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ब्रिटिश महारानी एलिजाबेथ के सम्मान में भारत में एक दिन का राजकीय शोक

ब्रिटेन की महारानी एलिजाबेथ द्वितीय का निधन,दुनिया भर के नेताओं ने शोक जताया

नयी दिल्ली : ब्रिटिश महारानी एलिजाबेथ द्वितीय के सम्मान में देश में रविवार को एक दिन का राजकीय शोक रहेगा और इस दिन राष्ट्रीय ध्वज आधा झुका रहेगा।केन्द्रीय गृह मंत्रालय ने शुक्रवार को एक वक्तव्य जारी कर कहा कि ब्रिटिश महारानी एलिजाबेथ द्वितीय का गुरूवार को निधन हो गया और सरकार ने उनके सम्मान में देश भर में एक दिन के राजकीय शोक की घोषणा की है।गृह मंत्रालय ने कहा है कि रविवार को देश भर में सभी भवनों पर राष्ट्रीय ध्वज आधा झुका रहेगा और उस दिन कोई आधिकारिक मनोरंजन कार्यक्रम आयोजित नहीं किया जायेगा। (वार्ता)

ब्रिटेन की महारानी एलिजाबेथ द्वितीय का निधन,दुनिया भर के नेताओं ने शोक जताया

ब्रिटेन में सबसे लंबे समय तक राज करने वाली महारानी एलिजाबेथ द्वितीय का बृहस्पतिवार को स्कॉटलैंड के बालमोरल कैसल में निधन हो गया। वह 96 वर्ष की थीं। महारानी ने 70 साल तक शासन किया।उनके निधन के साथ ही ब्रिटेन के इतिहास में किसी शासक के सबसे लंबे समय तक किए गऐ शासन का अंत हो गया है।बृहस्पतिवार को सुबह उनके स्वास्थ्य के बारे में चिंताएं बढ़ने के बाद उनका परिवार एबरडीनशायर में उनके स्कॉटिश इस्टेट में इकट्ठा होने लगा। वेल्स के पूर्व राजकुमार चार्ल्स (73) अब ब्रिटेन के नए सम्राट हैं। नए राजा को आधिकारिक तौर पर किंग चार्ल्स तृतीय के रूप में जाना जाएगा। इसकी आधिकारिक पुष्टि हो गई है।

बकिंघम पैलेस ने एक बयान में कहा, ‘‘महारानी का आज दोपहर बालमोरल में निधन हो गया।’’ बयान में कहा गया, ‘‘द किंग एंड द क्वीन कंसोर्ट (चार्ल्स एंड कैमिला) आज शाम बालमोरल में रहेंगे और कल (शुक्रवार) लंदन लौटेंगे।’’शाही परिवार द्वारा जारी एक बयान में नए सम्राट चार्ल्स ने कहा, ‘‘मेरी प्यारी मां, महामहिम महारानी का निधन, मेरे और मेरे परिवार के सभी सदस्यों के लिए गहरे दुख का क्षण है। मुझे पता है कि उनके जाने के दुख को देश और राष्ट्रमंडल तथा दुनिया भर के अनगिनत लोगों द्वारा गहराई से महसूस किया जाएगा।’’चार्ल्स (73) ने कहा, ‘‘हम महारानी और प्यारी मां के निधन पर बेहद शोक संतप्त हैं।’’

ब्रिटेन की नवनियुक्त प्रधानमंत्री लिज ट्रस ने महारानी के निधन की खबर पर कहा, ‘‘हम सभी गहरी पीड़ा में हैं। देश और दुनिया के लिए यह एक बड़ा झटका है।’’ उन्होंने महारानी को ‘‘एक चट्टान बताया, जिस पर आधुनिक ब्रिटेन बनाया गया’’। उन्होंने कहा, ‘‘ब्रिटेन आज महान देश है वो उनकी वजह से है।’’उन्होंने कहा कि महारानी उनके साथ-साथ कई ब्रितानियों के लिए एक व्यक्तिगत प्रेरणा थीं। ट्रस ने 10 डाउनिंग स्ट्रीट के बाहर एक बयान में कहा, ‘‘कर्तव्य के प्रति उनका समर्पण हम सभी के लिए एक उदाहरण है।’’महारानी 1952 में गद्दी पर बैठी थीं और वह अभूतपूर्व सामाजिक परिवर्तन की गवाह रहीं।

