यूपी के उत्पादों पर बढ़ा दुनिया का भरोसा, निर्यात दो लाख करोड़ के पार: योगी
ग्रेटर नोएडा में यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो 2026 के चौथे संस्करण का शुभारंभ केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने किया। ट्रेड शो में 90 देशों से 600 से अधिक विदेशी खरीदार और 2,400 से अधिक एग्जीबिटर्स शामिल हुए। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश के उत्पादों की गुणवत्ता, मजबूत सप्लाई चेन और उद्यमियों की विश्वसनीयता पर दुनिया का भरोसा बढ़ा है। प्रदेश का निर्यात दो लाख करोड़ रुपये से अधिक हो चुका है। 79 उत्पादों को जीआई टैग मिला है।
ग्रेटर नोएडा : उत्तर प्रदेश की मिट्टी में रचे-बसे पारंपरिक हुनर से लेकर आधुनिक मैन्युफैक्चरिंग तक की ताकत शुक्रवार को ग्रेटर नोएडा में आयोजित यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो के चौथे संस्करण में वैश्विक मंच पर दिखाई दी। केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो के चौथे संस्करण का शुभारंभ किया। आयोजन में 90 देशों से 600 से अधिक विदेशी खरीदार पहुंचे हैं, जबकि 2,400 से अधिक एग्जीबिटर्स अपने उत्पादों के साथ हिस्सा ले रहे हैं।
उद्घाटन समारोह में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उत्तर प्रदेश के उत्पादों की गुणवत्ता, मजबूत सप्लाई चेन और प्रदेश के उद्यमियों की विश्वसनीयता पर दुनिया का भरोसा बढ़ा है। मुख्यमंत्री के अनुसार, उत्तर प्रदेश आज दो लाख करोड़ रुपये से अधिक का निर्यात कर रहा है।
चार साल में यूपी के उत्पादों के लिए वैश्विक मंच बना ट्रेड शो
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि महज चार वर्षों में यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो उत्तर प्रदेश में तैयार होने वाले उत्पादों को देश और दुनिया के सामने प्रस्तुत करने वाला महत्वपूर्ण मंच बन चुका है। उन्होंने कहा कि पिछले वर्ष जहां 72 देशों के 550 खरीदार ट्रेड शो में पहुंचे थे, वहीं इस वर्ष 90 देशों से 600 से अधिक विदेशी खरीदार पहुंचे हैं। आयोजन में करीब डेढ़ लाख बी2बी विजिटर्स के शामिल होने की संभावना जताई गई है। बढ़ती अंतरराष्ट्रीय भागीदारी को मुख्यमंत्री ने प्रदेश के कारीगरों के हुनर, युवाओं के नवाचार, एमएसएमई क्षेत्र और किसानों की मेहनत के प्रति बढ़ते वैश्विक भरोसे से जोड़ा।
‘जो अपनी जड़ों से जुड़कर दुनिया के साथ चलता है, दुनिया उसे फॉलो करती है’
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि जो अपनी जड़ों से जुड़कर दुनिया के साथ कदम से कदम मिलाकर चलता है, दुनिया उसे फॉलो करती है। उनके मुताबिक यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो इसी सोच का उदाहरण है। उन्होंने कहा कि इस आयोजन में एक ओर उत्तर प्रदेश की विरासत, परंपरा और पारंपरिक हुनर दिखाई दे रहा है तो दूसरी ओर टेक्नोलॉजी, इनोवेशन और आधुनिक बाजार की जरूरतों के साथ उनका मेल भी देखने को मिल रहा है। उनके अनुसार, ट्रेड शो ट्रेडिशन और टेक्नोलॉजी, हेरिटेज और इनोवेशन तथा हुनर और बाजार की ताकत को एक मंच पर लाने का अवसर बन रहा है।
परंपरागत उद्यमों की ताकत को पहचानने का किया उल्लेख
