BusinessWomen

यूपी को वन ट्रिलियन इकॉनमी बनाने में महिला उद्यमियों की सहभागिता बढ़ाने पर जोर

  • नई नीति में महिला उद्यमी को इंडस्ट्री लगाने के लिए सरकार दे रही कई रियायतें
  • इंडस्ट्री लगाने वाली महिलाओं को 100 प्रतिशत स्टाम्प ड्यूटी में छूट समेत कई राहत

वाराणसी । उत्तर प्रदेश को वन ट्रिलियन डॉलर इकॉनमी बनाने में योगी सरकार महिलाओं की भी सहभागिता सुनिश्चित कर रही है। इसके लिए सरकार ने एमएसएमई 2022 की नई नीति में महिला उद्यमी को इंडस्ट्री लगाने के लिए कई तरह की रियायतें दे रही है। सरकार उत्तर प्रदेश में इंडस्ट्री लगाने वाली महिलाओं को 100 प्रतिशत स्टाम्प ड्यूटी में छूट समेत कई राहत दे रही है। फरवरी-2023 में होने वाले ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट को महिला उद्यमियों के लिए बहुत अच्छा अवसर माना जा रहा है।

महिला सशक्तिकरण के लिए संकल्पित उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने नई एमएसएमई नीति 2022 में सुधार करते हुए महिलाओं को काफी छूट प्रदान की है। यदि महिला उद्यमी उत्तर प्रदेश में कहीं भी नई यूनिट लगाना चाहती हैं तो सरकार उनको 100 प्रतिशत स्टाम्प ड्यूटी में छूट दे रही है। पुरुषों के साथ ही महिलाओं को भी एमएसएमई औद्योगिक पार्को, इस्टेट्स, फ्लैटेड फैक्ट्री कॉम्प्लेक्स को भूमि खरीदने पर 100 प्रतिशत स्टाम्प ड्यूटी छूट मिलेगी। इसके अलावा योगी सरकार पूंजीगत सब्सिडी भी उपलब्ध करा रही है, जिसमें महिला उद्यमी को पुरुषों के मुकाबले 2 प्रतिशत अधिक सब्सिडी मिलेगी।

ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट-2023 के पहले योगी सरकार ने एमएसएमई 2022 की नई नीति बनाकर महिला उद्यमी को निवेश का बड़ा मौका दिया है। योगी सरकार एमएसएमई 2022 की नई नीति में महिला उद्यमियों को ब्याज सब्सिडी में भी राहत दे रही है। सूक्ष्म इकाइयों पर ब्याज सब्सिडी में महिला उद्यमी के लिए 60 प्रतिशत ब्याज सब्सिडी, जो 25 लाख रुपये प्रति यूनिट की अधिकतम सीमा के अधीन पांच वर्षों के लिए देय होगा। पूर्व की सरकारों ने महिलाओं को ध्यान में रखते हुए कोई कारगर औद्योगिक नीति नहीं बनाई थी, जिससे महिलाएं स्वावलंबी और सशक्त बन सकें। अब योगी सरकार महिलाओं को हर क्षेत्र में स्वावलंबी बनाने का प्रयास कर रही है।

Related Articles

Back to top button