उनके निधन के बाद उनके सबसे बड़े बेटे और उत्तराधिकारी चार्ल्स 14 राष्ट्रमंडल क्षेत्रों के प्रमुख के रूप में उनके अंतिम संस्कार और श्रद्धांजलि कार्यक्रम का नेतृत्व करेंगे। डॉक्टरों द्वारा महारानी को चिकित्सकीय देखरेख में रखने के बाद चार्ल्स और महारानी के करीबी परिवार के सदस्य एबरडीन के पास बालमोरल पहुंचे। उनके पोते प्रिंस विलियम, उनके भाई प्रिंस हैरी के साथ रास्ते में हैं।महारानी की बेटी राजकुमारी ऐनी पहले से ही स्कॉटिश महल में उनके साथ थीं और उनके अन्य बच्चे – प्रिंस एंड्रयू और प्रिंस एडवर्ड – बाद में उनके साथ शामिल हुए। एक परमार्थ कार्यक्रम के लिए लंदन में मौजूद प्रिंस हैरी और मेगन (ड्यूक एंड डचेस ऑफ ससेक्स) भी महारानी के ग्रीष्मकालीन निवास पर पहुंचे।

विलियम की पत्नी केट (डचेस ऑफ कैम्ब्रिज) विंडसर में हैं क्योंकि उनके बच्चों – प्रिंस जॉर्ज, प्रिंसेस चार्लोट और प्रिंस लुइस का बृहस्पतिवार को वहां एक नए स्कूल में पहला दिन था।आगामी दिनों में क्या होगा, इसके बारे में कोई आधिकारिक विवरण जारी नहीं किया गया है, लेकिन अनुमान है कि महारानी का पूर्ण राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया जाएगा, जैसा कि एक सम्राट की निधन के बाद परंपरा रही है। यह भी उम्मीद है कि जनता के अंतिम दर्शन के लिए उनका पार्थिव शरीर को रखा जाए। किंग चार्ल्स तृतीय आने वाले दिनों में अंतिम योजनाओं पर हस्ताक्षर करेंगे।96 वर्षीय महारानी उम्र संबंधी समस्याओं से पीड़ित थीं और उन्होंने इस सप्ताह की शुरुआत में स्कॉटलैंड में नयी प्रधानमंत्री लिज ट्रस की नियुक्ति सहित अपनी यात्रा में कटौती की थी।

‘बीबीसी’ के अनुसार, ब्रिटिश साम्राज्य के अंतिम वर्षों से सोशल मीडिया के युग में राजशाही का नेतृत्व करते हुए, वह दुनिया की सबसे अधिक मान्यता प्राप्त और सम्मानित शख्सियतों में से एक बन गईं।एलिजाबेथ द्वितीय छह फरवरी 1952 को अपने पिता किंग जॉर्ज षष्ठम की मृत्यु के बाद महारानी बनीं। अगले वर्ष वेस्टमिंस्टर एबे में उनका राज्याभिषेक हुआ। उनका 70 वर्षों का शासन महारानी विक्टोरिया के शासन काल से सात वर्ष अधिक था।

महारानी एलिजाबेथ द्वितीय हमारे समय की कद्दावर हस्ती : प्रधानमंत्री मोदी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बृहस्पतिवार को ब्रिटेन की महारानी एलिजाबेथ द्वितीय को भावभीनी श्रद्धांजलि दी। उन्होंने कहा कि महारानी एलिजाबेथ द्वितीय एक ऐसी कद्दावर हस्ती थीं, जिन्होंने अपने देश और लोगों को प्रेरणादायी नेतृत्व प्रदान किया।वर्ष 2015 और 2018 में महारानी के साथ अपनी ‘यादगार’ मुलाकातों का जिक्र करते हुए मोदी ने कहा कि महारानी एलिजाबेथ द्वितीय सार्वजनिक जीवन में गरिमा और शालीनता की प्रतिमूर्ति रहीं।

प्रधानमंत्री ने कहा, ‘‘मैं उनकी गर्मजोशी और उदारता को कभी नहीं भूल सकता हूं। एक भेंट के दौरान उन्होंने मुझे वह रुमाल दिखाया जो उनके विवाह के अवसर पर महात्मा गांधी ने उन्हें भेंट किया था। उनके इस व्यवहार को सदा पसंद करता हूं।’’उन्होंने कहा, ‘‘महामहिम महारानी एलिजाबेथ द्वितीय को हमारे समय की एक कद्दावर शख्सियत के रूप में सदैव याद रखा जाएगा। वह सार्वजनिक जीवन में गरिमा और शालीनता की प्रतिमूर्ति थीं। उनके निधन से दुखी हूं। दुख की इस घड़ी में मेरी संवेदनाएं उनके परिवार और ब्रिटेन के लोगों के साथ हैं।’’महारानी का निधन बृहस्पतिवार को हुआ। वह 96 वर्ष की थीं।

