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कोविड-19 लॉकडाउन के बावजूद, किसानों की मांग को पूरा करने के लिए उर्वरकों का उत्पादन और स्थानांतरण जारी

17 अप्रैल को, सबसे ज्यादा 41 उर्वरक रेकों को संयंत्रों और बंदरगाहों से स्थानांतरित किया गया, लॉकडाउन के दौरान एक दिन में सबसे ज्यादा स्थानांतरण

कोविड-19 के कारण राष्ट्रव्यापी लॉकडाउन के दौरान आवागमन पर बहुत ज्यादा प्रतिबंध होने के बावजूद, उर्वरक विभाग, रेलवे, राज्यों और बंदरगाहों के ठोस प्रयासों के कारण देश में किसानों की मांगों को पूरा करने के लिए उर्वरकों का उत्पादन और आपूर्ति की जा रही है। इस प्रकार, पिछले शुक्रवार, 17 अप्रैल, 2020 को उर्वरकों के 41 रेकों को स्थानांतरित किया गया, जो लॉकडाउन अवधि के दौरान एक दिन की अधिकतम संख्या है।

इस कदम के बारे में कल देर शाम ट्वीट के द्वारा जानकारी देते हुए, केंद्रीय रसायन एवं उर्वरक मंत्री श्री डी. वी. सदानंद गौड़ा ने कहा, “हम अपने किसानों के लिए बुआई से पहले उर्वरकों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।”

कल 41 उर्वरक रेकों को संयंत्रों और बंदरगाहों से स्थानांतरित किया गया, लॉकडाउन के दौरान एक दिन में सबसे ज्यादा स्थानांतरण।

यह कदम रसायन एवं उर्वरक मंत्रालय द्वारा किसानों को आगामी खरीफ फसल के लिए उर्वरकों की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने की प्रतिबद्धता के अनुरूप भी है, क्योंकि यह रवानगी सामान्य काल के दौरान होने वाली रवानगी के साथ भी मेल खा रही है।

केंद्रीय रसायन एवं उर्वरक मंत्री, श्री डी. वी. सदानंद गौड़ा ने यह भी कहा कि देश में उर्वरकों की कोई कमी नहीं है और इसलिए घबराने की कोई आवश्यकता नहीं है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकारों के पास उर्वरकों का पर्याप्त स्टॉक मौजूद है। श्री गौड़ा ने आगे कहा कि हम राज्यों के कृषि मंत्रियों के साथ संपर्क में हैं।

भारत सरकार ने आवश्यक वस्तु अधिनियम के अंतर्गत देश में उर्वरक संयंत्रों के संचालन की अनुमति प्रदान की है, जिससे कि लॉकडाउन के कारण कृषि क्षेत्र प्रभावित न हो सके।

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