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प्रधानमंत्री ने विकास को गति देने के लिए वित्तीय क्षेत्र, संरचनात्मक और कल्याणकारी उपायों पर चर्चा की

नई दिल्ली । प्रधानमंत्री ने वर्तमान संदर्भ में विकास और कल्याण को गति देने के लिए संरचनात्मक सुधारों के साथ-साथ वित्तीय क्षेत्र में हस्तक्षेप के माध्यम से रणनीतियों पर चर्चा के लिए एक बैठक की अध्यक्षता की । वित्त मंत्री और अधिकारियों के साथ हुई इस बैठक में, प्रधानमंत्री ने एमएसएमई और किसानों की सहायता करने, तरलता बढ़ाने और ऋण प्रवाह को मजबूत करने के लिए रणनीतियों और हस्तक्षेपों पर विचार-विर्मश किया। प्रधानमंत्री ने कोविड​​-19 के मद्देनजर वित्तीय स्थिरता सुनिश्चित करने तरीकों और साधनों के अलावा व्यवसायों को वर्तमान प्रभावों से शीघ्र उबारने के लिए किए गए उपायों पर चर्चा की।

श्रमिकों और आम आदमी के कल्याण के मुद्दे पर, प्रधानमंत्री ने कोविड-19 के कारण हो रहे व्यवधानों से उत्पन्न कठिनाइयों को दूर करने के लिए व्यवसायों को सहायता प्रदान करके रोज़गार के अवसरों का सृजन करने की आवश्यकता पर भी ज़ोर दिया। प्रधानमंत्री ने पूर्व में किए गए प्रमुख संरचनात्मक सुधारों को मजबूत करने की आवश्यकता पर भी बल दिया और कॉर्पोरेट प्रशासन, क्रेडिट बाजारों और बुनियादी ढांचे के क्षेत्रों में नए संरचनात्मक सुधारों पर भी चर्चा की।

प्रधानमंत्री ने नई ढांचागत परियोजनाओं पर शीघ्रता से कार्य आरंभ करने और ढांचागत क्षेत्र में कार्यों को गति देने के लिए तेजी से उपाय करने की आवश्यकता पर बल दिया ताकि कोवडि-19 के कारण व्यर्थ हुए समय की भरपाई की जा सके। उन्होंने इच्छा जताई कि राष्ट्रीय बुनियादी ढांचे के तहत कार्यान्वित की जाने वाली परियोजनाओं की समीक्षा उच्चतम स्तर पर की जाए, ताकि समय को व्यर्थ होने से बचाया जा सके और रोजगारों का सृजन भी संभव हो सके।

बैठक में इस मुद्दे पर भी विचार-विमर्श किया गया कि विभिन्न मंत्रालयों द्वारा की गई सुधार पहलों को निरंतर जारी रखा जाना चाहिए और निवेश प्रवाह और पूंजी निर्माण में आने वाली बाधाओं को दूर करने के लिए समयबद्ध तरीके से कार्यवाही की जानी चाहिए। बैठक में केन्द्रीय गृह मंत्री, वित्त मंत्री, वित्त मंत्रालय के सचिव के अलावा भारत सरकार के अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे।

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