वाराणसी। मुठभेड़ में मारे गए मनीष और रजनीश के पिता शिव शंकर ने कई बयान दिए हैं। उन्होंने कहा कि दोनों सक्रिय अपराधी थे, कभी घर नहीं आते थे, हमारा उनसे कोई लेना देना नहीं है और ना ही हम उनका शव लेने वाराणसी जायेंगे। स्थानीय थाने मोहिनुद्दीनगर को वाराणसी के बड़ागांव पुलिस ने नोटिस भेजा था। बिहार पुलिस ने जब मृतक भाइयों के गांव में परिवार को थमाया नोटिस तब पिता ने लिखित जवाब दिया।
गौरतलब है कि सोमवार की सुबह दरोगा अजय यादव को गोली मार कर सरकारी पिस्टल लूटने वाले शातिर दो सगे भाई हरहुआ भेलखा गांव के पास रिंग रोड पर पुलिस एनकाउंटर में ढेर कर दिए गए थे। मुठभेड़ के दौरान मौके से मृत बदमाशों का तीसरा भाई लल्लन सिंह खेतों के रास्ते भाग निकला था। लल्लन सिंह के गिरफ्तारी के लिए पुलिस कमिश्नर ने ऑपरेशन पाताललोक की समीक्षा की। ऑपरेशनल टीम को आगे की रणनीति के बारे में समझाया और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
मुठभेड़ में मारे गये रजनीश सिंह, मनीष सिंह और फरार लल्लन सिंह 9 सितंबर 2022 को पटना की बाढ़ जिला अदालत के टॉयलेट की दीवार तोड़कर फरार हो गए थे। तभी से बिहार पुलिस उनकी तलाश कर रही थी। पटना से भाग कर तीनों भाई वाराणसी में मंडुवाडीह क्षेत्र में शरण लिए हुए थे। तीनों के खिलाफ हत्या, लूट और आर्म्स एक्ट सहित अन्य आपराधिक आरोपों में आधा दर्जन से ज्यादा मुकदमे बिहार और उत्तर प्रदेश में दर्ज हैं।



