- मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दिए हैं भव्य आयोजन कराने के निर्देश
अयोध्या । मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश के बाद भगवान श्रीराम की नगरी अयोध्या में इस बार रामनवमी का पर्व ऐतिहासिक और भव्य तरीके से मनाया जाएगा। रामनवमी के अवसर पर पहली बार दीपोत्सव का आयोजन होने जा रहा है, जो इस पर्व को और भी खास बना देगा। इसके साथ ही अष्टमी और नवमी के दिन सांस्कृतिक कार्यक्रमों की धूम रहेगी। राम कथा पार्क के बगल पक्की पार्किंग में आयोजित होने वाले इन कार्यक्रमों में देश के नामचीन कलाकारों को आमंत्रित किया गया है, जो अपनी प्रस्तुतियों से श्रद्धालुओं और पर्यटकों का मन मोह लेंगे। इस महा उत्सव को लेकर तैयारियां जोर-शोर से चल रही हैं, और प्रशासन ने इसे यादगार बनाने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ी है।
दीपोत्सव और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का अनूठा संगम
दीपोत्सव और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का अनूठा संगम इस बार रामनवमी पर अयोध्या में 2 लाख से अधिक दीप जलाए जाएंगे, जो राम कथा पार्क के सामने पक्का घाट व राम की पैड़ी पर प्रकाशमान होंगे। यह दीपोत्सव न केवल आध्यात्मिकता का प्रतीक होगा, बल्कि पर्यटकों के लिए भी एक अनुपम दृश्य प्रस्तुत करेगा। इसके अलावा अष्टमी के दिन कनक भवन से एक हेरिटेज वॉक निकाली जाएगी, जो राम कथा पार्क में समाप्त होगी। इस वॉक के जरिए श्रद्धालु और पर्यटक अयोध्या की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को करीब से देख सकेंगे। राम कथा पार्क में विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन होगा, जिसमें नृत्य, संगीत और नाटक जैसी प्रस्तुतियां शामिल होंगी।
सरस और फर्नीचर मेला बनेगा आकर्षण
इन आयोजनों में बड़े-बड़े कलाकार अपनी कला का प्रदर्शन करेंगे, जिससे यह उत्सव और भी भव्य बन जाएगा। सरस और फर्नीचर मेला बनेगा आकर्षण का केंद्ररामनवमी के अवसर पर अयोध्या में सरस मेला और फर्नीचर मेला भी लगाया जाएगा, जो श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र रहेगा। सरस मेला में देश भर से आए हस्तशिल्प और पारंपरिक उत्पादों की प्रदर्शनी होगी, वहीं फर्नीचर मेला स्थानीय कारीगरों की कला को प्रदर्शित करेगा। ये मेले न केवल खरीदारी का अवसर प्रदान करेंगे, बल्कि अयोध्या की अर्थव्यवस्था को भी बढ़ावा देंगे। पर्यटन और संस्कृति विभाग के तत्वावधान में आयोजित ये सभी कार्यक्रम अयोध्या को एक सांस्कृतिक और पर्यटन हब के रूप में स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं।
ड्रोन से सरयू जल की फुहार का अनूठा प्रयोग
इस बार रामनवमी के आयोजन में एक अनूठा प्रयोग भी देखने को मिलेगा। जिलाधिकारी चंद्र विजय सिंह ने बताया कि रामनवमी पर आने वाले श्रद्धालुओं पर सरयू नदी के पवित्र जल की फुहार डाली जाएगी। इसके लिए ड्रोन का उपयोग किया जाएगा। यह विचार मां सरयू के प्रति श्रद्धालुओं की गहरी आस्था को ध्यान में रखकर लिया गया है। जिलाधिकारी ने कहा की हमारी योजना है कि इस प्रयोग से श्रद्धालुओं को एक अलग अनुभव मिले और उनकी आस्था और गहरी हो। इस पहल से न केवल धार्मिक भावनाओं का सम्मान होगा, बल्कि तकनीक और परंपरा का अनोखा संगम भी देखने को मिलेगा।
