
ब्लॉक बी परियोजना के अधिकारियों व ठेकेदार के विरुद्धमामला दर्ज
बिना किसी सूचना व अनुमति के सार्वजनिक सड़क खोदना पड़ा भारी, सिंगरौली-बरगवां मार्ग पर 5 घंटे से अधिक समय तक बंद था आवागमन
सिंगरौली, गोरबी। सक्षम शासकीय कार्यालय से अनुमति लिए बिना सिंगरौली- बरगवां मुख्य मार्ग पर आवागमन बाधित करना एनसीएल की ब्लॉक बी परियोजना के सिविल विभाग के इंचार्ज, स्टाफ अधिकारी कार्मिक व ठेकेदार को महंगा पड़ गया। मोरवा थाने की गोरबी चौकी पुलिस ने इन तीनों के खिलाफ आपराधिक प्रकरण दर्ज कर लिया है। बताया गया है कि पाइप लाइन बिछाने के कार्य को लेकर ब्लॉक बी परियोजना के अधिकारियों ने 19 अगस्त बुधवार की रात सिंगरौली बरगवां मुख्य मार्ग को रात 7 से मध्य रात्री 12 बजे तक 5 घंटो से भी अधिक समय तक बाधित रखा था जिसमें यात्री वाहन व एंबुलेंस फंसे रहे। इन फंसे वाहनों में सवार लोग वाहनों से उतर कर आक्रोश और विरोध करने लगे जिससे सोशल डिस्टेंसिंग की धज्जियां उड़ी।
पुलिस ने इसका जिम्मेदार ब्लॉक बी के सिविल इंचार्ज, स्टाफ अधिकारी कार्मिक एवं ठेकेदार को माना है। बताया गया है कि लंबे जाम में फंसे लोगों के द्वारा मामले की जानकारी मोरवा निरीक्षक मनीष त्रिपाठी को दी गई जिस पर पुलिस ने मामले में सख्ती दिखाते हुए ब्लॉक बी परियोजना गोरबी के सिविल इंचार्ज, कार्मिक प्रबन्धक व ठेकेदार के विरुद्ध विभिन्न धाराओं मे मामला कायम कर लिया।
पुलिस ने एनसीएल ब्लॉक बी परियोजना गोरबी के सिविल इंचार्ज नरेंद्र कुमार, एसओपी सुनील तिवारी व ठेकेदार बलराम जैन के द्वारा मुख्य मार्ग से ब्लॉक बी परियोजना गोरबी खदान जाने वाले मार्ग पर दबंगई पूर्वक बिना किसी सूचना व बिना शासकीय अनुमति के रोड को खोदने तथा आवागमन को कई घंटे तक बाधित करने का दोषी माना है और इनके विरुद्ध अपराध क्रमांक 376/20 धारा 188, 341, 269 आईपीसी के तहत मामला कायम कर कार्यवाही कर रही है।