बाइडन, गुतारेस सहित दुनिया भर के नेताओं ने महारानी एलिजाबेथ द्वितीय के निधन पर शोक जताया

ब्रिटेन की महारानी एलिजाबेथ द्वितीय के निधन पर बृहस्पतिवार को दुनिया भर के नेताओं ने शोक जताया और उन्हें ‘सहृदय’ महारानी बताते हुए भावभीनी श्रद्धांजलि दी।अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडन ने 1982 में महारानी के साथ अपनी पहली मुलाकात और 2021 में ब्रिटेन यात्रा के दौरान महारानी की मेजबानी को याद किया।बाइडन ने कहा, ‘‘उन्होंने अपनी हाजिरजवाबी से हमें प्रभावित किया, दयालुता से हमारा दिल जीत लिया और खुले दिल से अपने अनुभव हमारे साथ बांटे। 9/11 के बाद हमारे सबसे बुरे वक्त में वह अमेरिका के साथ एकजुट होकर खड़ी रहीं, उन्होंने हमें याद दिलाया कि ‘‘तकलीफ वह कीमत है जो हम प्यार के लिए चुकाते हैं।’’

वहीं, संयुक्त राष्ट्र के महासचिव एंतोनियो गुतारेस ले कहा कि महारानी एलिजाबेथ द्वितीय के निधन से वह बहुत दुखी हैं। उन्होंने महारानी के परिवार, ब्रिटेन की सरकार, जनता के प्रति संवेदनाएं व्यक्त कीं।उन्होंने कहा, ‘‘ब्रिटेन की सबसे ज्यादा उम्र की और देश पर सबसे लंबा शासन करने वाली महारानी एलिजाबेथ द्वितीय को दुनिया भर में उनके दया भाव, गरिमा और समर्पण के लिए जाना जाता है। दशकों की उनकी मौजूदगी को देखा जा सकता है, फिर चाहे पर अफ्रीका और एशिया से औपनिवेशिक शासन का खात्मा हो या फिर राष्ट्रमंडल देशों का विकास।’’फ्रांस के राष्ट्रपति एमैनुअल मैक्रों ने श्रद्धांजलि देने हुए कहा कि महारानी ‘दयालु शासक’ थीं और ‘फ्रांस की मित्र थीं।’

मैक्रों ने कहा, ‘‘महारानी एलिजाबेथ द्वितीय ने ब्रिटिश राष्ट्र की निरंतरता और एकता को 70 साल से ज्यादा समय तक बनाए रखा। मैं उन्हें फ्रांस की मित्र, एक दयालु महारानी, जिन्होंने अपने देश और अपनी सदी पर अमिट छाप छोड़ी है, के रूप में याद करता हूं।’’जर्मनी के चांसलर ओलाफ शॉल्ज ने महारानी को ‘‘लाखों लोगों के लिए आदर्श और प्रेरणा स्रोत बताया।’’उन्होंने दूसरे विश्वयुद्ध की त्रासदी के बाद ब्रिटेन और जर्मनी के बीच संबंधों को सुधारने में उनकी भूमिका की तारीफ की। उन्होंने कहा कि सिर्फ उन्हें ही नहीं बल्कि उनकी हंसने-हंसाने की आदत को भी याद किया जाएगा।

कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टि ट्रूडू ने कहा कि महारानी एलिजाबेथ द्वितीय ‘‘दुनिया में उनके सबसे पसंदीदा लोगों में से एक थीं।’’उन्होंने कहा, ‘‘वह हमेशा/लगातार हम सभी के जीवन का हिस्सा थीं… कनाडा के लोगों के प्रति उनकी सेवा हमेशा हमारे देश के इतिहास का महत्वपूर्ण हिस्सा रहेगा। मैं उन्हें बहुत याद करूंगा।’’संयुक्त राष्ट्र महासभा के अध्यक्ष अब्दुल्ला शाहिद ने कहा कि मुश्किल वक्त में महारानी का दृढ नेतृत्व दुनिया भर के लोगों के लिए स्थिरता और मुश्किलों का सामना करने की ताकत देने वाला बल बना।(भाषा)

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