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह द्वारा उत्तर प्रदेश के पारंपरिक उद्यमों की ताकत को पहचानने का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि वर्ष 2017 में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष रहते हुए अमित शाह ने उत्तर प्रदेश के लोक कल्याण संकल्प पत्र के निर्माण के दौरान प्रदेश के परंपरागत उद्यमों की क्षमता को पहचानने पर जोर दिया था।
मुख्यमंत्री के अनुसार, उस समय यह सोच सामने आई थी कि यदि उत्तर प्रदेश अपनी पारंपरिक औद्योगिक क्षमता को पहचान ले और उसे उचित मंच उपलब्ध कराए तो प्रदेश को मैन्युफैक्चरिंग हब के रूप में आगे बढ़ने से कोई नहीं रोक सकता। सरकार बनने के बाद इसी सोच को ‘वन डिस्ट्रिक्ट-वन प्रोडक्ट’ यानी ओडीओपी के रूप में ब्रांड किया गया।
गांवों और जिलों के हुनर को मिला ग्लोबल बाजार
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश में संभावनाओं की कभी कमी नहीं रही। आवश्यकता इस बात की थी कि गांवों, जिलों और स्थानीय क्लस्टरों में मौजूद क्षमता और हुनर की पहचान की जाए, उसे सही वातावरण मिले और बड़े बाजार तक पहुंचाया जाए। उन्होंने कहा कि आजादी के बाद लंबे समय तक कारीगरों को जरूरी संसाधन, बाजार, दिशा और मंच नहीं मिल पाया। इसके चलते नई पीढ़ी अपने पुश्तैनी हुनर से दूर होती चली गई। सरकार ने जिलों, गांवों और स्थानीय क्लस्टरों में मौजूद पारंपरिक हुनर को पहचानकर उन्हें आगे बढ़ने का अवसर उपलब्ध कराने पर जोर दिया।
टैलेंट और ट्रेडिशन का टेक्नोलॉजी से मेल
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि स्थानीय प्रतिभा और पारंपरिक हुनर को आधुनिक तकनीक से जोड़ा गया। उत्पादों की गुणवत्ता सुधारने के साथ डिजाइन, पैकेजिंग, सर्टिफिकेशन, ब्रांडिंग और मार्केटिंग पर ध्यान दिया गया, जिससे स्थानीय उत्पाद देश ही नहीं बल्कि अंतरराष्ट्रीय बाजार की जरूरतों के अनुरूप तैयार हो सकें। उन्होंने कहा कि एक्सप्रेसवे, हाईवे, एयरपोर्ट, फ्रेट कॉरिडोर और औद्योगिक ढांचे के विस्तार ने स्थानीय उत्पादों को बड़े बाजारों तक पहुंचाने में मदद की है।
79 उत्पादों को जीआई टैग, 75 नए उत्पादों के लिए आवेदन
मुख्यमंत्री ने बताया कि उत्तर प्रदेश के एमएसएमई क्षेत्र के 79 उत्पादों को जीआई टैग मिल चुका है, जबकि 75 नए उत्पादों के लिए आवेदन किया गया है। उन्होंने भदोही के कालीन, मुरादाबाद के पीतल उत्पाद, कन्नौज के इत्र और वाराणसी की सिल्क साड़ियों का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत अब बाजार में पहचान बना रहे उत्पादों और ब्रांडों में बदल रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि ओडीओपी, पीएम विश्वकर्मा और विश्वकर्मा श्रम सम्मान जैसी योजनाओं के माध्यम से कारीगरों को प्रशिक्षण, टूलकिट, ऋण, ब्रांडिंग और बाजार से जोड़ने का काम किया जा रहा है। ट्रेड शो में इन कारीगरों और उद्यमियों को सीधे वैश्विक खरीदारों के सामने अपने उत्पाद प्रस्तुत करने का अवसर मिल रहा है।
छह देशों के पवेलियन, व्यापारिक रिश्तों को विस्तार देने की कोशिश
यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो में जापान, वियतनाम, रूस, सिंगापुर, ऑस्ट्रिया और बेलारूस को पार्टनर कंट्री के रूप में जोड़ा गया है। इन देशों के विशेष पवेलियन भी लगाए गए हैं। मुख्यमंत्री के अनुसार, इन देशों की भागीदारी से द्विपक्षीय व्यापारिक संबंधों को आगे बढ़ाने के साथ रणनीतिक साझेदारी, टेक्नोलॉजी ट्रांसफर और ज्वाइंट वेंचर की संभावनाएं भी बन सकती हैं। उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय व्यापार समझौतों का लाभ उठाते हुए उत्तर प्रदेश विदेशी कंपनियों को प्रदेश में उत्पादन करने और यहां से वैश्विक बाजार तक पहुंच बनाने का अवसर उपलब्ध करा रहा है।
