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दुनिया अब भारत की तरफ बड़े भरोसे से देख रही है: मोदी

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आज कहा कि वैश्विक शांति, वैश्विक समृद्धि, वैश्विक चुनौतियों के समाधान और वैश्विक आपूर्ति नेटवर्क के सशक्तिकरण को लेकर दुनिया अब भारत की तरफ देखने लगी है और बड़े भरोसे के साथ देख रही है।श्री मोदी ने जैन इंटरनेशनल ट्रेड आर्गेनाइजेशन( जिटो) कनेक्ट द्वारा आयोजित एक तीन दिवासीय सम्मेलन का वुर्चअली शुभारंभ करते हुये कहा कि यह सम्मेलन आजादी के 75वें वर्ष में, अमृत महोत्सव में हो रही है। यहां से देश आजादी के अमृत काल में प्रवेश कर रहा है। अब देश के सामने अगले 25 सालों में स्वर्णिम भारत के निर्माण का संकल्प है। आजादी के अमृत काल में तेज गति से विकास का मंत्र है।

उन्होंने कहा “ अभी कल ही मैं यूरोप के कुछ देशों का भ्रमण करके और भारत के सामर्थ्य, संकल्पों को और आजादी के अमृतकाल में भारत में मौजूद अवसरों के संबंध में काफी कुछ विस्तार से अनेक लोगों से चर्चा करके लौटा हूं और मैं ये कह सकता हूं कि जिस तरह का आशावाद, जिस तरह का विश्वास आज भारत के प्रति खुलकर के सामने आ रहा है। आप भी विदेशों में जाते हैं और आप में से जो विदेशों में बसे हैं, आप सब भी अनुभव करते हैं। हर हिन्दुस्तानी को चाहे दुनिया के किसी भी छोर पर हो या हिंदुस्तान के किसी कोने पर हो, हर भारतीयों को आज गौरव महसूस हो रहा है। हमारे आत्मविश्वास को भी इससे एक नई ऊर्जा मिलती है, नई ताकत मिलती है। आज भारत के विकास के संकल्पों को दुनिया अपने लक्ष्यों की प्राप्ति का माध्यम मान रही है।”

उन्होंने कहा कि दुनिया में राजनीति से जुड़े हुए लोग हों, नीति निर्माण से जुड़े लोग हों या फिर आप जैसे जागरूक समाज के नागरिक या बिजनेस कम्युनिटी के लोग हों, विशेषज्ञा और चिंतायें चाहे जो भी हों, विचारों में चाहे जितनी भी भिन्नता हो, लेकिन नए भारत का उदय सभी को जोड़ता है। आज सभी को लगता है कि भारत अब संभावनाओं और क्षमताओं से आगे बढ़कर वैश्विक कल्याण के उद्देश्य के साथ प्रदर्शन कर आगे बढ़ रहा है।श्री मोदी ने कहा कि बीते 8 सालों में साफ नीयत, स्पष्ट इरादों और अनुकूल नीतियों के मंत्र पर चलते हुए स्थितियों में परिवर्तन जो आ रहा है, वो हम रोजमर्रा की जिंदगी में अनुभव कर रहे हैं।

आज देश कौशल, व्यापार और प्रौद्योगिकी को जितना हो सके, उतना ज्यादा प्रोत्साहित कर रहा है। आज देश हर रोज दर्जनों स्टार्ट अप रजिस्टर कर रहा है, हर हफ्ते एक यूनिकॉर्न बन रहा है। हजारों कंप्लायंस खत्म करके, जीवन को आसान बनाना, जीविका को भी आसान बनाना, बिजनेस को भी आसान बनाने, एक के बाद एक ये कदम हर हिंदुस्तानी के गर्व को बढ़ाते हैं। आज भारत में कर व्यवस्था फेसलेस है, ट्रांसपेरेंट है, ऑनलाइन है, एक राष्ट्र एक कर है। देश मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा देने के लिए लाखों करोड़ रुपए के उत्पादन लिंक्ड प्रोत्साहन (पीएलआई) स्कीम को चला रहा है।

