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गोरखपुर में वायु सेना अस्पताल का मेगा नेत्र शिविर संपन्न, 374 सफल सर्जरी से बदली जिंदगी

गोरखपुर स्थित 12 वायु सेना अस्पताल में आयोजित चार दिवसीय मेगा एडवांस्ड सर्जिकल नेत्र शिविर में 374 सफल ऑपरेशन किए गए। सेना और वायुसेना के विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम ने पूर्वी उत्तर प्रदेश और नेपाल के मरीजों को नई रोशनी दी। वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों की मौजूदगी में संपन्न यह शिविर क्षेत्र के लिए आशा की किरण साबित हुआ।

  • चार दिवसीय एडवांस्ड सर्जिकल कैंप में सेना और वायुसेना के विशेषज्ञों ने दिखाई नई रोशनी, नेपाल सहित पूर्वांचल के मरीज लाभान्वित

पूर्वी उत्तर प्रदेश के गोरखपुर स्थित 12 वायु सेना अस्पताल में आयोजित प्रथम मेगा एडवांस्ड सर्जिकल नेत्र शिविर का समापन 27 फरवरी, 2026 को हुआ। चार-दिवसीय इस शिविर के दौरान भारतीय सेना और वायु सेना के उच्च विशिष्ट नेत्र रोग विशेषज्ञों की टीम ने 374 सफल शल्य चिकित्साएं कीं, जिनसे नेत्र रोगियों की जिंदगी बदल गई। समापन समारोह में केंद्रीय वायु कमान के वायु अधिकारी कमांडिंग-इन-चीफ एयर मार्शल बी मणिकांतन उपस्थित थे। इसके अलावा, सशस्त्र बल चिकित्सा सेवा महानिदेशक सर्जन वाइस एडमिरल आरती सरीन और चिकित्सा सेवा महानिदेशक (वायु) एयर मार्शल संदीप थरेजा द्वारा उच्च-स्तरीय निरीक्षण भी किया गया।

यह शिविर पूरे क्षेत्र के लिए आशा की किरण बन गया। सिद्धार्थनगर, आज़मगढ़, देवरिया, महाराजगंज और गोरखपुर के ग्रामीण इलाकों के अलावा नेपाल से नेत्र रोगी इस शिविर में आए। इस मिशन का प्रभाव गोरखपुर निवासी 69 वर्षीय श्री अमरनाथ गुप्ता की आंखों में देखा जा सकता है। वर्षों से, उनकी आंखों की रोशनी कमज़ोर होने के कारण वे अपने पोते-पोतियों के चेहरे देखने की खुशी से वंचित थे। सफल सर्जरी के बाद भावुक होकर श्री गुप्ता उन सैकड़ों लोगों में शामिल हैं जिन्हें नई रोशनी मिली है।

इस टीम का नेतृत्व आर्मी हॉस्पिटल (रिसर्च एंड रेफरल) के नेत्र रोग विभाग के प्रमुख ब्रिगेडियर (डॉ.) संजय कुमार मिश्रा ने किया, जिन्हें लेफ्टिनेंट कर्नल रवि चौहान और मेजर अमृता जोशी सहित शल्य चिकित्सा विशेषज्ञों की एक कुशल टीम का सहयोग से और इनके अथक प्रयासों से शिविर की सफलता सुनिश्चित हुई। टीम ने सर्जरी करने के लिए विश्व-स्तरीय चिकित्सा उपकरणों का उपयोग किया, जिन्हें भारतीय वायु सेना के विमानों द्वारा क्षेत्र में पहुंचाया गया था।

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