
‘यादवों में भी भेदभाव कर रहे अखिलेश’, मंत्री ओपी राजभर का सपा प्रमुख पर तीखा हमला
उत्तर प्रदेश की राजनीति में 2027 विधानसभा चुनाव से पहले बयानबाजी तेज हो गई है। कैबिनेट मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने सपा प्रमुख अखिलेश यादव पर यादव समाज में भेदभाव करने का आरोप लगाया है। राजभर ने घोसी और कमरिया समाज को टिकट देने का हिसाब मांगते हुए दावा किया कि इस बार ग्वाला समाज सपा को 2022 से भी बुरे दौर में पहुंचाएगा।
लखनऊ : उत्तर प्रदेश सरकार में कैबिनेट मंत्री और सुभासपा प्रमुख ओम प्रकाश राजभर ने सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव पर तीखा हमला बोला है। सोशल मीडिया पर पोस्ट कर उन्होंने सवाल उठाया कि 2017 से 2024 तक सपा ने कितने घोसी (ग्वाला) और कितने कमरिया समाज के लोगों को टिकट दिया। उन्होंने सपा प्रमुख पर यादव समाज में ही भेदभाव करने का आरोप लगाया।
राजभर ने अखिलेश पर तंज कसते हुए लिखा कि गाय-भैंस की सेवा करने वाला अहीर समाज अब उनकी राजनीति समझने लगा है। उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव 15 फीसदी कमरिया समाज को अपना मानते हैं, जबकि 85 फीसदी घोसी यानी ग्वाला समाज की अनदेखी कर रहे हैं।
‘अहीर-अहीर में भेदभाव क्यों?’
सुभासपा प्रमुख ने कहा कि उन्होंने पहली बार ऐसा यादव नेता देखा है, जो अहीर समाज के बीच ही भेद पैदा करता है। अखिलेश जाति के नाम पर समाज को बांटने की राजनीति कर रहे हैं। राजभर ने अखिलेश को नसीहत देते हुए कहा कि अब उन्हें जाग जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि 2027 के विधानसभा चुनाव में 85 फीसदी ग्वाला समाज सपा को 2022 से भी बुरा दौर दिखाएगा।
अखिलेश के नेतृत्व में हार का रिकॉर्ड बना रही सपा: मंत्री दानिश आजाद अंसारी
उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री दानिश आजाद अंसारी ने समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि चुनाव हारने के बाद सपा और कांग्रेस ईवीएम, प्रशासन और चुनाव आयोग को दोषी ठहराते हैं। संवैधानिक संस्थाओं पर उंगली उठाना अखिलेश यादव की फितरत है।
दानिश आजाद अंसारी ने कहा कि चुनाव जीतने के लिए जनता के बीच जाकर उनकी समस्याएं सुननी पड़ती है। लेकिन अखिलेश यादव को इससे कुछ लेना-देना नहीं है। वे केवल एसी में बैठकर एआई वाली राजनीति करते हैं। जनता इनकी मंशा को समझ चुकी है और 2027 के चुनाव में उत्तर प्रदेश से सपा को उखाड़ फेंकेगी।
‘अखिलेश के नेतृत्व में सपा लगातार चुनाव हार रही’
दानिश अंसारी ने कहा कि 2027 के चुनाव में अपनी हार देखकर सपा घबरा गई है। इसी वजह से अखिलेश यादव अनर्गल बयानबाजी कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि अखिलेश के नेतृत्व में सपा लगातार चुनावी पराजय का रिकॉर्ड बना रही है। 2014, 2017, 2019, 2022 और 2024 के चुनाव में जनता इन्हें सबक सीखा चुकी है। अब 2027 में जनता सपा का सफाया करेगी।



