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आदेश का उल्लघन धारा 188 के अन्तर्गत दण्डनीय अपराध होगा और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी – जिलाधिकारी

वाराणसी । जिलाधिकारी कौशल राज शर्मा ने बताया कि वर्तमान समय में ‘नोवल कोरोना वायरस’ के संकमण एवं महामारी से बचाव हेतु
जन-सामान्य की सुरक्षा के दृष्टिगत तथा इस हेतु महामारी अधिनियम 1897 (अधिनियम संख्याः 3
सन् 1897) की धारा-2 व इसके अन्तर्गत जारी उत्तर प्रदेश शासन. चिकित्सा अनुभाग-5 की
अधिसूचना संख्याः 548/पांच-5-2020, दिनांक 14.03.2020 में प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते
हुए उनके द्वारा 17 मार्च से जनपद में विस्तृत निषेधाज्ञा पारित किया गया है। परन्तु गत 02 दिन के परीक्षण के उपरान्त यह पाया गया है कि बाजारों में दुकानें अनावश्यक रूप से देर रात तक खुल रही हैं और काफी लोग बिना आवश्यकता वहाँ समूह बना कर खड़े रहते हैं। इससे दुकान में काम करने वाले कर्मचारियों पर बुरा असर पड़ने की सम्भावना है। श्रम विभाग के द्वारा दुकान और व्यापारिक
प्रतिष्ठान खुले रहने की समय सीमा रात्रि 8:00 बजे तक निर्धारित की गई है। इसी के साथ स्वास्थ्य विभाग द्वारा ऑटो व ई-रिक्शा के माध्यम से भी संकमण फैलने की आशंका व्यक्त की गयी है। जिस को दृष्टिगत रखते हुए जिला मजिस्ट्रेट कौशल शर्मा ने जनसामान्य, दुकानदारों और दुकान के कर्मचारियों को कोरोना संक्रमण से बचाने की दृष्टि
से वाराणसी जनपद में महामारी अधिनियम के अन्तर्गत शक्तियों का प्रयोग करते हुए सभी
बाजार, मॉल, दुकानें, पटरी दुकानें, नुक्कड़ दुकानें, अस्थायी बाजार और ठेले रात्रि 8:00
बजे तक बंद करने के आदेश दिए हैं। शराब की अधिकृत दुकान और रेस्टोरेंट रात्रि 10:00 बजे तक खुल सकते हैं। उन्हें भी रात्रि 10:00 बजे तक बंद करने के आदेश दिए जाते हैं। बार का समय एक्साइज एक्ट में और परमिट में दिये समय के अनुसार रहेगा। आटो व ई-रिक्शा में पर्दे लगे रहते हैं, इससे भी कोरोना वायरस के संक्रमण की सम्भावना बनी रहती है। अतः आटो व ई-रिक्शा में परदे लगाने को प्रतिबन्धित किया जाता है। आटो व ई-रिक्शा में सवारियों को अधिक संख्या में बैठाया जाता है। इससे भी एक मीटर की दूरी का प्रतिबन्ध नहीं लागू होता है। अतः आटो व ई-रिक्शा में एक ही परिवार के सदस्य अथवा अधिकतम 04 व्यक्तियों से अधिक सवारियों को बिठाने पर प्रतिबंध लगाया जाता है। मोटर साइकिल व स्कूटर आदि दोपहिया वाहनों पर दो से अधिक व्यक्तियों के बैठने को प्रतिबंधित किया जाता है। यह आदेश जनपद-वाराणसी के सम्पूर्ण क्षेत्र में दिनांक 20 मार्च 2020 से 31 मार्च, 2020 तक प्रभावी रहेगा और 31 मार्च, 2020 को पुनः इसकी समीक्षा की जायेगी।
जिला मजिस्ट्रेट कौशल राज शर्मा ने बताया कि आदेश में वर्णित प्रतिबन्धों की अवहेलना भारतीय दण्ड विधान की धारा 188 के अन्तर्गत दण्डनीय अपराध होगा। चूँकि स्थिति की गम्भीरता एवं तात्कालिक आवश्यकता को देखते हुए उक्त प्रतिबन्धों को तत्काल प्रभावी किया जाना आवश्यक है और समयाभाव के कारण किसी अन्य पक्ष को सुनवाई का अवसर प्रदान कर पाना सम्भव नही है, अतएव यह आदेश एक पक्षीय रुप से पारित किया जा रहा है। इस आदेश के उल्लघन का संज्ञान जनपद में तैनात पुलिस उप निरीक्षक स्तर से अथवा
उससे वरिष्ठ किसी भी पुलिस अधिकारी अथवा तहसीलदार मैजिस्ट्रेट, उप जिला मजिस्ट्रेट, नगर
मजिस्ट्रेट/समस्त अपर नगर मजिस्ट्रेट द्वारा लिया जा सकेगा और उल्लिखित अनुमतिया उनके द्वारा
समस्त परिस्थितियों पर नियमानुसार निर्गत की जायेगी। इस आदेश अथवा आदेश के किसी अंश का
उल्लघन भारतीय दण्ड संहिता की धारा 188 के अन्तर्गत दण्डनीय अपराध होगा।

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