एक ही ई-कार्ट से शाह और योगी ने देखा ट्रेड शो
उद्घाटन कार्यक्रम की शुरुआत केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा पंडित दीनदयाल उपाध्याय के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित करने के साथ हुई। इस अवसर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अमित शाह को फिरोजाबाद के ओडीओपी के तहत ओपल ग्लास से बनी राधा-कृष्ण की प्रतिमा भेंट की। इसके बाद दोनों नेता एक ही ई-कार्ट से ट्रेड शो में लगे विभिन्न स्टॉलों का अवलोकन करने पहुंचे। दोनों ने अलग-अलग स्टॉलों पर रुककर उत्पादों को देखा और उद्यमियों से उनके उत्पादों तथा कारोबार के बारे में जानकारी ली। मुख्यमंत्री की मौजूदगी में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने ‘एक जनपद एक व्यंजन’ यानी ओडीओसी पोर्टल का शुभारंभ भी किया।
एमएसएमई क्षेत्र में एक करोड़ से अधिक इकाइयां, तीन करोड़ से अधिक रोजगार
एमएसएमई मंत्री भूपेंद्र चौधरी ने कहा कि यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो अब उत्तर प्रदेश के ब्रांड के रूप में पहचान बना चुका है। उन्होंने कहा कि आयोजन के दौरान विभिन्न देशों के खरीदारों के साथ बी2बी बैठकें होंगी, जिससे प्रदेश के छोटे और स्थानीय उत्पादों को वैश्विक बाजार में एक्सपोजर मिलेगा। उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश में एक करोड़ से अधिक एमएसएमई इकाइयां तीन करोड़ से अधिक लोगों को रोजगार दे रही हैं। उनके अनुसार कृषि के बाद एमएसएमई क्षेत्र प्रदेश में सबसे अधिक रोजगार देने वाला क्षेत्र है।
उन्होंने कहा कि ओडीओपी और विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना के माध्यम से अब तक छह लाख से अधिक हस्तशिल्पियों को प्रशिक्षण और उन्नत टूलकिट का लाभ दिया गया है। 14 नए ट्रेड जोड़े जाने के बाद अब 25 ट्रेडों को प्रशिक्षण और उन्नत टूलकिट से जोड़ा गया है। उद्यमियों को बिना ब्याज और बिना गारंटी के ऋण उपलब्ध कराने की भी जानकारी दी गई।
देश-विदेश के प्रतिनिधियों की मौजूदगी
उद्घाटन समारोह में उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक, कैबिनेट मंत्री नन्द गोपाल गुप्ता ‘नन्दी’, एमएसएमई मंत्री भूपेंद्र चौधरी, राकेश सचान, डॉ. संजय निषाद, राज्य मंत्री हंसराज विश्वकर्मा और बृजेश सिंह समेत कई जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। सांसद डॉ. महेश शर्मा और सुरेंद्र नागर, विधायक पंकज सिंह, धीरेंद्र सिंह और तेजपाल नागर, विधान परिषद सदस्य श्रीचंद शर्मा और नरेंद्र भाटी समेत अन्य जनप्रतिनिधि भी कार्यक्रम में शामिल हुए। भाजपा क्षेत्रीय अध्यक्ष नवाब सिंह नागर, नोएडा जिलाध्यक्ष अभिषेक शर्मा और महानगर अध्यक्ष महेश चौहान समेत अन्य पदाधिकारी भी मौजूद रहे।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जापान के राजदूत ओनो केईची, भारत में सिंगापुर के उच्चायुक्त सायमन वोंग और बेलारूस के राजदूत मिखाइल कास्को समेत विभिन्न देशों के प्रतिनिधि, विदेशी खरीदार, एग्जीबिटर्स और उद्यमी उद्घाटन समारोह में शामिल हुए।
स्थानीय से वैश्विक बाजार तक पहुंच बनाने पर जोर
यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो के चौथे संस्करण में उत्तर प्रदेश के पारंपरिक उत्पादों, हस्तशिल्प, एमएसएमई इकाइयों और आधुनिक विनिर्माण क्षमता को एक साथ प्रस्तुत किया गया है। आयोजन में बड़ी संख्या में विदेशी खरीदारों की मौजूदगी प्रदेश के उत्पादों को अंतरराष्ट्रीय बाजार से जोड़ने के प्रयास के रूप में सामने आई है।
मुख्यमंत्री के संबोधन में स्थानीय हुनर को तकनीक, ब्रांडिंग और आधुनिक बाजार से जोड़ने पर विशेष जोर रहा। वहीं ट्रेड शो में मौजूद विदेशी खरीदारों और एग्जीबिटर्स की संख्या ने आयोजन के अंतरराष्ट्रीय स्वरूप को रेखांकित किया। उत्तर प्रदेश सरकार के अनुसार, ओडीओपी, पीएम विश्वकर्मा और विश्वकर्मा श्रम सम्मान जैसी योजनाओं के माध्यम से पारंपरिक कारीगरों और छोटे उद्यमियों को प्रशिक्षण, टूलकिट, वित्तीय सहायता और बाजार से जोड़ने की दिशा में काम किया जा रहा है।
प्रमुख आंकड़े एक नजर में
90 देश — विदेशी खरीदारों की भागीदारी
600 से अधिक — विदेशी खरीदार
2,400 से अधिक — एग्जीबिटर्स
करीब 1.5 लाख — संभावित बी2बी विजिटर्स
2 लाख करोड़ रुपये से अधिक — मुख्यमंत्री के अनुसार यूपी का निर्यात
79 उत्पाद — जीआई टैग प्राप्त
75 उत्पाद — जीआई टैग के लिए आवेदन
एक करोड़ से अधिक — प्रदेश में बताई गई एमएसएमई इकाइयां
तीन करोड़ से अधिक — एमएसएमई क्षेत्र से जुड़े रोजगार
छह लाख से अधिक — प्रशिक्षण व उन्नत टूलकिट का लाभ पाने वाले हस्तशिल्पी
25 ट्रेड — प्रशिक्षण व उन्नत टूलकिट से जुड़े ट्रेड
6 पार्टनर देश — जापान, वियतनाम, रूस, सिंगापुर, ऑस्ट्रिया और बेलारूस
यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो के इस संस्करण में उत्तर प्रदेश की पारंपरिक विरासत और आधुनिक औद्योगिक क्षमता को एक ही मंच पर प्रस्तुत किया गया है। आयोजन के जरिए स्थानीय उत्पादों, कारीगरों और उद्यमियों को वैश्विक खरीदारों से सीधे जोड़ने पर जोर दिया गया है।
यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो वैश्विक बाजार में यूपी के उत्पादों की पहचान बनाने का सशक्त मंच : भूपेंद्र चौधरी
प्रदेश के एमएसएमई मंत्री भूपेंद्र चौधरी ने कहा कि उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो प्रदेश के उद्यमियों, कारीगरों और हस्तशिल्पियों को वैश्विक बाजार से जोड़ने का सशक्त मंच बन चुका है। देश-दुनिया से बड़ी संख्या में क्रेताओं और प्रतिनिधियों की सहभागिता से ये साफ है कि उत्तर प्रदेश नए भारत के निर्माण में अपनी अग्रणी भूमिका निभाने के लिए पूरी तरह तैयार है। उन्होंने उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो के चतुर्थ संस्करण के शुभारंभ अवसर पर कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन तथा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में पिछले तीन आयोजनों की सफलता के बाद अब यूपीआईटीएस का चौथा संस्करण आयोजित किया जा रहा है। इस आयोजन में देश-विदेश के क्रेताओं द्वारा दिखाई गई रुचि के कारण इस बार इसे और अधिक व्यापक एवं भव्य स्वरूप प्रदान किया गया है।
