गांव की माटी से ग्लैमर तक: भोजपुरी सिनेमा के नायकों का सफर और संकट
भोजपुरी सिनेमा का इतिहास गौरवशाली रहा है। 1963 में आई *गंगा मईया तोहे पियरी चढ़इबो* ने न सिर्फ इस भाषा को फिल्मों के बड़े कैनवास पर उतारा बल्कि दर्शकों के दिलों को छू लेने वाली कहानियों का दौर भी शुरू किया। *नदिया के पार*, *बिदेसिया*, *पिया मिलन चौराहा* जैसी फिल्मों … Continue reading गांव की माटी से ग्लैमर तक: भोजपुरी सिनेमा के नायकों का सफर और संकट
Copy and paste this URL into your WordPress site to embed
Copy and paste this code into your site to embed