रिश्तों की तलाश अब होगी आसान-काशी में मध्यदेशीय वैश्य समाज का राष्ट्रीय वैवाहिक सम्मेलन
वाराणसी की पावन धरती पर 15 मार्च 2026 को आयोजित होने जा रहा अखिल भारतीय मध्यदेशीय वैश्य वैवाहिक परिचय सम्मेलन-2026 समाज के लिए एक ऐतिहासिक अवसर बनने जा रहा है। बाबा गणिनाथ भक्त मण्डल एवं शहनाई पत्रिका द्वारा आयोजित इस राष्ट्रीय सम्मेलन में देश-विदेश से परिवार भाग लेंगे। आयोजकों ने स्वजातीय बंधुओं से अपील की है कि वे अपने आगमन की पूर्व सूचना व्हाट्सऐप पर भेजें, जिससे बैठक, मार्गदर्शन और अन्य व्यवस्थाएँ बेहतर ढंग से की जा सकें।
- काशी में तय होंगे हज़ारों रिश्तों के भविष्य? मध्यदेशीय वैश्य समाज का राष्ट्रीय वैवाहिक महापर्व 15 मार्च को
वाराणसी। काशी की पावन, आध्यात्मिक और सांस्कृतिक भूमि पर 15 मार्च 2026 को आयोजित होने जा रहा अखिल भारतीय मध्यदेशीय वैश्य वैवाहिक परिचय सम्मेलन-2026 वैश्य समाज के लिए केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि सामाजिक चेतना, सामूहिक उत्तरदायित्व और दूरदर्शी सोच का सशक्त प्रतीक बनकर उभर रहा है। यह राष्ट्रीयस्तरीय आयोजन बाबा गणिनाथ भक्त मण्डल एवं शहनाई पत्रिका के संयुक्त संयोजन में आयोजित किया जा रहा है, जिसकी तैयारियाँ पूरे समर्पण और सुव्यवस्था के साथ की जा रही हैं।
काशी-जहाँ परंपरा, संस्कार और अध्यात्म एक-दूसरे में घुले-मिले हैं-वहीं यह सम्मेलन समाज को एक ऐसा विश्वसनीय मंच प्रदान करेगा, जहाँ विवाह योग्य युवक-युवतियों के लिए उपयुक्त जीवनसाथी की खोज सरलता, पारदर्शिता और सामाजिक मर्यादा के साथ संभव हो सकेगी। बदलती जीवनशैली, समयाभाव, सामाजिक दूरी, पारिवारिक संकोच और बढ़ती जिम्मेदारियों के कारण आज विवाह प्रक्रिया जटिल होती जा रही है। ऐसे समय में यह सम्मेलन समाज के लिए स्थायी और संगठित समाधान की दिशा में उठाया गया एक ठोस कदम माना जा रहा है।

देश-विदेश से सहभागिता, एक मंच पर हजारों परिवार
आयोजन समिति ने इस सम्मेलन के लिए भारत के सभी राज्यों के साथ-साथ नेपाल से भी स्वजातीय बंधुओं को आमंत्रित किया है। समिति के अनुसार, सम्मेलन स्थल पर आने वाले प्रत्येक परिवार के लिए संकलित और सुव्यवस्थित बायोडाटा उपलब्ध रहेंगे, जिससे अभिभावकों को एक ही स्थान पर विकल्प देखने, संवाद करने और विवेकपूर्ण निर्णय लेने का अवसर मिलेगा। यह व्यवस्था वर्षों से उपयुक्त मंच की प्रतीक्षा कर रहे परिवारों के लिए नई आशा और विश्वास का स्रोत बन रही है।
2025 की सफलता बनी 2026 की मजबूत नींव
इस राष्ट्रीय आयोजन की प्रेरणा उस ऐतिहासिक सम्मेलन से मिली, जो 20 जुलाई 2025 को वाराणसी में स्थानीय स्तर पर आयोजित किया गया था। उस पहले प्रयास ने समाज में अभूतपूर्व उत्साह का संचार किया। अक्टूबर 2025 तक 40 से अधिक रिश्तों का तय होना और 700 से अधिक बायोडाटा का प्राप्त होना केवल आंकड़े नहीं थे, बल्कि समाज के भरोसे और इस पहल की वास्तविक आवश्यकता का प्रमाण थे। वरिष्ठजनों, पदाधिकारियों, युवाओं और अभिभावकों की राय में एक बात स्पष्ट होकर सामने आई-समाज को नियमित, सुरक्षित, पारदर्शी और सुव्यवस्थित वैवाहिक मंच की सख्त आवश्यकता है।
