Varanasi

वाराणसी के 18 पुराने वार्डों में सीवर नेटवर्क होगा अपग्रेड, अमृत-2.0 के तहत 529 करोड़ की मंजूरी

नगर निगम काशी अमृत-2.0 योजना के तहत शहर की सीवर व्यवस्था सुदृढ़ करने जा रहा है। 18 पुराने वार्डों में नई सीवर पाइपलाइन और घर-घर कनेक्शन की तैयारी है। पहले चरण में 13 वार्डों के लिए 529.39 करोड़ रुपये के प्रस्ताव को मंजूरी मिली है, जिसमें 97.29 करोड़ रुपये की पहली किश्त जारी हो चुकी है। इससे जलभराव, चोक सीवर और गंदगी की समस्या से लाखों परिवारों को राहत मिलेगी।

  • पहले चरण में 13 वार्डों में काम शुरू, 97.29 करोड़ की पहली किश्त जारी; घर-घर सीवर कनेक्शन भी शामिल

वाराणसी। शहर की बुनियादी सुविधाओं को आधुनिक और सुदृढ़ बनाने की दिशा में नगर निगम काशी ने एक और बड़ा कदम उठाया है। ‘अमृत-2.0’ योजना के तहत वाराणसी के 18 पुराने वार्डों में नई सीवर पाइपलाइन बिछाने की तैयारी शुरू हो गई है। शासन स्तर से परियोजना को मंजूरी मिल चुकी है। पहले चरण में 18 में से 13 वार्डों के लिए 529.39 करोड़ रुपये के प्रस्ताव को हरी झंडी दी गई है, जिसके अंतर्गत पहली किश्त के रूप में 97.29 करोड़ रुपये की धनराशि भी जारी कर दी गई है।

इस महत्वाकांक्षी परियोजना के तहत केवल नई सीवर लाइन ही नहीं बिछाई जाएगी, बल्कि घर-घर सीवर कनेक्शन भी प्रदान किए जाएंगे। नगर निगम का उद्देश्य है कि योजना का वास्तविक लाभ आम नागरिकों तक पहुंचे और भविष्य में दोबारा गलियों की खुदाई की आवश्यकता न पड़े। हाउस कनेक्शन शामिल होने से वर्षों से चली आ रही चोक सीवर, जलभराव और गंदगी की समस्या से स्थायी राहत मिलने की उम्मीद है।

कार्यकारिणी बैठक में मिली स्वीकृति

मंगलवार को महापौर अशोक कुमार तिवारी की अध्यक्षता में नगर निगम सभागार में आयोजित कार्यकारिणी की बैठक में 13 वार्डों में सीवर लाइन का कार्य शीघ्र शुरू करने को स्वीकृति प्रदान की गई। बैठक में अधिकारियों ने बताया कि गंगा तटीय एवं घनी आबादी वाले इन वार्डों में मौजूदा सीवर नेटवर्क काफी पुराना और जर्जर हो चुका है, जिसके चलते आए दिन ओवरफ्लो और जलभराव की समस्या बनी रहती है। नई परियोजना के पूरा होने से लाखों नागरिकों को राहत मिलेगी।

इन वार्डों में बिछेगी नई सीवर लाइन

  • परियोजना के अंतर्गत अलग-अलग समूहों में वार्डों का चयन कर कार्य कराया जाएगा-
  • 166.22 करोड़ रुपये की लागत से शिवाला, नगवा, भदैनी, जंगमबाड़ी और बंगाली टोला वार्ड
  • 119.35 करोड़ रुपये की लागत से हुकुलगंज और नई बस्ती वार्ड
  • 184.87 करोड़ रुपये की लागत से शिवपुरवां, तुलसीपुर, बिरदोपुर और काजीपुरा वार्ड
  • 58.94 करोड़ रुपये की लागत से प्रहलाद घाट और कीर्तिविशेश्वर वार्ड

इन सभी क्षेत्रों में नई सीवर पाइपलाइन के साथ-साथ आधुनिक तकनीक से कनेक्शन दिए जाएंगे, ताकि सीवर व्यवस्था लंबे समय तक सुचारु बनी रहे।

गंगा तट और घनी आबादी को मिलेगा बड़ा लाभ

नगर निगम अधिकारियों के अनुसार, यह परियोजना विशेष रूप से गंगा तटीय और घनी आबादी वाले क्षेत्रों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। नई सीवर व्यवस्था से गंगा में गंदे नालों के प्रवाह को भी नियंत्रित किया जा सकेगा, जिससे स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण को बल मिलेगा। साथ ही शहर की बड़ी आबादी को जलभराव, बदबू और बीमारियों से राहत मिलेगी।

नगर निगम का कहना है कि अमृत-2.0 योजना के तहत आने वाले चरणों में शेष वार्डों को भी शामिल कर वाराणसी की सीवर व्यवस्था को पूरी तरह आधुनिक और सक्षम बनाया जाएगा, ताकि काशी को स्वच्छ, स्वस्थ और स्मार्ट शहर के रूप में विकसित किया जा सके।

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