भूपेंद्र चौधरी ने कहा कि आयोजन में रक्षा, कृषि, उद्योग, ई-कॉमर्स, आईटी, शिक्षा, अवसंरचना, चिकित्सा, बैंकिंग, वित्तीय सेवाएं, डेयरी, हैंडलूम, टेक्सटाइल तथा विभिन्न प्राधिकरणों एवं जीआई उत्पादों से जुड़े क्षेत्रों के 2400 से अधिक स्टॉल प्रमुख आकर्षण हैं। आयोजन के दौरान विभिन्न विषयों पर नॉलेज सेशन भी आयोजित किए जा रहे हैं, जिनमें ई-कॉमर्स, हेल्थकेयर, वित्त, एफपीओ, सेमीकंडक्टर, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, बेस्ट मैनेजमेंट और फार्मा जैसे विषय शामिल हैं। फेडरेशन ऑफ इंडियन एक्सपोर्ट ऑर्गेनाइजेशंस के सहयोग से विभिन्न देशों के क्रेताओं के साथ बी2बी बैठकें भी आयोजित की जा रही हैं। इन गतिविधियों के माध्यम से प्रदेश के उद्यमियों को अपने उत्पादों के संबंध में वैश्विक क्रेताओं से सीधे विचार-विमर्श करने, नए बाजार तलाशने तथा अपने उत्पादों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहुंचाने का व्यापक अवसर मिलेगा।
उत्तर प्रदेश के छोटे उद्यमों को वैश्विक एक्सपोजर मिलेगा
एमएसएमई मंत्री ने बताया कि आयोजन में 5 लाख से अधिक फुटफॉल की संभावना है। साथ ही, 90 से अधिक देशों के 600 से अधिक क्रेताओं की सहभागिता प्रदेश के उद्यमियों के लिए नए व्यावसायिक अवसर सृजित करेगी। उन्होंने कहा कि निर्यातकों, युवा उद्यमियों, इनोवेटर्स, तकनीकी संस्थानों, ओडीओपी उद्यमियों, खाद्य क्षेत्र से जुड़े उद्यमियों, महिला उद्यमियों तथा विभिन्न सरकारी विभागों की भागीदारी से उत्तर प्रदेश के छोटे उद्यमों को वैश्विक एक्सपोजर मिलेगा।
उत्तर प्रदेश में पूंजी निवेश को आकर्षित करने और रोजगार के अवसर बढ़ाने की दिशा में राज्य सरकार द्वारा विभिन्न सेक्टरों के लिए नीतियां लागू की गई हैं। निवेश मित्र के माध्यम से विभिन्न सेक्टर आधारित नीतियों का लाभ ऑनलाइन और पारदर्शी तरीके से उपलब्ध कराया जा रहा है। प्रदेश की जीडीपी, प्रति व्यक्ति आय, निर्यात तथा युवाओं के लिए रोजगार सृजन के क्षेत्र में हुई प्रगति यह दर्शाती है कि उत्तर प्रदेश आर्थिक विकास की दिशा में निरंतर आगे बढ़ रहा है।
एमएसएमई मंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश में एक करोड़ से अधिक पंजीकृत एमएसएमई इकाइयां कार्यरत हैं, जो देश में सर्वाधिक हैं। इन इकाइयों में 3 करोड़ से अधिक लोगों को रोजगार मिला है और कृषि क्षेत्र के बाद एमएसएमई क्षेत्र प्रदेश में रोजगार उपलब्ध कराने वाला प्रमुख क्षेत्र है। उन्होंने कहा कि ओडीओपी, विश्वकर्मा श्रम सम्मान, मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान और प्लेज पार्क योजना जैसी पहलों के माध्यम से प्रदेश के छोटे उद्यमियों, कारीगरों एवं हस्तशिल्पियों को ऋण, प्रशिक्षण, विपणन तथा अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।
विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना के अंतर्गत परंपरागत कारीगरों और हस्तशिल्पियों को प्रशिक्षण तथा उन्नत टूल किट उपलब्ध कराकर उन्हें अपने हुनर को आधुनिक आवश्यकताओं के अनुरूप विकसित करने का अवसर दिया जा रहा है। इस योजना के अंतर्गत अब तक 6 लाख से अधिक कारीगरों एवं हस्तशिल्पियों को लाभान्वित किया जा चुका है।कारीगरों और युवाओं को बेहतर रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से इस बार विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना में 14 नई ट्रेडों को जोड़ते हुए कुल 25 ट्रेडों में प्रशिक्षण एवं उन्नत टूल किट उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई है। इसके साथ ही स्वरोजगार स्थापित करने के लिए बिना गारंटी और बिना ब्याज ऋण की सुविधा भी उपलब्ध कराई जा रही है।
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