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राजस्व निरीक्षक की जमानत अर्जी खारिज

वाराणसी, जनवरी। विशेष न्यायाधीश (भ्रष्टाचार निवारण) लोकेश राय की अदालत ने पैमाइश के लिए सात हजार रुपये घूस लेने के मामले में आरोपित कासिमाबाद के राजस्व निरीक्षक की जमानत अर्जी खारिज कर दी। प्रकरण के अनुसार गाजीपुर जनपद के कासिमाबाद निवासी जयराम यादव ने एसडीएम के यहां अपनी जमीन के पैमाइश के लिए प्रार्थना पत्र दिया था। जिसपर राजस्व निरीक्षक राजेन्द्र प्रसाद गुप्ता को पैमाइश करने का आदेश हुआ। आरोप है कि पैमाइश करने के एवज में राजस्व निरीक्षक सात हजार रुपये घूस देने की मांग किये। जिसपर उसने 23 नवंबर 2019 को एन्टी करप्शन विभाग में शिकायत की। शिकायत पर योजना बनाकर 26 नवंबर को तहसील कार्यालय में सात हजार रुपए घूस लेते राजस्व निरीक्षक राजेन्द्र प्रसाद गुप्ता को एन्टी करप्शन विभाग की टीम ने रंगेहाथ गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।
वहीं दूसरी ओर विशेष न्यायाधीश (भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम) अविनाश नारायण पाण्डेय की अदालत ने लोन देने के नाम पर कैंसिल चेक लेकर उसकी क्लोन कॉपी बनाकर पैसा निकालने की कोशिश करने के मामले में आरोपित झारखंड के पंडवा, पलामू निवासी पृथ्वीराज सोनी उर्फ विशाल कुमार की जमानत अर्जी खारिज कर दी। अभियोजन के अनुसार कलीम खां की टेंगरा मोड़ (रामनगर) में बाबा ऑटो मोबाइल्स के नाम से एजेंसी है। आरोप है कि 16 अक्टूबर को एक आदमी उसकी एजेंसी पर पहुंचा और खुद को आईसीआईसीआई बैंक का बताकर लोन दिलाने के नाम पर एक कैंसिल चेक और 100 रुपये का एक चेक लेकर गया। इस बीच 19 अक्टूबर को उसके मोबाइल पर केनरा बैंक से फोन आया कि उसके कहते से कोई व्यक्ति चेक के माध्यम से 2.34 लाख रुपए निकलने के लिए आया है। इस पर वादी वहां पहुंचा तो देखा कि उसके लोने वाले चेक की क्लोनिंग कर रुपये निकालने का प्रयास कर रहा था। जिसके बाद उसने उसे पकड़कर रामनगर पुलिस के हवाले कर दिया। पुलिस ने उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज कर उसे जेल भेज दिया। दोनों मामलों में जमानत का विरोध एडीजीसी रोहित मौर्य ने किया।

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