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पार्थ चटर्जी मंत्री पद से बर्खास्त, जांच जारी रहने तक टीएमसी से निलंबित

मां, माटी, मानुष का नारा देने वाले अब मनी-मनी कर रहेः मीनाक्षी लेखी

कोलकाता : पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की जांच में घेरे में आये राज्य के उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री पार्थ चटर्जी को उनके सभी विभागों के दायित्व से गुरुवार को मुक्त कर दिया।पश्चिम बंगाल के मुख्य सचिव द्वारा जारी एक परिपत्र के मुताबिक, श्री पार्थ चटर्जी को उद्योग मंत्री और अन्य सरकारी पदों से हटाया गया है। उनके पास सूचना एवं प्रसारण तथा संसदीय मामलों के विभाग की जिम्मेदारी भी थी।इसके बाद पार्टी के सभी पदों से भी हटा दिया गया और जांच जारी रहने तक टीएमसी से निलंबित कर दिया गया है । कोलकाता में टीएमसी नेता अभिषेक बनर्जी ने इसकी जानकारी दी । उन्होंने कहा कि पार्थ चटर्जी को टीएमसी से महासचिव, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष और तीन अन्य पदों के साथ हटा दिया गया है । जांच जारी रहने तक उन्हें निलंबित कर दिया गया है. दोषी न साबित होने पर वापस आ सकते हैं ।

श्री चटर्जी के खिलाफ यह कार्रवाई उनकी एक महिला सहयोगी के ठिकानों से 50 करोड़ रुपये से अधिक नगदी और बड़ी तादाद में सोने के आभूषण बरामद होने के बाद की गयी है। श्री चटर्जी और अर्पिता मुखर्जी इस समय ईडी की हिरासत में हैं और उनसे पूछताछ चल रही है।यह मामला श्री चटर्जी के शिक्षा मंत्री रहते पश्चिम बंगाल में प्राथमिक शिक्षकों की भर्ती में भारी घोटाले और लेन-देन से जुड़ा है। श्री पार्थ चटर्जी तृणमूल कांग्रेस के महसचिव भी हैं। अभिषेक बनर्जी ने बताया कि सीएम ममता बनर्जी ने पार्थ चटर्जी मंत्री को पद से हटाने का फैसला लिया । इस मामले की जांच जारी है. अगर कोई गलत करता है तो टीएमसी उसे नहीं बख्शेगी । भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस होगा. जांच एजेंसी को समय सीमा के भीतर जांच पूरी करनी होगी । शारदा मामले में भी कुछ नहीं हुआ, यह सिर्फ लटका हुआ है. समयबद्ध जांच होनी चाहिए ।

गुरुवार को राज्य सचिवालय नवान्न में हुई मंत्रिमंडल की बैठक के बाद राज्य के मुख्य सचिव हरि कृष्ण द्विवेदी की तरफ से इस बारे में अधिसूचना जारी कर दी गई। इसमें बताया गया है कि पार्थ चटर्जी को राज्य सरकार के उद्योग, संसदीय कार्य और इलेक्ट्रॉनिक्स विभाग के मंत्री के पद से हटा दिया गया है। फिलहाल ये तीनों मंत्रालय मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के पास रहेंगे। उल्लेखनीय है कि शिक्षक नियुक्ति भ्रष्टाचार मामले में जांच कर रहे प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के अधिकारियों ने शुक्रवार को नाकतला स्थित पार्थ के घर छापेमारी की थी। वहां उनकी महिला सहयोगी अर्पिता का नाम पता मिला था, जहां छापेमारी करने के बाद ईडी के अधिकारियों ने 22 करोड़ रुपये नकद, 79 लाख के जेवर, 20 मोबाइल फोन और विदेशी मुद्रा बरामद हुई थी। उसके बाद से अर्पिता और पार्थ ईडी की हिरासत में हैं।

