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महाष्टमी पर शक्ति की आराधना में लीन हुए योगी आदित्यनाथ, गोरखनाथ मंदिर में दो घंटे चला महानिशा पूजन

गोरखपुर के गोरखनाथ मंदिर में शारदीय नवरात्र की महाष्टमी पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वैदिक मंत्रोच्चार के बीच महानिशा पूजन और हवन किया। उन्होंने मां महागौरी की आराधना कर प्रदेशवासियों के सुख-समृद्धि की कामना की। 19 अक्टूबर को महानवमी पर कन्या पूजन और 20 अक्टूबर को विजयादशमी पर गुरु गोरखनाथ का विशेष पूजन, भव्य शोभायात्रा, रामलीला में श्रीराम का राजतिलक तथा सर्वसमाज के लिए पारंपरिक प्रसाद भोज आयोजित होगा। गोरक्षपीठ में सनातन परंपराओं का भव्य स्वरूप देखने को मिलेगा।

गोरखपुर : शारदीय नवरात्र की पावन महाष्टमी तिथि पर रविवार रात गोरक्षपीठाधीश्वर एवं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गोरक्षपीठ की विशिष्ट परंपरा के अनुसार वैदिक मंत्रोच्चार के बीच विधि विधान से महानिशा पूजन व हवन किया। महानिशा पूजन अनुष्ठान से पूर्व उन्होंने जगतजननी मां आदिशक्ति के अष्टम स्वरूप मां महागौरी की आराधना की। दो घंटे से अधिक समय तक चले अनुष्ठान में मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों के सुख-समृद्धि और चराचर जगत के कल्याण की प्रार्थना की।​रविवार को गोरखपुर आगमन के उपरांत मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सीधे गोरखनाथ मंदिर पहुंचे। परंपरा का निर्वहन करते हुए उन्होंने सबसे पहले शिवावतार बाबा गोरखनाथ के मुख्य मंदिर में जाकर विधि-विधान से दर्शन-पूजन किया। इसके बाद उन्होंने अपने गुरुदेव ब्रह्मलीन महंत अवेद्यनाथ की समाधि स्थल पर शीश नवाकर उनका आशीर्वाद लिया। देर शाम से रात तक वह महानिशा पूजा में लीन रहे।

गोरखनाथ मंदिर के शक्तिपीठ में महानिशा पूजा का अनुष्ठान गोरक्षपीठाधीश्वर के नेतृत्व में प्रारंभ हुआ। उनके गर्भगृह में प्रवेश करते ही शक्तिपीठ वैदिक मंत्रोच्चार और मां भगवती के जयकारों से गुंजायमान हो उठा। दो घंटे से अधिक चले अनुष्ठान में गोरक्षपीठाधीश्वर ने गौरी गणेश पूजन, वरुण पूजन, पीठ पूजन, यंत्र पूजन, मां दुर्गा का विधिवत् पूजन, भगवान राम-माता सीता-लक्ष्मण जी का षोडशोपचार पूजन, भगवान कृष्ण एवं गोमाता का पूजन, नवग्रह पूजन, विल्व पूजन,अधिष्ठात्री देवता पूजन, शस्त्र पूजन, द्वादश ज्योर्तिलिंग-अर्धनारीश्वर एवं शिव-शक्ति पूजन, बटुक भैरव, काल भैरव तथा त्रिशूल पर्वत पूजन किया। साथ ही हवन की वेदी पर ब्रह्मा, विष्णु, रुद्र और अग्नि देवता का आह्वान कर पूजन किया और शक्तिपीठ में स्थापित वेदी पर उगे जौ के पौधों को काटकर आदिशक्ति मां दुर्गा से समस्त नागरिकों के सुखमय जीवन की प्रार्थना की।

गोरक्षपीठाधीश्वर ने हवन के साथ महानिशा पूजा का अनुष्ठान पूर्ण किया। सम्पूर्ण अनुष्ठान श्रीदुर्गासप्तसती के पाठ एवं वैदिक मंत्रों के साथ संपन्न हुआ। अंत में आरती एवं क्षमा याचना के बाद प्रसाद वितरित हुआ। इस अवसर पर बड़ी संख्या में गोरखनाथ मंदिर में भक्तगण भी उपस्थित रहे।