उन्होंने सरकारी खरीद की प्रक्रिया को पारदर्शिता का सबसे उत्तम उदाहरण बताते हुये कहा कि जब से सरकार ई मार्केट प्लेस जीईएम पोर्टल अस्तित्व में आया है, सारी खरीद एक प्लेटफॉर्म पर सबके सामने होती है। अब दूर-दराज के गांव के लोग, छोटे दुकानदार और स्व सहायता समूह सीधे सरकार को अपना उत्पाद बेच सकते हैं। यहां ऐसे लोग हैं, जिनके डीएनए में व्यापार है। कुछ न कुछ व्यापार की प्रवृत्ति करते रहना, ये आपके स्वभाव में और संस्कार में है। उन्होंने जिटो से जीईएम पोर्टल की स्टडी करने की अपील करते हुये कहा कि इस पोर्टल पर विजिट कीजिए और आपके क्षेत्र में ऐसी कोई चीज है, जिसकी सरकार को जरूरत है और सरकार खरीदने के लिए आसानी से उनके पास पहुंच सकती है। आप बहुत लोगों की एक मदद कर सकते हैं। पोर्टल पर 40 लाख से अधिक विक्रेता जुड़ चुके हैं। इनमें से अधिकतम एमएसएमई हैं। 10 लाख विक्रेता सिर्फ पिछले 5 महीने में ही जुड़े हैं।

प्रधानमंत्री ने कहा “आत्मनिर्भर भारत हमारा रास्ता भी है और हमारा संकल्प भी है और ये किसी सरकार का नहीं 130 करोड़ देशवासियों का है। बीते सालों में हमने इसके लिए हर जरूरी कदम उठाए, माहौल को सकारात्मक बनाने के लिए निरंतर परिश्रम किया है। देश में बन रहे सही वातावरण का सदुपयोग कर, संकल्पों की सिद्धि की कमान अब आप जैसे साथियों पर है। आपसे विशेष अपेक्षा है कि आप स्थानीय उत्पादों पर बल दें। वोकल फॉर लोकल के मंत्र के साथ आगे बढ़ते हुए आप सभी एक्सपोर्ट के लिए नए डेस्टिनेशन भी तलाशें और अपने क्षेत्र के स्थानीय उद्यमियों को उनके प्रति जागरूक भी करें। स्थानीय उत्पादों की क्वालिटी और पर्यावरण पर उसके कम से कम प्रभाव के लिए हमें काम करना है।”उन्होंने एक भारतीय जीवन के आये विदेशी उत्पादों की गणना करने की अपील करते हुये कहा कि उसके स्थान पर हिंदुस्तान उत्पाद के उपयोग पर विचार किये।

उन्होंने उदाहरण देते हुये कहा कि यदि आपके जीवन 1500 विदेशी वस्तुयें हैं तो हमसे इस महीने में 500 तो विदेशी चीजें बंद करने पर विचार करना होगा। अगले महीने और 200 करेंगे, फिर 100 करेंगे। 20, 25, 50 ऐसी चीजें होंगी, विदेशी चीजें बंद करेंगे। अगले महीने और 200 करेंगे, फिर 100 करेंगे। 20, 25, 50 ऐसी चीजें होंगी। इसलिए बार-बार वोकल फार लोकल से देश के लोगों को रोजगार मिलेगा, देश के लोगों को अवसर मिलेगा।”उन्होंने जिटो के युवा सदस्यों से आगे आने और स्टार्टअप शुरू करने की अपील करते हुये कहा कि देश में हर जिले में मेडिकल कॉलेज जैसी व्यवस्थाओं के लिए बहुत बड़ा काम सरकार आज कर रही है। आयुष के क्षेत्र में रिसर्च एंड डेवलपमेंट को प्रमोट करने के लिए भी जिटो के योगदान की अपेक्षा है।(वार्ता)

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