संविधान राष्ट्रीय अस्मिता का ग्रंथ : राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु
संसदीय प्रणाली ने जन-आकांक्षाओं को दी नई ऊंचाई, भारत विश्व की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की ओर तेज़ी से अग्रसर नयी दिल्ली : राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने संविधान को राष्ट्रीय अस्मिता और पहचान का ग्रंथ बताते हुए कहा है कि बीते दशक में हमारी संसद ने इसके मूल्यों पर … Continue reading संविधान राष्ट्रीय अस्मिता का ग्रंथ : राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु
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