श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए व्यापक इंतजाम
रामनवमी के दौरान अयोध्या में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के आने की संभावना को देखते हुए प्रशासन ने व्यापक इंतजाम किए हैं। जिलाधिकारी ने शुक्रवार को कलेक्ट्रेट सभागार में श्रीराम जन्मोत्सव के पोस्टर का विमोचन करते हुए कहा की हमारी पूरी कोशिश है कि आने वाले श्रद्धालुओं को किसी भी तरह की असुविधा न हो। इसके लिए जगह-जगह भंडारे, पेयजल की व्यवस्था, स्वास्थ्य शिविर और टॉयलेट्स की सुविधा उपलब्ध कराई गई है। गर्मी से बचाव के लिए भी विशेष इंतजाम किए गए हैं, जिसमें छायादार स्थानों और ठंडे पानी की व्यवस्था शामिल है। राम मंदिर ट्रस्ट ने भी श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या को देखते हुए दर्शन की अवधि बढ़ाने का निर्णय लिया है। मंदिर परिसर में भीड़ प्रबंधन के लिए अतिरिक्त कर्मचारियों की तैनाती की जाएगी, ताकि श्रद्धालु बिना किसी परेशानी के भगवान श्रीराम के दर्शन कर सकें। इसके अलावा शहर के विभिन्न हिस्सों में स्टॉल लगाए जाएंगे, जहां स्थानीय व्यंजन और अन्य सुविधाएं उपलब्ध होंगी।
प्रशासन और पर्यटन विभाग की तैयारियां
यह पूरा आयोजन पर्यटन और संस्कृति विभाग के तत्वावधान में हो रहा है। विभाग ने राम कथा पार्क को इस महा उत्सव का केंद्र बनाया है, जहां सभी प्रमुख कार्यक्रम आयोजित होंगे। जिलाधिकारी चंद्र विजय सिंह ने बताया कि प्रशासन और विभाग मिलकर यह सुनिश्चित कर रहे हैं कि अयोध्या आने वाले हर श्रद्धालु और पर्यटक को एक यादगार अनुभव मिले। उन्होंने कहा कि हमारा लक्ष्य है कि यह रामनवमी न केवल धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण हो, बल्कि अयोध्या को वैश्विक पर्यटन मानचित्र पर भी मजबूती से स्थापित करे।
अयोध्या का बदलता स्वरूप रामनवमी का यह महा उत्सव
अयोध्या के बदलते स्वरूप को भी दर्शाता है। श्रीराम मंदिर के निर्माण के बाद से अयोध्या में धार्मिक पर्यटन तेजी से बढ़ा है। इस तरह के आयोजन न केवल स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के अवसर पैदा कर रहे हैं, बल्कि देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं को अयोध्या की संस्कृति और आतिथ्य से परिचित करा रहे हैं। दीपोत्सव, सांस्कृतिक कार्यक्रम और हेरिटेज वॉक जैसे आयोजन अयोध्या को एक आधुनिक और परंपरागत शहर के रूप में पेश कर रहे हैं।
इस बार की रामनवमी अयोध्या के लिए कई मायनों में खास होने जा रही है। पहली बार दीपोत्सव का आयोजन, ड्रोन से सरयू जल की फुहार और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का समागम इसे एक अनूठा उत्सव बनाएगा। प्रशासन और पर्यटन विभाग की तैयारियां इस बात का संकेत देती हैं कि अयोध्या न केवल धार्मिक नगरी के रूप में, बल्कि एक सांस्कृतिक और पर्यटन केंद्र के रूप में भी अपनी पहचान मजबूत कर रही है। श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए यह महाउत्सव एक अविस्मरणीय अनुभव लेकर आएगा। क्षेत्रीय पर्यटन अधिकारी आरपी यादव ने बताया कि सांस्कृतिक कार्यक्रम व दीपोत्सव इत्यादि की तैयारियां पूरी कर ली गई है।