
लखनऊ । उत्तर प्रदेश सरकार ने वृक्षारोपण जन-आन्दोलन 2022 के तहत मंगलवार को एक ही दिन में प्रदेशभर में 25 करोड़ से अधिक पौधों का रोपण कर एक रिकार्ड बनाया है। राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने लखनऊ के कुकरैल वन क्षेत्र मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने चित्रकूट में पोध रोपण किया। इसके अलावा अन्य जिलों में प्रभारी मंत्री व स्थानीय सांसद व विधायकों की उपस्थिति में पौधरोपण किया गया।
राज्यमंत्री पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग केपी मलिक ने बताया कि वन विभाग अपनी पूरी क्षमता से राज्य के वनावरण को बढाने का प्रयास कर रहा है तथा इस कार्य में सभी का सहयोग लक्ष्य की प्राप्ति में महत्वपूर्ण योगदान देगा। लोक गायिका मालिनी अवस्थी को पौधरोपण अभियान की ब्रांड अम्बेसडर बनाया गया।
कार्यक्रम के अन्तर्गत प्रदेश के सभी 75 जनपदो में 50 कैबिनेट मंत्री/राज्य मंत्री, 25 सांसदो तथा शासन के विभिन्न अपर मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव व सचिव स्तर के समस्त अधिकारी सभी जनपदों में अभियान के नोडल अधिकारी के रूप में भाग लेते हुए पौधारोपण किया गया।
प्रधान मुख्य वन संरक्षक ममता संजीव दुबे ने बताया कि ग्राम वासियों की आय में वृद्धि हेतु ग्राम पंचायत की भूमि पर इमारती एवं फलदार पौधों का रोपण किया गया। वृक्षारोपण अभियान के अन्तर्गत मुख्य प्रजातियां नीम, सहजन, आंवला, इमली, अर्जुन, जामुन, बेल, आम, महुआ, सागौन, शीशम, गुटेल, बांस, पीपल, पाकड़, बरगद आदि का रोपण किया गया।
पौधा रोपण से जन-जन को जोड़ने हेतु विभिन्न राजकीय विभागों, शिक्षण संस्थानों एवं इच्छुक व्यक्तियों को विभागीय पौधशालाओं से निःशुल्क पौध उपलब्ध करवाई गयी। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के अन्तर्गत पंजीकृत कृशकों के द्वारा 1 से 10 पौधो का रोपण किया गया।
प्रदेश में 35 करोड़ पौधारोपण के मिशन को सफल बनाएं: राज्यपाल
उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने मंगलवार को कुकरैल पिकनिक स्पॉट में आयोजित वृक्षारोपण जन आन्दोलन-2022 का शुभारम्भ किया। राज्यपाल ने कहा कि महोत्सव पर्व प्रकृति के उपकारों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने का पुनीत अवसर है। प्राकृतिक संसाधनों को समृद्धि करने एवं भावी पीढ़ी को संतुलित पर्यावरण उपलब्ध कराने के लिए बृहद स्तर पर वृक्षारोपण अपरिहार्य है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में 35 करोड़ पौधारोपण के मिशन को सफल बनाएं। यदि हमें एक अच्छा और निरोगी जीवन चाहिए तो हमें वृक्षारोपण के साथ-साथ अपने बच्चों की तरह ही इन पेड़-पौधों की देखभाल एवं पालन पोषण करना होगा।
राज्यपाल ने कहा कि वृक्ष हमारी धरती के आभूषण हैं। इनका रोपण धरती के प्रति हमारा समर्पण है। उन्होंने बताया कि बढ़ती हुई जलवायु परिवर्तन में पौधों का रोपण अत्यन्त महत्वपूर्ण है। इसकी महत्ता को बच्चों एवं जनमानस में प्रसार हेतु पंचतंत्र कहानियों का प्रयोग वन परिसरों में किये जाने की आवश्यकता है।आनंदीबने पटेल ने कहा कि वन विभाग के सहयोग से राजभवन में पंचतंत्र की कहानियों पर आधारित पंचतंत्र वाटिका स्थापित की गयी है। इस प्रकार की वाटिकाएं तथा नक्षत्र वन की स्थापना भी कुकरैल वन क्षेत्र में की जानी चाहिए।उन्होंने जनसामान्य से आह्वान किया कि प्रत्येक नागरिक कम से कम पांच पौधों का रोपण करें। इस कार्य में उन्होेंने बच्चों, युवाओं और जनप्रतिनिधियों से बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने की अपील की और कहा कि प्रत्येक ग्राम प्रधान अपनी ग्राम सभा की रिक्त भूमि, विद्यालय परिसर तथा अन्य खाली पड़ी भूमि पर अवश्य पौधरोपण करें और इसकी सुरक्षा के भी पुख्ता इंतजाम करें।
उन्होंने सुझाव दिया कि स्कूल के बच्चों को प्रारम्भ से ही प्रकृति से जोड़ने के लिए छोटे-छोटे पर्यावरण गीतों एवं कविताओं की रचना कर उन्हें स्कूलों में बांटा जाय, ताकि बच्चे उन्हें सीख सकें।इस अवसर पर आयोजित वन महोत्सव में राज्यपाल द्वारा कदम्ब, नीम तथा आम के पौधे का रोपण किया गया। कार्यक्रम में प्राथमिक विद्यालय के बच्चों को तुलसी का पौधा भी वितरित करने के साथ-साथ उन्होंने वन की महत्ता पर आधारित थीम सांग का भी विमोचन किया।इस अवसर पर कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने कहा कि वृक्षारोपण के इस महाभियान में भक्ति वन, खाद्य वन एवं अमृत वन की स्थापना की जा रही। उन्होंने बताया कि कृषि विभाग इस वर्ष 2.5 करोड़ वृक्षों का रोपण किया जायेगा।वन राज्यमंत्री कृष्ण पाल मलिक ने अपने सम्बोधन में कहा कि वन विभाग अपनी पूरी क्षमता से राज्य के वनावरण को बढ़ाने का प्रयास कर रहा है। इस अवसर पर स्कूलों के बच्चों एवं एनसीसी के कैडेट्स ने 2000 पौधों का रोपण कर अभियान में भागीदारी की।
वृ़क्षारोपण महाअभियान के अवसर पर लखनऊ की महापौर संयुक्ता भाटिया, विधायक आशुतोष टंडन, प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं विभागाध्यक्ष ममता संजीव दुबे, अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक ईवा शर्मा, अपर मुख्य सचिव रजनीश दुबे, सचिव पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन आशीष तिवारी, जिलाधिकारी लखनऊ सूर्यपाल गंगवार और लोक गायिका पद्मश्री मालिनी अवस्थी समेत अन्य लोग भी उपस्थित थे।(हि.स.)