ममता के इस्तीफे की मांग को लेकर कोलकाता में भाजपा ने की रैली

पश्चिम बंगाल में शिक्षक नियुक्ति भ्रष्टाचार मामले को लेकर भारतीय जनता पार्टी सड़कों पर उतर गई है। प्रदेश भाजपा के वरिष्ठ नेताओं की अगुवाई में कॉलेज स्क्वायर से धर्मतल्ला तक निकाली गई रैली में शुभेंदु अधिकारी, राहुल सिन्हा समेत अन्य नेता उपस्थित थे।पार्टी ने अपने कार्यक्रम की सारी जानकारी पुलिस को पहले से दी थी इसीलिए सुरक्षा की चाक-चौबंद व्यवस्था की गई थी। इसमें शामिल हुए भाजपा के सैकड़ों कार्यकर्ताराज्य सरकार के खिलाफ नारे लिखे हुए बैनर लेकर आए हुए थे। भाजपा कार्यकर्ताओं ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के खिलाफ नारेबाजी की और पार्थ चटर्जी को मंत्रिमंडल से हटाने की मांग की। पार्टी कार्यकर्ताओं ने सड़कों पर जगह-जगह रुककर विरोध प्रदर्शन भी किया है।

इस दौरान राहुल सिन्हा ने कहा कि जिस तरह से ममता बनर्जी के नेतृत्व में सरकार में शामिल एक के बाद एक मंत्री भ्रष्ट निकल रहे हैं वह शर्मिंदा करने वाला है। पार्थ चटर्जी और उनकी महिला सहयोगी के घरों से 50 करोड़ से अधिक की राशि मिल चुकी है। बड़े पैमाने पर सोना और विदेशी मुद्रा भी मिले हैं। ममता बनर्जी को इसकी जिम्मेवारी लेते हुए मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देना चाहिए।

पार्टी नेता करते रहे भ्रष्टाचार और गॉड फादर की तरह संरक्षण देती रहीं मुख्यमंत्री

शिक्षक नियुक्ति मामले में व्यापक भ्रष्टाचार को लेकर माकपा नेता सुजन चक्रवर्ती ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर हमला बोलते हुए एक वीडियो वार्ता जारी किया है। इसमें उन्होंने कहा है कि तृणमूल कांग्रेस के नेता पार्थ चटर्जी की महिला मित्र अर्पिता के एक घर से 22 करोड़ नगद जबकि दूसरे घर से 20 करोड़ रूपए बरामद किए गए हैं। मुख्यमंत्री को इसकी जानकारी ना हो, ऐसा संभव नहीं है। यह एक सामाजिक अपराध हैं। मुख्यमंत्री आपकी पुलिस एवं खुफिया विभाग क्या कर रही थी। आप तो भ्रष्टाचार करने में गॉड फादर की तरह मदद करती थीं। गरीब एवं आम जनता आप पर विश्वास कर रही थी जिसका लाभ उठाकर आपने भ्रष्टाचार को बढ़ावा दिया है। इसका क्या जवाब है। यह बर्दाश्त नहीं किया जा सकता। जनता इसका समाधान चाहती है।

जल्द होगा मंत्रिमंडल विस्तार, तब तक पार्थ का मंत्रालय रहेगा मेरे पास: ममता

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने मंत्रिमंडल से पार्थ चटर्जी को हटाने के बाद जल्द ही मंत्रिमंडल के विस्तार की घोषणा की है।गुरुवार को ममता बनर्जी ने कहा कि पार्थ ”दा” (भैया) को फिलहाल मंत्रिमंडल से मुक्त कर दिया है। जब तक मंत्रिमंडल का विस्तार नहीं होता है, तब तक उनका मंत्रालय मेरे पास रहेगा। मैं कुछ काम नहीं करूंगी। जल्द से जल्द मंत्रिमंडल का विस्तार कर संबंधित विभागों की जिम्मेदारी नए मंत्रियों को सौंप दूंगी।उल्लेखनीय है कि शिक्षक नियुक्ति भ्रष्टाचार मामले में गिरफ्तार पार्थ चटर्जी और उनकी महिला सहयोगी अर्पिता मुखर्जी के घर से करीब 50 करोड़ नगद, तीन करोड़ के सोना-चांदी के गहने, विदेशी मुद्रा और कई अन्य गैरकानूनी सामान बरामदगी के बाद ममता बनर्जी ने पार्थ चटर्जी को मंत्रिमंडल से हटा दिया है।