इसी सामूहिक भावना के आधार पर यह संकल्प लिया गया कि हर वर्ष होली के बाद दूसरे रविवार को वाराणसी में यह अखिल भारतीय सम्मेलन आयोजित किया जाएगा। यह संकल्प समाज की एकजुटता और आने वाली पीढ़ियों के भविष्य को सुरक्षित करने की प्रतिबद्धता का प्रतीक है।
सुव्यवस्थित आयोजन, आत्मीय और संस्कारित वातावरण
आयोजन समिति द्वारा पंजीकरण प्रक्रिया को सरल रखा गया है, ताकि किसी भी परिवार को असुविधा न हो। विवाह योग्य युवक-युवतियों से समय पर बायोडाटा भेजने की अपील की गई है, जिन्हें सुव्यवस्थित रूप से संकलित कर सम्मेलन स्थल पर उपलब्ध कराया जाएगा। इसके साथ ही सम्मेलन में-मार्गदर्शन काउंटर,सूचना केंद्र,परिचय सहायताकर्मी,आत्मीय, सुरक्षित और संस्कारित वातावरण जैसी व्यवस्थाएँ सुनिश्चित की जाएँगी, ताकि हर परिवार स्वयं को सम्मानित और सहज महसूस करे। समिति का स्पष्ट संदेश है कि यह आयोजन किसी एक संस्था का नहीं, बल्कि पूरे समाज का है। कोई आर्थिक सहयोग से, कोई समय देकर और कोई आयोजन प्रबंधन में योगदान देकर-हर भूमिका इस सामाजिक महापर्व की शक्ति है। यही “तन-मन-धन” से सहयोग की भावना समाज को आगे बढ़ाती है।
केवल रिश्ते नहीं, समाज का सुदृढ़ भविष्य
यह सम्मेलन केवल विवाह संबंध जोड़ने का माध्यम नहीं, बल्कि सामाजिक एकता और पारिवारिक मूल्यों को मजबूत करने का अवसर भी है। जब परिवार एक साथ आते हैं, संवाद करते हैं और एक-दूसरे की परिस्थितियों को समझते हैं, तो समाज स्वाभाविक रूप से सुदृढ़ होता है। काशी की मंगलकारी भूमि पर आयोजित यह आयोजन हजारों परिवारों के लिए शुभ संकेत और नई शुरुआत लेकर आ रहा है-जहाँ उद्देश्य एक है: अपने बच्चों का सुरक्षित, उज्ज्वल और संस्कारित भविष्य।
समाज से अपील और अग्रिम सूचना का आग्रह
राजेन्द्र प्रसाद गुप्ता (राष्ट्रीय संरक्षक, बाबा गणिनाथ भक्त मण्डल), राजेश कुमार गुप्ता (पूर्व राष्ट्रीय युवा अध्यक्ष, मध्यदेशीय वैश्य समाज), रंजीत गुप्ता, डॉ. आलोक कुमार गुप्ता एवं निखिल गुप्ता ने संयुक्त रूप से स्वजातीय बंधुओं से अपील की है कि वे सम्मेलन में अपने आगमन की पूर्व सूचना व्हाट्सऐप नंबर पर अवश्य भेजें। कहा कि अग्रिम सूचना मिलने से आयोजक समिति बैठक व्यवस्था, मार्गदर्शन, बायोडाटा उपलब्धता, सहायता काउंटर और अन्य आवश्यक सुविधाओं की बेहतर योजना बना सकेगी, जिससे किसी भी परिवार को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े। यह छोटा-सा सहयोग आयोजन की सुव्यवस्था, पारदर्शिता और गरिमा को और मजबूत करेगा तथा सभी प्रतिभागियों को आत्मीय, सुरक्षित और सम्मानजनक वातावरण प्रदान करने में सहायक होगा।
सामाजिक पर्व का आह्वान
अखिल भारतीय मध्यदेशीय वैश्य वैवाहिक परिचय सम्मेलन-2026 वास्तव में एक सामाजिक पर्व है-जहाँ हर परिवार का स्वागत है। यह तिथि केवल कैलेंडर की एक तारीख नहीं, बल्कि समाज की जागृति और आत्मनिर्भर समाधान की पहचान है। आइए, मिलकर इस प्रयास को सफल बनाएँ और वैश्य समाज की वैवाहिक चुनौतियों का स्थायी, संगठित और गरिमामय समाधान प्रस्तुत करें। जब समाज एकजुट चलता है, तो हर कठिनाई आसान हो जाती है-और यही इस सम्मेलन का मूल संदेश है।
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