सीवर की गंदगी और लीकेज से मिलेगी मुक्ति? वाराणसी में नगर निगम ने अपनाई हाईटेक तकनीक
वाराणसी में सीवर लीकेज, ब्लॉकेज और गंदे पानी की समस्याओं से निपटने के लिए नगर निगम ने रोबोटिक तकनीक का सहारा लिया है। सोलिनास इंटीग्रिटी प्राइवेट लिमिटेड के साथ हुए समझौते के तहत अत्याधुनिक कैमरों और रोबोट से सीवर लाइनों की जांच की जाएगी। कोका-कोला कंपनी सीएसआर के तहत परियोजना को वित्तीय सहयोग दे रही है। इस तकनीक से पाइपलाइन में खराबी की सटीक पहचान होगी, अनावश्यक खुदाई रुकेगी और नागरिकों को सीवर संबंधी समस्याओं से त्वरित राहत मिलने की उम्मीद है।
वाराणसी : शहर की सीवर लीकेज, चोक और गंदे पानी की समस्याओं से निपटने के लिए नगर निगम अब रोबोटिक तकनीक सहयोग ले रहा है । इसके तहत सीवर लाइनों की अड़चनें दूर करने के लिए रोबोट और कैमरों का इस्तेमाल किया जा रहा है ।इसके लिए गत दिनों सोलिनास इंटीग्रिटी प्राइवेट लिमिटेड के मध्य अनुबंध भी हो चुका है ।
चेन्नई की इस कंपनी के साथ हुए इस समझौते का मुख्य उद्देश्य सीवर लाइनों की देखरेख और स्वच्छता व्यवस्था को तकनीकी रूप से उन्नत करना है। इस पूरी परियोजना के लिए कोका-कोला कंपनी सीएसआर के तहत फंडिंग कर रही है। इसका जमीनी कार्य और फील्ड फोटोग्राफी सत्र भी गुरुवार से शुरू कर दिया गया। समारोह में महापौर अशोक कुमार तिवारी, उपसभापति नरसिंह दास, नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल, महाप्रबंधक जलकल अनूप सिंह सहित अन्य लोगों ने अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

इस आधुनिक परियोजना के तहत कंपनी के पास पाइपलाइन निरीक्षण के लिए विशेष रोबोट और अत्याधुनिक कैमरे उपलब्ध हैं। इसके जरिए शहर में कहीं भी ब्लॉककेज, लीकेज या गंदे पानी की समस्या आने पर तुरंत सटीक जांच की जाती है। जल समस्याओं की शिकायत मिलने पर जेई के निर्देश पर पूरी टीम वहां पिट और गड्ढा तैयार कर छोटा पाइप डालकर कैमरे व रोबोट इंसर्ट करती है।
इससे पाइप के अंदर की वास्तविक स्थिति, जैसे- जंग लगना, ब्लॉकेज या जाम होना, साफ पता चल जाता है। इस प्रक्रिया में दो प्रमुख तकनीकों का इस्तेमाल किया जा रहा है। एक स्पेशल एंडोकैम के माध्यम से 50 मिमी से 125 मिमी व्यास तक के पाइपों का निरीक्षण किया जाता है। एंडो-90 रोबोट यह उन्नत रोबोट 125 मिमी से लेकर 400 मिमी तक के बड़े पाइपों की जांच करने में सक्षम है, जिससे सटीक लोकेशन मिल जाती है कि किस मीटर पर खुदाई करके ब्लॉकेज ठीक करना है।
महापौर श्री अशोक कुमार तिवारी ने इस पहल पर जोर देते हुए कहा कि शहर के विकास और नागरिक सुविधाओं के विस्तार के लिए आधुनिक तकनीक का प्रभावी उपयोग समय की मांग है। इस तकनीकी सहयोग से न केवल सड़कों की अनावश्यक खुदाई बचेगी, बल्कि शहरवासियों को सीवर समस्याओं से त्वरित राहत भी मिलेगी। इस अवसर पर कंपनी के अधिकारी देवांशु कुमार, मोइनाज बनर्जी उपस्थित थे।
दीपावली से पहले योगी सरकार का कर्मचारियों को बड़ा तोहफा, 30 दिन के बोनस को मिली मंजूरी
Diwali 2026: धनतेरस से भाई दूज तक सभी पर्वों की कथा, पूजा विधि और शुभ मुहूर्त



