एंटी-ड्रोन सिस्टम और जियो-फेंसिंग से सुरक्षित रहेगा श्री काशी विश्वनाथ मंदिर
श्रावण मास में श्री काशी विश्वनाथ मंदिर और पूरे कांवड़ मार्ग की सुरक्षा के लिए योगी सरकार ने हाईटेक सुरक्षा व्यवस्था लागू की है। जियो-फेंसिंग, एंटी-ड्रोन सिस्टम, टेथर्ड ड्रोन, एआई आधारित फेस रिकग्निशन, ऑटोमेटिक नंबर प्लेट रिकग्निशन और 2,575 से अधिक सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से जल, थल और नभ तीनों स्तरों पर 24 घंटे निगरानी होगी। मंदिर परिसर, प्रमुख घाटों, चौराहों और शहर की सीमाओं पर आधुनिक तकनीक से श्रद्धालुओं की सुरक्षा, भीड़ प्रबंधन और यातायात व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी।
वाराणसी : सावन में बाबा श्री काशी विश्वनाथ के दर्शन और जलाभिषेक के लिए आने वाले लाखों श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए योगी सरकार पारंपरिक सुरक्षा व्यवस्था के साथ अत्याधुनिक तकनीक का भी व्यापक उपयोग कर रही है। श्रावण मास के दौरान काशी में जल, थल और नभ ,तीनों स्तरों से निगरानी की जाएगी। श्री काशी विश्वनाथ मंदिर सहित प्रतिबंधित क्षेत्रों को जियो-फेंसिंग के माध्यम से आभासी अभेद्य सुरक्षा घेरे में रखा गया है। ड्रोन, टेथर्ड ड्रोन, एंटी-ड्रोन सिस्टम, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई), फेस रिकग्निशन कैमरे तथा ऑटोमेटिक नंबर प्लेट रिकग्निशन प्रणाली के जरिए पूरे शहर और मंदिर क्षेत्र पर 24 घंटे नजर रखी जाएगी।
एंटी-ड्रोन सिस्टम और जियो-फेंसिंग से सुरक्षित रहेगा मंदिर परिसर
पुलिस आयुक्त वाराणसी मोहित अग्रवाल ने बताया कि श्रावण मास के दौरान सुरक्षा व्यवस्था में अत्याधुनिक तकनीक का विशेष रूप से उपयोग किया जाएगा। श्री काशी विश्वनाथ मंदिर परिसर की जियो-फेंसिंग कर दी गई है। यदि कोई अनधिकृत ड्रोन प्रतिबंधित क्षेत्र में प्रवेश करने का प्रयास करेगा, तो उसे एंटी-ड्रोन सिस्टम के माध्यम से तत्काल निष्क्रिय कर दिया जाएगा। श्रावण मास के दौरान बिना अनुमति निजी ड्रोन उड़ाने पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा।
पुलिस आयुक्त ने बताया कि वाराणसी कमिश्नरेट के पास उपलब्ध 10 ड्रोन कांवड़ मार्ग, श्री काशी विश्वनाथ मंदिर परिसर, प्रमुख घाटों, यातायात संचालन तथा भीड़ प्रबंधन की निगरानी करेंगे। इसके अतिरिक्त दो टेथर्ड ड्रोन रणनीतिक स्थानों पर तैनात किए जाएंगे, जो 24 घंटे लगातार लाइव फीड उपलब्ध कराएंगे। उन्होंने बताया कि टेथर्ड ड्रोन लगभग 400 मीटर की ऊंचाई से चार किलोमीटर के दायरे में लगातार निगरानी करने में सक्षम हैं। ये ड्रोन किसी स्थान पर लंबे समय तक रुके संदिग्ध व्यक्ति अथवा संदिग्ध गतिविधियों की पहचान कर तत्काल कंट्रोल रूम को सूचना देंगे, जिससे सुरक्षा एजेंसियां तुरंत कार्रवाई कर सकें।
एआई और सीसीटीवी से चप्पे-चप्पे पर नजर
पुलिस आयुक्त ने बताया कि शहर की सीमाओं पर लगे ऑटोमेटिक नंबर प्लेट रिकग्निशन कैमरे प्रत्येक वाहन की पहचान करेंगे, जबकि प्रमुख चौराहों और संवेदनशील स्थानों पर लगे फेस रिकग्निशन कैमरे संदिग्ध व्यक्तियों की पहचान में सहायता करेंगे। अपराधियों, वांछित व्यक्तियों और संदिग्ध वाहनों का डेटा पहले से ही सिस्टम में फीड किया गया है, जिससे किसी भी संदिग्ध गतिविधि का तत्काल पता लगाया जा सके।
चप्पे-चप्पे पर रहेगी त्रिनेत्र की निगरानी
शहर के 45 प्रमुख चौराहों और तिराहों पर सीसीटीवी निगरानी सुनिश्चित की गई है। शहर की सीमाओं से लेकर पूरे कांवड़ मार्ग तक लगे सीसीटीवी कैमरों तथा काशी इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर से शहरभर में स्थापित 2,575 से अधिक सीसीटीवी कैमरों की 24 घंटे निगरानी की जाएगी। कमांड सेंटर के माध्यम से कैमरों की लाइव मॉनिटरिंग की जाएगी।
मंदिर कंट्रोल रूम से होगी हर गतिविधि पर नजर
श्री काशी विश्वनाथ मंदिर के कंट्रोल रूम से 315 सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से मंदिर परिसर, दर्शन कतारों और श्रद्धालुओं की आवाजाही पर लगातार नजर रखी जाएगी। आवश्यकता पड़ने पर कंट्रोल रूम से त्वरित निर्देश जारी कर भीड़ का प्रभावी संचालन किया जाएगा। साथ ही, कमांड सेंटर से शहर के विभिन्न पब्लिक एड्रेस सिस्टम के माध्यम से यातायात और भीड़ प्रबंधन संबंधी सूचनाएं भी प्रसारित की जाएंगी। योगी सरकार का उद्देश्य है कि सावन के दौरान बाबा विश्वनाथ के दर्शन के लिए आने वाले प्रत्येक श्रद्धालु को सुरक्षित, व्यवस्थित और सुगम धार्मिक वातावरण उपलब्ध कराया जाए। इसके लिए आधुनिक तकनीक और पारंपरिक सुरक्षा व्यवस्था के समन्वय से अभेद्य सुरक्षा तंत्र तैयार किया गया है।
केसरिया और भगवा कपड़ों से समाजवादी पार्टी की जन्मजात दुश्मनी: मुख्यमंत्री योगी
CM योगी का इटावा में बड़ा ऐलान, जानिए किसे मिली सबसे बड़ी सौगात



