं को मिलता है।
एक्सप्रेसवे और इंफ्रास्ट्रक्चर ने बढ़ाई औद्योगिक रफ्तार
शाह ने उत्तर प्रदेश में एक्सप्रेसवे और अन्य बुनियादी ढांचे के विकास का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि बेहतर कनेक्टिविटी से उद्योगों, माल परिवहन और बाजारों तक पहुंच आसान होती है। उत्तर प्रदेश में एक्सप्रेसवे नेटवर्क और औद्योगिक कॉरिडोर के विकास को राज्य की औद्योगिक रणनीति से जोड़ा गया है। यूपी डिफेंस इंडस्ट्रियल कॉरिडोर की आधिकारिक वेबसाइट भी प्रदेश को बड़े विनिर्माण आधार और रक्षा क्षेत्र में निवेश के लिए विकसित किए जा रहे पारिस्थितिकी तंत्र के रूप में प्रस्तुत करती है।
चार चरणों में समझाया उत्तर प्रदेश का बदलाव
अमित शाह ने उत्तर प्रदेश में आए बदलाव को चार चरणों में समझाया। उन्होंने कहा कि पहले दुनिया ने उत्तर प्रदेश में बदलाव को देखा, फिर लोगों ने प्रदेश में आने की इच्छा जताई, इसके बाद निवेशक उत्तर प्रदेश पहुंचे और अब वे प्रदेश के विकास में भागीदार बनने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि निवेशकों और उद्यमियों की भागीदारी उत्तर प्रदेश को एक ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने के लक्ष्य की दिशा में आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो को बताया वैश्विक कारोबारी मंच
अमित शाह ने यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो को उत्तर प्रदेश के लिए निवेश, उत्पादन और बिक्री के अवसरों को बढ़ाने वाला महत्वपूर्ण मंच बताया। उन्होंने कहा कि देश-दुनिया से खरीदार और उद्यमी यहां पहुंचे हैं और इससे व्यापारिक समझौतों तथा निवेश की संभावनाएं बढ़ेंगी। उन्होंने ट्रेड शो के पिछले संस्करणों का उल्लेख करते हुए कहा कि पहले संस्करण में राष्ट्रपति, दूसरे में उपराष्ट्रपति और तीसरे संस्करण में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मौजूदगी रही थी। चौथे संस्करण के उद्घाटन में शामिल होने पर उन्होंने प्रसन्नता व्यक्त की।
शाह ने कहा कि 2025 के ट्रेड शो में पांच लाख से अधिक लोगों ने हिस्सा लिया था और 2,400 से अधिक एमओयू हुए थे। उन्होंने उम्मीद जताई कि चौथा संस्करण पिछले सभी रिकॉर्ड को पीछे छोड़ सकता है। यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो 2026 का आयोजन 25 से 29 सितंबर तक ग्रेटर नोएडा के इंडिया एक्सपो सेंटर एंड मार्ट में हो रहा है। उत्तर प्रदेश सरकार की संबंधित एजेंसी की आधिकारिक जानकारी में भी आयोजन की यही तिथियां और स्थान दर्ज हैं।
मेक इन इंडिया से जोड़ा यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो
अमित शाह ने यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो को ‘मेक इन इंडिया’ की व्यापक औद्योगिक सोच से जोड़ते हुए कहा कि भारत को उत्पादन, डिजाइन और इनोवेशन का केंद्र बनाने की दिशा में केंद्र और राज्य मिलकर काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश का ट्रेड शो स्थानीय उत्पादों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजार से जोड़ने के साथ उत्पादन क्षमता बढ़ाने और निवेश आकर्षित करने का मंच बन रहा है।
दीनदयाल उपाध्याय की विचारधारा का उल्लेख
अपने संबोधन में अमित शाह ने पंडित दीनदयाल उपाध्याय की 110वीं जयंती का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि आजादी के बाद दीनदयाल उपाध्याय ने मुक्त व्यापार और मुक्त खेती की अवधारणा सामने रखी थी। शाह ने आगे कहा कि इसी विचारधारा को बाद में अटल बिहारी वाजपेयी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश के विकास से जोड़ा गया।
निवेश, उत्पादन और बिक्री पर नजर
अमित शाह ने कहा कि उत्तर प्रदेश के पास जमीन, बड़ा बाजार, मानव संसाधन और मेहनती कारीगर पहले भी थे। उनके अनुसार अब उद्योगों के लिए अनुकूल वातावरण और बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर के साथ इन क्षमताओं को आगे बढ़ाने का प्रयास हो रहा है। उन्होंने ट्रेड शो में पहुंचे कारोबारियों और निवेशकों की भागीदारी को प्रदेश की औद्योगिक संभावनाओं से जोड़ते हुए कहा कि यहां होने वाले समझौते आने वाले समय में निवेश, उत्पादन और बिक्री को गति दे सकते हैं। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश के विकास में देश और दुनिया के निवेशक भागीदार बनने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं।
बदलते उत्तर प्रदेश की तस्वीर- अमित शाह के संबोधन के प्रमुख बिंदु
- उत्तर प्रदेश को निवेश का प्रमुख केंद्र बनाने पर जोर।
- प्रदेश के लिए एक ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था का लक्ष्य।
- झांसी, चित्रकूट, लखनऊ, आगरा, अलीगढ़ और कानपुर में डिफेंस कॉरिडोर के छह नोड का उल्लेख।
- रक्षा उत्पादन और रक्षा क्षेत्र में उत्तर प्रदेश की भूमिका पर जोर।
- ओडीओपी के जरिए पारंपरिक उत्पादों को बाजार से जोड़ने की बात।
- स्थानीय उत्पादों के जरिए रोजगार और उद्यम के अवसर बढ़ाने का दावा।
- एक्सप्रेसवे और औद्योगिक इंफ्रास्ट्रक्चर को निवेश के लिए महत्वपूर्ण बताया।
- यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो को वैश्विक व्यापारिक मंच के रूप में प्रस्तुत किया।
- 2025 के ट्रेड शो में पांच लाख से अधिक लोगों और 2,400 से अधिक एमओयू का उल्लेख।
- चौथे संस्करण से निवेश, उत्पादन और बिक्री के नए अवसर पैदा होने की उम्मीद जताई गई।
यूपी के उत्पादों पर बढ़ा दुनिया का भरोसा, निर्यात दो लाख करोड़ के पार: योगी