एसएससी आंदोलनकारियों को अभिषेक ने किया फोन, शुक्रवार को करेंगे मुलाकात

पश्चिम बंगाल में शिक्षकों की नियुक्ति में हुई कथित धांधली के खिलाफ पिछले 500 दिनों से आंदोलनरत एसएससी परीक्षार्थियों को मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के भतीजे अभिषेक बनर्जी ने गुरुवार को फोन किया है। उन्होंने आंदोलनकारियों से मुलाकात करने की इच्छा जाहिर की है। यह जानकारी एसएससी आंदोलनकारियों के नेतृत्व करने वाले लोगों में से एक शहीदुल्लाह ने दी है। उन्होंने बताया है कि अभिषेक बनर्जी ने फोन किया था। उन्होंने मदद का आश्वासन दिया है और शुक्रवार को मिलने को कहा है। अभिषेक ने यह भी कहा है कि वह आंदोलनरत लोगों के पांच-छह प्रतिनिधियों के साथ बैठक करेंगे। हालांकि अभी समय और जगह तय नहीं हुई है।

उल्लेखनीय है कि राज्य के पूर्व शिक्षा मंत्री रहे पार्थ चटर्जी ममता कैबिनेट में ममता के बाद सेकंड इंचार्ज माने जाते थे। अब जबकि शिक्षक नियुक्ति भ्रष्टाचार मामले में उनकी गिरफ्तारी हो गई है और उनकी करीबी अर्पिता मुखर्जी के घर से करीब 50 करोड़ नगद, तीन करोड़ से अधिक के गहने, विदेशी मुद्रा और अन्य गैरकानूनी चीजें बरामद हुई हैं। इसके बाद से गुरुवार दोपहर के समय ही उन्हें मंत्रिमंडल से हटा दिया गया है। अब जबकि अभिषेक बनर्जी ने खुद ही शिक्षक नियुक्ति भ्रष्टाचार के मामले को अपने संज्ञान में लेकर उसके समाधान की पहल की है तो उम्मीद इस बात के लिए बढ़ी है कि अब जल्द ही शिक्षक नियुक्ति में हुई धांधली मामले का समाधान हो सकता है।

ईडी पूछताछ में अर्पिता ने बताया : बरामद रुपये मेरे नहीं पार्थ के हैं

पश्चिम बंगाल में शिक्षक नियुक्ति भ्रष्टाचार मामले में गिरफ्तार मंत्री पार्थ चटर्जी की मुश्किलें और अधिक बढ़ने वाली हैं। इसकी वजह है कि इस मामले में गिरफ्तार उनकी महिला सहयोगी अर्पिता मुखर्जी ने दावा किया है कि उनके आवास से बरामद हुए करीब 50 करोड़ नगदी और सोने-चांदी के सामान उसके (अर्पिता) नहीं हैं बल्कि पार्थ चटर्जी के ही हैं। ईडी के एक सूत्र ने बताया है कि बुधवार और गुरुवार की दरमियानी रात अर्पिता के बेलघरिया स्थित फ्लैट से जो 28 करोड़ नगद मिले हैं उस बारे में नए सिरे से अर्पिता से पूछताछ हुई है। उसने बताया है कि बेलघरिया में मिले 28 करोड़ अथवा इससे पहले गत शुक्रवार रात टॉलीगंज के डायमंड सिटी फ्लैट से मिले 22 करोड़ रुपये से उसका कोई लेना-देना नहीं है।