गोरखनाथ मंदिर में नवमी की तिथि पर सोमवार पूर्वाह्न सीएम योगी करेंगे कन्या पूजन

शारदीय नवरात्र के पावन अवसर पर नाथपंथ के विश्व प्रसिद्ध केंद्र गोरखनाथ मंदिर में आस्था, श्रद्धा और सनातन परंपरा का अनुपम संगम देखने को मिल रहा है। गोरक्षपीठ में महानवमी और विजयादशमी के पावन पर्व पर आयोजित होने वाले दिव्य व भव्य अनुष्ठानों की रूपरेखा तैयार हो चुकी है। शारदीय नवरात्र की महानवमी तिथि पर सोमवार (19 अक्टूबर) पूर्वाह्न गोरक्षपीठाधीश्वर एवं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ कन्या पूजन का अनुष्ठान करेंगे। इस अवसर पर वह मातृशक्ति के पांव पखारकर नारी सम्मान के प्रति सनातन आस्था और परंपरा के संदेश को विस्तारित करेंगे। महानवमी के अगले दिन मंगलवार (20 अक्टूबर) को गोरक्षपीठ में विजयादशमी पर्व पर नाथपंथ की विशिष्ट परंपरा के अनुसार दिनभर अनुष्ठान का क्रम जारी रहेगा विजयादशमी पर्व पर शाम को गोरक्षपीठाधीश्वर की अगुवाई में भव्य पारंपरिक शोभायात्रा निकाली जाएगी।

शारदीय नवरात्र पर गोरक्षपीठ में शक्ति उपासना विशिष्ट होती है। नवरात्र की प्रतिपदा को गोरक्षपीठाधीश्वर एवं मुख्यमंत्री ने विधि विधान से मंदिर के शक्तिपीठ में कलश स्थापना की थी। रविवार से वह पुनः मंदिर में प्रवास कर रहे हैं। इसी क्रम में सीएम योगी महानवमी तिथि पर सोमवार को मां दुर्गा के नवम स्वरूप देवी सिद्धिदात्री की आराधना के उपरांत पूर्वाह्न 11 बजे बजे कन्या पूजन करेंगे। सनातन संस्कृति में नारी शक्ति को सर्वोच्च स्थान देने की परंपरा का प्रत्यक्ष दर्शन गोरक्षपीठ के इस अनुष्ठान में मिलता है। परंपरा के अनुसार गोरक्षपीठाधीश्वर मां दुर्गा स्वरूपा कुंवारी कन्याओं के पांव पखारेंगे, उनके माथे पर रोली, चंदन, दही, अक्षत का तिलक लगा विधि विधान से पूजन करेंगे। पूरी श्रद्धा से भोजन कराकर दक्षिणा व उपहार देकर उनका आशीर्वाद भी लेंगे। इस दौरान परंपरा के अनुसार बटुक पूजन भी किया जाएगा।

गुरु गोरखनाथजी के पूजन से होगा विजयादशमी पर्व का शुभारंभ

मंगलवार को अधर्म पर धर्म और असत्य पर सत्य की विजय के महापर्व, विजयादशमी का शुभारंभ गोरक्षपीठाधीश्वर योगी आदित्यनाथ द्वारा प्रातः 9:35 बजे से शिवावतार गुरु गोरखनाथजी का विशिष्ट पूजन कर किया जाएगा। श्रीनाथ जी के पूजन के बाद गोरखनाथ मंदिर परिसर स्थित समस्त देव विग्रहों का पूजन गोरक्षपीठाधीश्वर द्वारा किया जाएगा। अपराहन एक बजे से तीन बजे तक गोरक्षपीठाधीश्वर का तिलकोत्सव कार्यक्रम मनाया जाएगा। इस कार्यक्रम में गोरक्षपीठाधीश्वर योगी आदित्यनाथ श्रद्धालुओं को आशीर्वाद देंगे।

अपराह्न चार बजे से गोरक्षपीठाधीश्वर योगी आदित्यनाथ की भव्य विजयादशमी शोभायात्रा निकलेगी। गोरक्षपीठाधीश्वर, महायोगी गुरु गोरक्षनाथ का आशीर्वाद लेकर अपने रथ पर सवार होंगे। तुरही, नगाड़े व बैंड बाजे की धुन के बीच गोरक्षपीठाधीश्वर की शोभायात्रा मानसरोवर मंदिर पहुंचेगी। यहां पहुंचकर गोरक्षपीठाधीश्वर योगी आदित्यनाथ गोरक्षपीठ से जुड़े मानसरोवर मंदिर पर देवाधिदेव महादेव व अन्य देव विग्रहों की पूजा-अर्चना, अभिषेक करेंगे। इसके बाद उनकी शोभायात्रा मानसरोवर रामलीला मैदान पहुंचेगी। यहां चल रही रामलीला में वह प्रभु श्रीराम का राजतिलक करेंगे।

इसके साथ ही प्रभु श्रीराम, माता जानकी, लक्ष्मण व हनुमानजी का पूजन कर आरती भी उतारी जाएगी। तदुपरांत रामलीला मैदान से शोभायात्रा पुनः गोरखनाथ मंदिर पहुंचेगी और सायंकाल सात बजे से पारंपरिक प्रसाद का वितरण (गरीब, ब्राह्मण एवं अतिथि भोज) का आयोजन होगा। इस भोज में अमीर-गरीब और जाति-मजहब के विभेद से परे बड़ी संख्या में सर्वसमाज के लोग शामिल होते हैं।

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