उसने कहा है कि ये सारे रुपये पार्थ चटर्जी के हैं। इतना ही नहीं उसने चौकाने वाला दावा करते हुए बताया है कि उसके फ्लैट में चटर्जी सप्ताह में तीन-चार दिन आते थे। उनके साथ एक और व्यक्ति होता था। जिस कमरे में रुपये रखा गया था वहां जब पार्थ और वह व्यक्ति होते थे तो उसे (अर्पिता) जाने की अनुमति नहीं होती थी। उसने यह भी बताया है कि जो तीसरा शख्स पार्थ चटर्जी के साथ उनके घर जाता था उसे लेकर पार्थ बेडरूम में भी जाते थे और घंटों तक उसके साथ बैठक करते थे। वहां अर्पिता को बैठक में शामिल नहीं किया जाता था। उसके बाद कई सारे दस्तावेज अर्पिता को देकर पार्थ वापस चले जाते थे। गुरुवार सुबह से ही पार्थ चटर्जी और अर्पिता मुखर्जी को अलग-अलग बैठाकर पूछताछ हो रही है। अब सूत्रों ने बताया है कि ईडी उस तीसरे शख्स के बारे में पता लगाने में जुट गई है।

‘इतना पैसा दो लोगों का नहीं, लूटी गई संपत्ति की रक्षा कर रहे थे : मिथुन

एसएससी भ्रष्टाचार मामला में गिरफ्तार पार्थ चटर्जी की करीबी अर्पिता मुखर्जी के दो फ्लैटों से कुल 50 करोड़ रुपये बरामद किए गए है। इसे लेकर गुरुवार को भाजपा नेता मिथुन चक्रवर्ती ने पार्थ चटर्जी हमला बोला है।मिथुन चक्रवर्ती ने गुरुवार सुबह एयरपोर्ट पर पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि मुझे नहीं लगता कि इन दोनों लोगों के पास इतना पैसा हो सकता है। यहां कई लोगों का पैसा है। सर और मैडम को, मैं विनती करता हूं कि अपने आप को इतना कष्ट मत दीजिए। सबको सच बता दीजिए। दूसरों के लिए इतना कष्ट न उठाएं। वे लूटे गए धन की रक्षा करते थे। इसलिए कहूंगा सबको सच बताओ। अर्थात मिथुन चक्रवर्ती ने इशारों-इशारों में दावा किया कि न केवल पार्थ चटर्जी या अर्पिता मुखर्जी, बल्कि कई अन्य लोग इस घटना के पीछे शामिल थे।

मां, माटी, मानुष का नारा देने वाले अब मनी-मनी कर रहेः मीनाक्षी लेखी

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने गुरुवार को पश्चिम बंगाल की तृणमूल कांग्रेस सरकार पर शिक्षक भर्ती घोटाले को लेकर निशाना साधा है। भाजपा का कहना है कि मां, माटी, मानुष की बात करने वाली पार्टी अब मनी, मनी, मनी (पैसा) कर रही है।भाजपा की नेता एवं विदेश राज्यमंत्री मीनाक्षी लेखी ने गुरुवार को भर्ती घोटाले को लेकर पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की चुप्पी पर सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि हैरानी की बात है कि एक ओर पैसे का अंबार निकल रहा है, वहीं मुख्यमंत्री बनर्जी पूरे मामले पर एकदम चुप बैठी हैं। लगातार नारदा, शारदा चिटफंड, कोयला एवं अब शिक्षक भर्ती जैसे घोटाले सामने आए हैं।

लेखी ने कहा, “आज आप सबके माध्यम से मैं देश की जनता को याद दिलाना चाहती हूं कि जो लोग मां, माटी, मानुष का नारा देते थे। आज वो केवल एक ही आवाज निकाल रहे हैं मनी, मनी, मनी। इस थ्री एम के अलावा उनके पास कहने को कुछ नहीं है।” मीनाक्षी ने मांग की कि प्रवर्तन निदेशालय को शिक्षक भर्ती घोटाले की अच्छी तरह से जांच करनी चाहिए। पता लगाया जाना चाहिए कि पैसा किस-किस तक पहुंचता था। उन्होंने कहा कि अर्पिता मुखर्जी ने कहा था कि पार्थ चटर्जी ने उनके घर को एटीएम बना दिया था। इससे जुड़ा पैसा नीचे से ऊपर तक जाता था। नीचे वाले कौन हैं ये तो समझ में आ गया, लेकिन ऊपर वाले कौन हैं, ये भी सामने आना चाहिए।(वार्ता)(हि.स.)

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